उत्तराखंड की विस्तृत खबर (11 जनवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 11 जनवरी 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (11 जनवरी)

आपदा प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए बनेगा रिवाल्विंग फंडः सीएम 
  • आपदा प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए पांच करोड़ रूपए 
  • स्वरोजगार के लिए पांच करोड़ रूपए का रिवाल्विंग फंड

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देहरादून 11 जनवरी, (निस) । केदारघाटी के आपदा प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए पांच करोड़ रूपए व स्वरोजगार के लिए पंाच करोड़ रूपए का रिवाल्विंग फंड बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास में धाद संस्था के कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि संघर्ष जीवन की नियति है। संघर्ष से ही रास्ता निकलता है। कष्टों का सामना करते हुए जीवनपथ पर आगे बढ़ने वाले बच्चे तरक्की करते हैं, आदर्श नागरिक बनते हैं। सीएम ने कहा कि आपदा से होने वाले दुखों को देखकर मन व्यथित होता है परंतु जब अपने ही बीच से इनकी सहायता के लिए हाथ आगे बढ़ते हैं तो प्रसन्नता का भाव भी आता है। केदारनाथ आपदा से प्रभावित बच्चों की व्यथा को शब्दों में नहीं बताया जा सकता है। हमारा सामाजिक सुरक्षा तंत्र मजबूत नहीं होने से आपदा के शिकार हुए बच्चों व महिलाओं को अपार कष्ट होता है। परंतु इसी समाज में कुछ लोग इनका सहारा बनते है। अभावग्रस्त परिवारों में बड़े हुए बच्चे दृढ़ इच्छा शक्ति के होते हैं। कल यही बच्चे समाज का सहारा बनेंगे। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ‘धाद’ संस्था से पे्ररित होकर अन्य लोग व संस्थाएं भी समाज के प्रति अपने कर्तव्य के लिए आगे आएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में धाद संस्था के माध्यम से केदारघाटी के आपदा प्रभावित बच्चों की शिक्षा का दायित्व लेने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं को सम्मानित करते हुए कहा कि जितनी खुशी उन्हें आज हो रही उसका वर्णन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने धाद संस्था का आभार व्यक्त किया कि उनके अनुरोध पर बच्चों, सहयोगकर्ताओं व अन्य संबंधित व्यक्तियों को एकत्र किया। सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड सबसे तेज गति से बढ़ता राज्य है। हमारी प्रति व्यक्ति आय अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। परंतु यहां लोगों की गरीबी व अभावग्रस्त जीवन भी एक वास्तविकता है। पहले हम सभी अपने गांवों से जुड़े होते थे। अब शहरों में आकर अपने परिवार तक सीमित होकर रह गए हैं। राज्य सरकार ने ‘‘मेरा गांव-मेरा धन’’  सहित विभिन्न योजनाएं प्रारम्भ की हैं जिनके माध्यम से बाहर रह रहे उत्तराखंडवंशी अपने गांवों से जुड़ सकते हैं। राज्य सरकार की नीतियों का लाभ उठाकर पर्वतीय गांवों में छोटे-छोटे उद्योग लगा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ को पुराने वैभव में लाने के लिए दिन रात काम किया जा रहा है। यहां तक कि वर्तमान में -5 डिग्री तापमान पर भी 200 से अधिक लोग काम कर रहे हैं। डीएम, कमिश्नर, वहां लगातार जा रहे हैं। मुख्य सचिव के साथ वे स्वयं वहां गए थे। विपरीत परिस्थितियों में भी अथक प्रयास कर इस तरह का हेलीपैड बनाया गया जहां  पहली बार सबसे बड़े मालवाहक हेलीकाप्टर एमआई 26 को इतनी ऊंचाई पर उतारा गया है। सीएम ने कहा कि दो-ढ़ाई साल में केदारनाथ को पूरी तरह से व्यवस्थित कर दिया जाएगा जो कि केंद्र सरकार द्वारा दी गई समयसीमा से कहीं कम है। गौरतलब है कि धाद संस्था के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं व व्यक्तियों द्वारा लगभग 100 बच्चों की शिक्षा का दायित्व लिया गया है। इन्हीं संस्थाओं व व्यक्तियों व बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक बच्चे से मुलाकात की और बेहतर शिक्षा प्राप्त कर देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की बात कही। सीएम ने ओएनजीसी हिमालय एसोसिएशन, फ्र्रेंड्स आॅफ हिमालया, हिमगिरी सोसायटी, बुरांश यूथ यूनाईटेड, गढ़वाली कल्चरल सोसायटी, सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों व डा.स्वदेश बंसल, डा.विमल नोटियाल, प्यारेलाल उनियाल सहित अन्य व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती रेणुका रावत ने स्वयं की ओर से संस्था को 50 हजार रूपए की सहायता की बात कही। कार्यक्रम में पृथ्वीपाल सिंह चैहान, लोकेश नवानी, प्यारेलाल उनियाल, हर्षमणि व्यास, कमला पंत, दीपा जुगरान, किरण खण्डूड़ी, प्रेम बहुखण्डी, एके सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।  

मदकोट में गोरी नदी के किनारें लगा अवैध क्रेषर
  • पत्थरों के खनन से आपदाग्रस्त मदकोट को खतरा
  • भाजपा ने उठाया मुद्दा, 12 जनवरी को डीएम से मिलेंगे

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देहरादून, 11 जनवरी(निस)।  वर्श 2013 की आपदा से खतरे में आ चुका मदकोट फिर अवैध रूप से लगे क्रेषर के कारण फिर बड़े खतरे में फसंता जा रहा है। बिना षासन की अनुमति के लगे अवैध क्रेषर मषीन के कारण मदकोट को हो रहे खतरे पर चिंता जाहिर करते हुये भाजपा ने 12 जनवरी को जिलाधिकारी से मिलकर षिकायत करने का ऐलान किया। मुख्यमन्त्री की विधान सभा में अवैध क्रेषर के कार्य करने का यह पहला मामला प्रकाष में आया है। अब देखना है कि कांग्रेसी ठेकेदारों द्वारा लगाये गये अवैध क्रेषर मषीन के कारण मदकोट को हो रहे खतरे पर मुख्यमन्त्री की क्या भूमिका रहती है। भाजपा जिला प्रवक्ता और धारचूला ब्लाक के प्रभारी जिला प्रवक्ता मर्तोलिया ने रविवार को गोरी नदी के किनारें लगे अवैध क्रेषर की फोटो जारी करते हुये नियम और कानूनों को ठेंगा दिखाकर कांग्रेसी ठेकेदारों की दादागिरी का नमूना दिखाया। मर्तोलिया ने कहा कि 16-17 जून 2013 की आपदा के बाद मदकोट कस्बे का एक बड़ा हिस्सा खतरे में आ चुका है। सिचाई विभाग द्वारा एक ओर मदकोट को बचाने के लिये बाढ़ सुरक्षा का कार्य चल रहा है और दूसरी तरफ कांग्रेसी ठेकेदारों ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में अवैध रूप से क्रेषर मषीन लगाकर मदकोट को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि क्रेषर मषीन लगाने की षासन द्वारा कोई अनुमति नहीं ली गयी है। पट्टी पटवारी से लेकर मुख्यसचिव तक के अफ्सरों ने आंखों में काली पट्टी बांध ली है। उन्होंने कहा कि मदकोट को बचाना भाजपा का पहला लक्ष्य है। मदकोट कस्बे के लोंगों की सुरक्षा के लिये भाजपा चुप नहीं बैठेगी। मर्तोलिया ने कहा कि सिचाई विभाग के अफ्सरों के साथ ही प्रषासन, पुलिस के अधिकारियों को इस क्रेषर मषीन के लगे होने की जानकारी है। उसके बाद भी अफ्सर कांग्रेसी ठेकेदारों के मदकोट को खतरे में डालने की नियति पर चुप बैठे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री हरीष रावत इस क्षेत्र के विधायक है। मुख्यमन्त्री को भी मदकोट क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कई बार क्रेषर मषीन के लगने से मदकोट को हो रहे खतरे के बारे में जानकारी दी है लेकिन मुख्यमन्त्री भी नहीं चाहते है कि मदकोट का कस्बा आने वाले समय में सुरक्षित रहे। इसी लिए मदकोट में लगे क्रेषर मषीन को अवैध रूप से चलने के बाद भी बन्द नहीं किया जा रहा है। मर्तोलिया ने कहा कि क्रेषर मषीन के लगे होने के कारण नदी तथा आबादी की ओर चट्टानों से पत्थर निकालकर मदकोट को आपदा के खतरे में झौंका जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को जिलाधिकारी एच.सी. सेमवाल से मिलकर इसकी षिकायत की जायेगी।

स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस पर राज्यपाल ने दी बधाई

देहरादून 11 जनवरी, (निस) । उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. के.के.पाॅल ने युवाओं के प्रेरणास्रोत, समाज सुधारक, युवा युगपुरूष स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर सभी नागरिकों विशेषतः युवाओं को बधाईं एवं शुभकामनायें दी है। ‘राष्ट्रीय युवा दिवस‘ (12 जनवरी) के रूप में  मनाये जाने वाले उनके जन्म दिवस के अवसर पर स्वामी जी केा श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा- ‘उनके महान दर्शन, सिद्धान्त, आध्यात्मिक विचार और आदर्शो में युवाओं में नई शक्ति और ऊर्जा का संचार करने की असीम शक्ति हैं। स्वामी विवेकानंद के अनुसार युवावस्था मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवस्था है। इसी अवस्था में युवाओं में अनेक अन्तर्निहित शक्तियाॅ विकसित होती हैं। सफलता के लिए युवाओं को धैर्य, सहिषुणता, व्यवहार में शुद्धता, निष्पक्षता तथा आपसी स्नेह भाव से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना होगा। युवाओं के बल, बुद्धि, पवित्र व निस्वार्थ सेवा से ही देश का पुनरोत्थान सम्भव है।‘‘ राज्यपाल ने युवाओं का आह्वाहन करते हुए यह भी कहा- ‘‘अपनेे गुरूजनों, अपनी परम्पराओं का सम्मान करें तथा समता के सिद्धांत पर चलकर अपनी प्रतिभा, क्षमता, दक्षता, कर्मठता व ईमानदारी से अर्जित ऊर्जा को निर्भीकता से समाज के कल्याण में लगायें। मुझे पूरा विश्वास है कि ज्ञान, भौतिक समृ़िद्ध व आध्यात्मिकता के मेल से समृद्ध युवा शक्ति देश की तकदीर बदल कर भारत को आदर्श विश्व शक्ति के रूप में स्थापित कर सकती है।‘‘

जयपुर के 35 छात्रों ने गुच्चु पानी मे चलाया सफाई अभियान
  • द राॅयल एस्केप जयपुर व रियो रिजोर्ट गुच्चु पानी के नेतृत्व की गई सफाई

देहरादून 11 जनवरी, (निस) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में जहां देश के संस्थान एवं समाजसेवी जुटे हुए हैं तो वहीं शनिवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित बीटेक स्टूडेंटस आॅपफ ग्लोबल काॅलेज टेक्नोलोजी के 35 छात्र-छात्राओं ने भी संजीव कुमार अग्रवाल व संजीव भट्नागर के संयुक्त नेतृत्व में गढ़ी कैंट स्थित गुच्चु पानी पर्यटक स्थल में जाकर स्वच्छता अभियान पांच घण्टे तक चलाया और यह संदेश दिया कि स्वच्छता से दूर नहीं होना चाहिए। स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने से ही भारत एक सुदंर एंव आकृषित देश बन सकेगा। दून के पर्यटक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले गुच्चु पानी पर्यटक स्थल में शनिवार को ग्लोबल काॅलेज आॅपफ टेक्नोलोजी जयपुर के 35 छात्र-छात्राओं ने सुबह पहुंचे। उन्होने पर्यटक स्थल के अंदर पहुंच कर जहां विभिन्न स्थानों पर सफाई अभियान हाथों में झाडू लेकर चलाया तो वहीं उन्होने नदी के अंदर पहुंच कर भी कूडा-कचरा बोरो में भर कर बाहर निकाला। इस अवसर पर संस्थान से जुडे व द राॅयल एस्केप के संजीव भट्नागर ने बताया कि छात्रों में भी स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूकता तेजी के साथ बढ़ रही हैं इसी उद्देश्य को लेकर ग्लोबल काॅलेज आॅफ टेक्नोलोजी जयपुर के 35 छात्र-छात्राओं ने देहरादून के पर्यटक स्थल गुच्चु पानी में पहुंच कर स्वच्छता अभियान चलाया और जगह-जगह से प्लास्टीक कचरे व अन्य गंदगी को बाहर निकाला। सपफाई स्वच्छता अभियान में संजीव राजौरिया, रामनंदन राय, कुमारी मान्या, आशीष कुमार, कुलदीप कुमार, कुमारी काजोल, कृतिका, पारूल, बंसत, हिमांशु, जितिन आदि शामिल रहे।

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