कांग्रेस के मंथन षिविर पर भाजपा का वार
- पीडीएफ को सरकार से हटाओ व पीडीएफ को बचाओ में उलझा मंथन षिविर: भट्ट
देहरादून,12 जनवरी(निस)। नेता प्रतिपक्ष, उत्तराखण्ड विधान सभा श्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रदेष सरकार दो धड़ांे की बंटी व वर्चस्व की लड़ाई में फसी हुई है। कांगे्रस के दो दिनी मंथन षिविर में एक धड़ा पीडीएफ(पिपुल डेमोक्रेटिक फ्रंट) हटाओ तो दूसरा धड़ा पीडीएफ बचाओ में ही उलझा रहा। इस मंथन षिविर में कई वरिश्ठ कांगे्रसी पीडीएफ को हटाने के बहाने केबिनेट में अपनी जगह बनाने की जुगत में लगे रहे। इससे स्पश्ट हो गया कि सरकार को केवल अपनी ही चिंता है, उसे प्रदेष की जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। श्री भट्ट ने कहा कि कांगे्रस के भीतर दो धड़ों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का खामियाजा प्रदेष की जनता को भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री की घोशणायें अधर में लटकी हैं। ठण्ड से लोगों की जान आफत मंे बनी हुई है, निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, सड़कें खस्ताहाल हैं, लोगों को पीने का पानी तक मुहैया नहीं हो पा रहा है। प्रदेष के 100 से भी ज्यादा गाॅवों भी आज भी बिजली व्यवस्था ठप पड़ी हुई है, किन्तु सरकार को केवल अपनी ही सुख-सुविधाओं से ही मतलब है। उन्होंने कहा कि कांगे्रस को चाहिए कि वह मंथन षिविरों एवं आपसी लड़ाई में अपना समय बर्बाद करने के बजाय, प्रदेष के विकास की ओर ज्यादा ध्यान दे तथा प्रदेष की जनता की समस्याओं की भी सुध ले। अच्छा होता कि इस मंथन षिविर में प्रदेष के विकास एवं जनता की समस्याओं के सम्बन्ध में मंथन होता, किन्तु इस मंथन षिविर में आपसी लड़ाई और सत्ता सुख मिलने और न मिलने पर ही चर्चा ज्यादा हुई। यह प्रदेष का दुर्भाग्य नही ंतो और क्या है। उन्हांेने कहा कि कांगे्रसनीत सरकार के कार्यकाल में भ्रश्टाचार चरम पर है तथा अपराधियों के हौसले इतने बुलन्द हैं कि वह पुलिस से हथियार छीन कर खुलेआम फरार हो रहे हैं तथा प्रदेष पुलिस खाली खाक छानती नजर आ रही है। श्री भट्ट ने कहा कि पी.डी.एफ. को कांगे्रस का झुनझुना बनने से अच्छा होगा कि वह बार-बार अपमानित होने से अपने आत्म सम्मान की रक्षा के लिए सरकार से स्वतः ही इस्तीफा दे दें ताकि कांगे्रस सरकार द्वारा हो रही प्रदेष की इस दुर्गति के लिए, वह भागीदार होने से बच सकें।
राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं मुख्य सचिव
देहरादून,12 जनवरी(निस)। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. के.के.पाॅल से आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने अपने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भेंट की। भेंटवार्ता के दौरान राज्यपाल की अपेक्षानुसार मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रदेश में संचालित प्रमुख योजनाओं, प्राथमिकताओं तथा चुनौंतियों के विषय में विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ सहित सभी आपदा प्रभावित जनपदीय क्षेत्रों में जारी पुनर्निर्माण व पुनर्वास कार्यों, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग, स्कूलों में विद्यार्थियों के सापेक्ष शिक्षकों की उपलब्धता के अनुपात आदि की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री से प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश में पर्यावरण की अनुकूलता की दृष्टि से राज्य मंे सोलर ऊर्जा को सर्वाधिक व्यावहारिक एवं उपयुक्त बताते हुए उसे प्रोत्साहित करने तथा बड़ी विद्युत परियोजनाओं की अपेक्षा माइक्रोहाइडिल परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं तथा चुनौतियों की जानकारी दिए जाने के दौरान अर्द्धकुंभ, ‘नमामि गंगे’ तथा बार्डर रोड सम्बन्धी कार्यों में अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता की बात भी कही गई। राज्यपाल ने जनसमस्याओं से सम्बन्धित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए आवेदनों व प्रार्थना पत्रों के कम्प्यूटराइजेशन को जरूरी बताया। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ मंत्री डा. श्रीमती इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, दिनेश अग्रवाल,मंत्री प्रसाद नैथानी, उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव एन.रविशंकर, अपर मुख्य सचिव एस.राजू व राकेश शर्मा, सचिव राज्यपाल अरूण ढौंडियाल आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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