पर्यटन की हालात सुधारने के दावे धड़ाम
देहरादून, 28 जनवरी । उत्तराखंड में पर्यटन की हालात सुधारने के दावे धड़ाम साबित हो रहे हैं। चैदह साल बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उत्तराखंड राज्य का प्रमुख अंग माने जाने वाले पर्यटन पर बजट की मार पड़ी है। सरकार की उपलब्धियों पर भले ही तमाम विज्ञापन जारी किए जा रहे हो। लेकिन प्रदेश के पर्यटन की हालात सुधारने के लिए पैसे की कमी आड़े आ रही है। हालात यह है कि उपलब्धियों में गिनी गई पर्यटन ग्राम कलस्टर योजना भी पैसे के कमी के चलते ठीक ढंग से लागू नहीं हो पा रही है। यह हालात तब हैं जब शाही सुख-सुविधाओं के खर्चे पर दिल खोलकर पैंसा खर्च किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य को बने हुए चैदह साल बीत गए हैं लेकिन अभी तक पर्यटन को विकसित करने की पहल धीमी गति से ही आगे बढ़ रही है। हालात यह है कि राज्य की आय का प्रमुख अंग माने जाने वाले पर्यटन की हालात सुधारने में शासन स्तर पर भी कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। यही नहीं पर्यटन को बढाने के लिए जो योजनांए बनाई गई है। उनमें से अधिकांश धन की कमी के चलते फाईल से बाहर नहीं आ पा रही हैं। यही नहीं उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना भी शासन की बेरूखी और पैसे की कमी के चलते तेजी से आगे नहीं बढ़ पाई है। हालात यह है कि पर्यटन विभाग से बजट का प्रस्ताव भेजने के बावजूद भी पैसे को आवंटन में कंजूसी दिखाई गई है। बताते चले कि उत्तराखंड ग्रामीण पर्यटन योजना का उददेश्य प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन को बढ़ाना देना है। जिसके पीछे पलायन रोकने का भी उददेश्य है। तीन स्तर पर इस योजना को लागू किया जाना बताया जा रहा है। पर्यटन विभाग का कहना है कि शासन को इस योजना के लिए साड़े तेरह करोड़ का बजट प्रस्ताव किया गया था। लेकिन विभाग को केवल पचास लाख रूपए ही अभी तक प्राप्त हुए हैं। पैसे की कमी के चलते योजना की गति पर प्रभाव पडने की बात सामने आ रही है। पर्यटन विभाग की ऐसी कई योजनांए हैं जो पैसे की कमी के चलते पूर्ण रूप से धरातल पर नहीं उतर पा रही है। टिहरी लेक सौन्दर्यकरण का भी अमूमन यही हाल है। पहले चरण में जो धनराशी प्रदान की गई है उससे केवल साहसिक गतिविधयां पर भी ज्यादातर खर्च किया जा रहा है। जबकि अन्य योजनाओं के लिए धन की कमी आड़े आ रही है। पर्यटन ग्राम कलस्टर योजना सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। लेकिन इस योजना में भी नौकरशाही की उदासीनता देखी जा रही है।
राष्ट्रीय खेलों की कार्य योजना हो जल्द तैयारः सीएम
देहरादून, 28 जनवरी (निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्ष 2018 में प्रदेश मे आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन व्यवस्था संबंधी कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा हैं। उन्होंने हल्द्वानी व देहरादून में बन रहे अन्र्तराष्ट्रीय स्टेडियमों के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही स्पोर्टस कालेज में भी अवश्यकतानुसार सुविधाओं के विकास पर बल दिया हैं। राष्ट्रीय खेलों में जिन 32 खेलों का आयोजन होना हैं वे प्रदेश में कहा कहा आयोजित होंगे इसकी भी रूप रेखा बनायी जाय। देहरादून व हल्द्वानी में बनने वाले खेल गांवो के लिए भूमि की व्यवस्था के साथ ही कार्यदायी संस्था के चयन आदि की कार्यवाही भी शीघ्र अमल में लाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं। बीजापुर अतिथिगृह में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की व्यवस्थाओं के संबंध में खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल, अध्यक्ष उत्तराखण्ड ओलंपिक एशोसियेशन राजीव मेहता की उपस्थिति में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए कन्सलटेन्ट की नियुक्ति तथा खेल प्रशिक्षको, राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग कर चुके खिलाडि़यों व विभिन्न फेडरेशनों की भी शीघ्र बैठक बुलाई जाय तथा उनसे सुझाव प्राप्त किये जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्ष 2015 में विभिन्न आंतरिक खेलों के टूर्नामेंट ग्रामीण, ब्लाक व जनपद स्तर पर आयोजित किये जाय, इसके पश्चात राज्य स्तर पर इनकी प्रतियोगितायें आयोजित हों, यह प्रयास हो कि हमारे युवा राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक मेडल हासिल करने में कामयाब हो सकें। उन्होंने कहा कि कबड्डी, कुश्ती, बालीवाल, खो-खो आदि की प्रतियोगितायें भी प्रदेश में आयोजित की जाये इसके लिए ओलंपिक एसोशियेसन का भी सहयोग लिया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों की प्रतिस्पर्धा के लिए कलेण्डर बनाया जाय, साथ ही युवाओं में खेल के प्रति और उत्साह पैदा किया जाय। मुख्यमंत्री श्री रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों में भी खेल सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने की बात कही। मुन्स्यारी, पौड़ी आदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों मंे निर्मित किए जा रहे स्टेडियमों में सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित हो। इन्हें ट्रेनिंग सेंटर के रूप में भी संचालित किया जाए ताकि राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों का यहा भी आयोजन हो सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का जो मौका प्रदेश को मिला हैं, उसका उपयोग खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास में किया जाय ताकि अधिक से अधिक युवाओं में खेलों के प्रति रूझान पैदा करने में मदद मिल सकें। उन्होंने कहा कि 2016 में प्रदेश में कुछ राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए ताकि आगे इन खेलों में प्रदेश के खिलाडी अच्छा प्रदर्शन कर सकें। स्थानीय संस्थाओं से भी खेल सुविधाओं के विकास में सहयोग लिया जाय। उन्होंने खेलों के आयोजन के लिये आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने को कहा। बैठक में खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष केरल में हो रहे राष्ट्रीय खेलों की व्यवस्थाओं आदि का जायजा लेने के लिए भी अधिकारियों को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर खेल सुविधाओं के विकास के लिए उनके द्वारा भी नियमित रूप से समीक्षा की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री को भी पत्र भेजने का अनुरोध किया। उत्तराखण्ड ओलंपिक एसोशियेसन के अध्यक्ष राजीव मेहता ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन व्यवस्थाओं में एशोसियेसन की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले कुछ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी एशोसियेशन मददगार बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत, मुख्य सचिव एन रविशंकर, सचिव वित्त अमित नेगी, प्रभारी सचिव एवं निदेशक खेल शैलेश बगोली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जन संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन
देहरादून, 28 जनवरी(निस)। जन संघर्ष मोर्चा ने दून घाटी में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा जनता को अव्यवहारिक मानकों का भय दिखाकर क्षेत्र की जनता का आर्थिक व मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन दून वैली नोटिफिकेशन के द्वारा क्षेत्र की संवेदनशीलता के उद्देश्य से किया गया था लेकिन हैरानी की बात यह है कि प्राधिकरण अपने मुख्य उद्देश्य से भटक गया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का काम गरीबों को तंग कर चैथ वसूली तक समिति रह गया है। विभाग का काम क्षेत्र में गरीबों द्वारा बनाये जा रहे एक दो कमरे का छोटा घर बनाने वाले लोगों से लूट खसोट करना है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो गरीबों को लूटा जा रहा है तो वही दूसरी और अमीरों को खुली छूट प्राधिकरण दे रहा है। जिसके एवज में प्रतिमाह लाखों रूपये क्षेत्र के लोगों से लूटा जा रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा माफियाओंध् बिल्डरों से मोटी रकम लेकर मात्र खाना पूर्ति करने के उद्देश्य से नोटिस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि नोटिस भेजने वाले अधिकारियों का तबादला होने के उपरान्त दूसरे स्थानान्तरित होकर आये अधिकारियों द्वारा उनकी पत्रावली को पुनरू जीवित कर भय दिखाया जाता है। फिर मोटी रकम देकर मामला शांत कर दिया जाता है। इतना सब होने के बाद भी उनका नक्शा न तो पास होता है और न ही सरकार को कोई राजस्व मिलता है। इस खेल में सिर्फ अधिकारियों की ही मोटी कमाई होती है। उन्होंने मांग की कि प्राधिकरण द्वारा क्षेत्र की जनता से लूटपाट एंव कडे मानकों के मामले में प्राधिकरण का अस्तित्व समाप्त करने अथवा मानकों मेे शिथिलता प्रदान करने की मांग की। इस मौके पर आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, पीन्नी शर्मा, हाजी असद, डब्बू जैन, ईश्वर सिंह, राजेश सिंघल, संजय सैनी आदि मौजूद थे।
यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां
देहरादून, 28 जनवरी(निस)। एक ओर दून में तेज रफ्तार लोगों की जान की दुश्मन बनी है ओर दूसरी ओर यातायात पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मेहरबान बनी है। नो पार्किंग स्थानों पर गाडि़यां पार्क की जा रही है और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है। हालात यह है कि सीपीयू पुलिस भी केवल दोपहिया वाहनों तक सीमित हो गई है। राजधानी में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में दून पुलिस विफल दिख रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार रस ड्राईविंग के चलते दुर्घटना होने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार वालों पर कार्यवाही की जा रही है। लेकिन जिस तरह से यातायात पुलिस और सीपीयू पुलिस की कार्यवाही ज्यादातर दोपहिया वाहनों पर की जा रही है। उसको देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि कर्मशियल वाहनों और हैवी वाहनों पर किस तरह से मेहरबानी दिख रही है। यही नहीं राजधानी में विभिन्न जगहों पर नो पार्किंग में खड़ी गाडि़यां पर पुलिस की नरमी साफ देखी जा सकती है। चैराहों पर पुलिस तैनात होने के बावजूद भी सिग्नल तोड़कर वाहन चालक निकल रहे हैं और पुलिस तमाशबीन होकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को निहार रही है। यातायात को सुव्यस्थित करने और तेज रफ्तार पर बे्रेक लगाने को पुलिस के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
सूबे में खनन पर मचा हल्ला
देहरादून, 28 जनवरी(निस)। सूबे में खनन पर हल्ला मचा हुआ है। सीएम अवैध खनन पर सख्ती बरतने का दावा कर रहे हैं। लेकिन खनन माफिया सेटिंग-गेटिंग में लगे हुए हैं। चर्चा यहां तक है कि खनन पर कई राजनेताओं की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। यही नहीं सीएम के सख्ती के संदेश के बावजूद भी खनन के मानकों की धाज्जियां उड़ाई जा रही है। खनन पर मचा हल्ला का प्रमुख कारण सरकार द्वारा लागू की गई खनन नीति है। सूत्रों की माने तो इस नीति के जरिए ही बाहर के कई खनन माफियाओं ने यहां अपनी धमक दिखानी शुरू की है। खनन पर सरकार की चुप्पी पर उंगली उठ रही है और सीएम कह रहे हैं कि उनके कार्यकाल में कोई खनन पट्टा आवंटित नहीं किया गया है। सवाल उठ रहा है कि जब सीएम अवैध खनन पर सख्त हैं तो खनन माफियाओं के हौसले बुलंद कौन कर रहा है। गढ़वाल से लेकर कुमांऊ क्षेत्र में खनन का बड़ा कारोबार है। जाहिर है कि खनन से राज्य की आमदनी भी होती है। लेकिन चोरी-छिपे खनन से राजस्व का नुकसान हो रहा है। खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अवैध खनन निरोधक सतर्कता इकाई का भी गठन किया गया है। प्रदेश में खनन एक मोटी कमाई का जरिया बनता जा रहा है। जाहिर है इसमें कई खनन माफिया सफेदपोश लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। खनन को लेकर कई बार सरकार की किरकिरी होने के बावजूद भी सीएम हरीश रावत अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।
पेंशनधारकों ने डीएम कार्यालय मेें किया प्रदर्शन
देहरादून, 28 जनवरी(निस)। समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धा व विधवा पेंशन न जारी किये जाने के खिलाफ यमुनाकॉलोनी के स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता व पूर्व पार्षद सचिन गुप्ता ने कहा कि वार्ड में कई महीनों से न तो वृद्धा पेंशन और न ही विधवा पेंशन दी जाने से लोगों को समस्या हो रही है। उन्होंने कहा वार्ड में कई बुजुर्ग ऐसे है जो लम्बे समय से चक्कर काट रहे है जिसके बाद भी समाज कल्याण विभाग उनकी पेंशन जारी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण के इस रवैये के कारण स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा व्याप्त है। उन्होंने कहा कि केवल स्थिति यहीं तक गंभीर नहीं है कई वार्डो में तो समाज कल्याण विभाग वृद्धा पेंशनधारकों का पंजीकरण तक नहीं कर रहा है। सचिन गुप्ता ने कहा कि समाज कल्याण इसके बाद भी अगर जल्द ही पेंशन के प्रति लापरवाही बरतेगा तो वे उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगे। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों में कई पेंशन धारक मौजूद थे। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग केवल चक्कर कटवा रहा है। पेंशन न आने से बुजुर्गो और विधवाओं को समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिससे विभाग अनदेखा कर रहा है। इस मौके पर ज्योति, विरेन्द्र, प्रदीप, कुसुम कुमारी, सुमन, महमूद, दयासागर, संजय शर्मा, अजय आदि मौजूद थे।
पुलिस ने दबोचा लुटेरा, सीसीटीवी ने बचाई लाज
देहरादून, 28 जनवरी(निस)। दिनदहाड़े होने वाली घटनाओं को रोक पाने में पुलिस भले ही नाकामयाब साबित हो रही है लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी जरूर पुलिस की लाज बचा रहे हैं। वैश्य नर्सिंग होम के बाहर बीते रोज हुए लूट के प्रयास में पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया है जबकि उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी में बाईक की पहचान कर ली गयी थी जबकि बाईक सवारों के चेहरे भी साफ देखने में आए थे। लूट की पूरी योजना वैश्य नर्सिंग होम में काम करने वाले ही एक युवक ने बनाई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गत रोज दिनदहाड़े वैश्य नर्सिंग होम के मैनेजर नयाराम सिंह से एक बदमाश ने बैग छीनने का प्रयास किया था जबकि इसका दूसरा साथी कुछ ही दूरी पर काले रंग की पल्सर बाईक लेकर खड़ा था। नर्सिंग होम से एक बैग में साढे चार लाख रूपए लेकर जैसे ही मैनेजर नयाराम सिंह बाहर निकले तभी एक युवक ने उनकी आंखों पर मिर्च डाल दी और बैग छीनने का प्रयास किया लेकिन नयाराम सिंह ने बैग को नहीं छोड़ा। इसी छीना झपटी में बैग में रखे नोट बैग फट जाने के कारण नीचे गिर गए लेकिन मैनेजर द्वारा हल्ला मचाए जाने पर बदमाश वहां से भागा और कुछ ही दूरी पर बाईक लेकर खड़े अपने एक साथी के साथी के साथ फरार हो गया। दिनदहाड़े हुई इस लूट के प्रयास की योजना से पुलिस के भी हाथ पैर फूल गए जबकि कुछ घंटों पहले तक ही पूरे जनपद में कड़े सुरक्षा प्रबंधों से ही पुलिस फारिग हुई थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी युवकों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे पाया। घटना का पटाक्षेप करने के लिए पुलिस के पास वैश्य नर्सिंग होम के बाहर लगा सीसीटीवी की एकमात्र सहारा रह गया था और इसी सीसीटीवी की फुटेज से पुलिस को मदद भी मिली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने काले रंग की पल्सर की भी शिनाख्त कर ली और एक आरोपी को देर रात धर दबोचा। सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश से भी इस युवक की तस्वीर मेल खा रही है। सूत्र कहते हैं कि यही युवक नयाराम पैडेह्लाल से रूपयों से भरा बैग छीनने में शामिल था। इसके दूसरे साथी के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है और यह जानने का भी प्रयास किया जा रहा है कि इन लोगों के द्वारा पूर्व में दून में अन्य घटनाएं भी अंजाम दी गयी हैं या नहीं।

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