दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक डी. रामानायडू नहीं रहे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 19 फ़रवरी 2015

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक डी. रामानायडू नहीं रहे

दादासाहेब फाल्के और पद्मभूषण पुरस्कार विजेता जाने-माने तेलुगू फिल्म डायरेक्टर डी. रामानायडू ने बुधवार को अंतिम सांस ली. वह 79 साल के थे. रामानायडू को ज्यादातर भारतीय भाषाओं में फिल्में बनाने का श्रेय जाता है.

'प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवा रहे रामानायडू का एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. उनके पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उनके स्टूडियो में रखा गया है.

रामानायडू का जन्म 6 जून, 1936 को हुआ था. उन्होंने 1963 में तेलुगू फिल्म 'अनुरागम' से बतौर सह-निर्माता अपना करियर शुरू किया. उसके अगले साल उन्होंने तेलुगू फिल्म 'रामुडू भीमुडू' से फिल्म डायरेक्टर के रूप में अपनी पारी शुरू की. उन्होंने रामानायडू कलर लैब और सिने विलेज के बाद 1989 में रामानायडू स्टूडियो लॉन्च किया. अपने पांच दशकों से लंबे करियर में उन्होंने 20 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 130 से ज्यादा फिल्में बनाईं. हिंदी में उन्होंने 'प्रेम नगर', 'दिलदार', 'मकसद', 'इंसाफ', 'तोहफा', 'अनाड़ी' और 'हम आपके दिल में रहते हैं' सरीखी फिल्में बनाईं. रामानायडूने तमिल, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, पंजाबी और इंग्लिश भाषा में भी फिल्में बनाईं.

रामानायडू को नंदी और फिल्मफेयर पुरस्कारों के अलावा 2009 में दादासाहेब फाल्के और 2012 में पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. 1999 और 2004 के बीच वह तेलुगू देशम पार्टी से जुड़े. रामानायडू के परिवार में बेटे सुरेश बाबू और वेंकटेश डग्गूबाती और पोते राणा और नागा चैतन्य हैं.


 

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