हिमाचल की विस्तृत खबर (07 फ़रवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 7 फ़रवरी 2015

हिमाचल की विस्तृत खबर (07 फ़रवरी)

टीशू कल्चर विधि द्वारा पौधों के गुणात्मक उत्पादन पर बल: श्रीमती स्टोक्स

शिमला, 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  बागवानी मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स ने आज सोलन जिले के चायल के महोगबाग में स्थित आदर्श पुष्प केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पॉलीहाउसों में हो रही विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती का जायजा लिया। श्रीमती स्टोक्स ने महोगबाग में वर्ष 2008 से चल रही टीशू कल्चर प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बागवानी मंत्री ने टीशू कल्चर विधि द्वारा फूलों के गुणात्मक उत्पादन में विशेष रूचि दिखाई। इस प्रयोगशाला में टीशू कल्चर विधि से फूलों की विभिन्न प्रजातियां जैसे ग्लॉक्सनिया, कार्नेशन और लीलियम इत्यादि के अतिरिक्त सेब की एमएम-111 व एम-793 किस्मों के रूट स्टॉक तैयार किए जाते हैं। श्रीमती स्टोक्स ने कहा कि वर्ष 2014-15 में प्रदेश भर में बागवानों को टीशू कल्चर विधि से तैयार सेब के 12000 पौधे उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त बागवानों को प्रयोगशाला में तैयार की गई फूलों की विभिन्न प्रजातियां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।श्रीमती स्टोक्स ने इस पुष्प आदर्श केन्द्र को बागवानों के लिए प्रशिक्षण केन्द्र के तौर पर भी विकसित करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें पुष्प उत्पादन की नवीनतम एवं वैज्ञानिक तकनीकी की जानकारी प्रदान की जा सके। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान केन्द्र में ही बागवानों की रहने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने टीशू कल्चर विधि से और अधिक पौधे तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा इस सन्दर्भ में अधिकारियों को समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए।इस अवसर पर बागवानी मंत्री से मिलने आए क्षेत्र के बागवानों ने उन्हें क्षेत्रवासियों द्वारा महोगबाग में की जा रही फूलों की उन्न्त खेती के बारे में अवगत करवाया। बागवानों ने उनसे दिल्ली के कुंडली बार्डर पर उपलब्ध प्रदेश सरकार की भूमि पर फूल मण्डी के निर्माण का आग्रह किया ताकि प्रदेश के बागवानों को अपनी उपज के विपणन के लिए सही मंच उपलब्ध हो सके। बागवानी मंत्री ने बागवानों की मांग पर गौर करने का आश्वासन दिया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश विपणन समिति के उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर और निदेशक बागवानी विभाग डा. गुरदेव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

वित्तीय कुप्रबन्धन बारे खुली बहस की चुनौती
  
शिमला, 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।    हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री कुलदीप पठानिया ने भाजपा विधायक श्री रणधीर शर्मा को राज्य में वित्तीय कुप्रबन्धन बारे खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कांग्र्रेस नहीं बल्कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत राज्य कोष पर 1200 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ डाला और इस उत्तरदायित्व को वर्तमान सरकार निभा रही है। उन्होंने कहा कि अपनी गल्तियों को स्वीकार करने के बजाए भाजपा प्रदेश में वित्तीय स्थिति को लेकर कांग्रेस पर दोष मढ़ रही है। आज यहां जारी वक्तव्य में श्री पठानिया ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री प्रेम कुमार धूमल 13वें वित्त आयोग द्वारा प्रदेश की प्रतिबद्ध देनदारियों के कम आंकलन बारे भलीभांति जानते थे, लेकिन चुनावी वर्ष में भाजपा ने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया और न ही इस दिशा में कोई ठोस प्रयास किए। श्री धूमल अच्छी तरह से जानते थे कि आयोग ने देश के अन्य राज्यों के लिए 13वें वित्तायोग में पूर्व की अपेक्षा 126 प्रतिशत की बढ़ौतरी की अनुशंसा की थी, जबकि हिमाचल के मामले में यह वृद्धि महज 50 प्रतिशत थी, जोकि देश भर में सबसे कम थी। श्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में पूर्व भाजपा सरकार ने लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य क्षेत्रों में कम प्राथमिकता वाले कार्यों में अधिक खर्च किया, जिससे न आम जनता को लाभ हुआ और न ही इससे प्रदेश का विकास हुआ। पठानिया ने श्री रणधीर शर्मा से सवाल किया कि आज वह अध्यक्ष व उपाध्यक्षों पर अत्याधिक खर्चे की बात कर रहे हैं, लेकिन श्री शर्मा बताएं कि भाजपा सरकार के दौरान स्थिति क्या थी, जब ऐसे लोगों को हिमाचल पथ परिवहन निगम, वन निगम और हिमुडा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाया गया था, जिन्होंने कभी चुनाव तक नहीं लड़ा था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कुछ लोगों को खुश करने के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद बांटे थे, जिन्होंने कभी चुनाव तक नहीं लड़ा था और यदि लड़ा भी तो उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी। श्री रणधीर शर्मा के बयान को हास्यास्पद बताते हुए श्री पठानिया ने कहा कि वर्तमान में उन लोगों को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष बनाया गया है, जो सरकार में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं और चुनाव जीतने में बहुत कम अंतर से पीछे रहे तथा ये लोग भाजपा विधायकों के मुकाबले कहीं अधिक अनुभवी हैं। श्री पठानिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि 323 करोड़ रुपये की 80 किलोमीटर लम्बी ठियोग-हाटकोटी-रोहडू, 42 करोड़ रुपये की द्रमण-सिहुंता तथा 154 करोड़ रुपये की घुमारवीं-सरकाघाट डब्बललेन सडक़ परियोजनाएं भाजपा सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण अधर में लटकी रही और तत्कालीन भाजपा सरकार ने इन परियोजनाओं के कार्यों को गति देने की जरूरत तक नहीं समझी और कहा कि अब भाजपा इन कार्यों में देरी के लिए वर्तमान सरकार को दोष देना हास्यास्पद है। उन्होंने श्री रणधीर शर्मा से पूछा कि क्या पूर्व भाजपा सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान इतनी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य एवं शिक्षण संस्थान खोले थे, जितने वर्तमान सरकार ने केवल अपने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान खोले हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने गत दो वर्षों के दौरान सात नागरिक अस्पताल, 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और बहुत से स्वास्थ्य उप-केन्द्र खोले हैं। इसके अतिरिक्त, वर्तमान सरकार ने वन रक्षकों के 300 से अधिक पदों को भरा है, 200 चिकित्सकों तथा पैरामैडिकल स्टाफ के अलावा स्वास्थ्य विभाग में 145 सहायक प्रोफेेसरों के पद भरे हैं। श्री पठानिया ने पूछा कि भाजपा ने 1998 से 2003 और इसके बाद 2007 से 2012 के अपने कार्यकाल के दौरान विकास के नाम पर लोगों को गुमराह करने और अपने विरोधियों पर झूठे मामले बनाने के अलावा क्या किया।श्री पठानिया ने कहा कि विगत दो वर्षों के दौरान प्रदेश में 717 नए स्कूल खोले अथवा स्तरोन्नत करने के अतिरिक्त 17 नए महाविद्यालय खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों के दौरान प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास को भाजपा के शासनकाल से कोई तुलना नहीं है, जिन्होंने विकास के नाम पर कुछ भी नहीं किया।उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकाल में बेरोजगारी चरम सीमा पर थी, 149 स्कूलों को बन्द किया गया और इसके अतिरिक्त अनेकों कार्यशील पद रिक्त थे तथा स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ नहीं था।श्री पठानिया ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस को सामने आएं।

मुख्यमंत्री 12 फरवरी को करेंगे तहसील कल्याण कार्यालय का शुभारंभ-पठानिया

धर्मशाला, , 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  उपाध्यक्ष, वन निगम, केवल सिंह पठानिया ने आज धौलाधार होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जिला कांगड़ा के लिए जो घोषणाएं व वायदे किए थे, उनको पूर्ण कर दिया गया है। जबकि कांगड़ा जिला में दूसरे चरण का शीतकालीन प्रवास 12 फरवरी को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में तहसील कल्याण कार्यालय का उद्घाटन करेंगे तथा शाहपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लंज में महाविद्यालय, पीएचसी को सीएचसी का दर्जा तथा बैंक शाखा, स्वतंत्रता सेनानी के घर को भरूपलाहड़ से सिम्बलबल्ला तक पक्का रास्ता, मिडल स्कूल भलेड़ को हाई स्कूल का दर्जा, स्कूल भटेच्छ को जमा दो का दर्जा, दरीणी में पशु अस्पताल खोलना, उप-तहसील घोषित करना विकास कार्यों की घोषणा की गई थी जिनको पूरा किया गया है।  इस अवसर पर देवदत्त शर्मा भी उपस्थित थे।

पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी लें भाग - पठानिया

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धर्मशाला, , 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  प्रतिस्पर्धा के इस युग में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। खेलों से जहां मानसिक व शारीरिक विकास होता है, वहीं पर आपसी भाईचारे एवं प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होती है। यह विचार वन निगम के उपाध्यक्षता, श्री केवल सिंह पठानिया ने आज राजकीय कन्या उच्च पाठशाला नेरटी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए स्तरीय शिक्षण संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। श्री पठानिया ने गढ़माता मंदिर के रास्ते के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्कूल के पुराने कमरों को डिस्मैंटल करने तीन नए कमरों का प्राक्कलन तैयार को भी कहा। उन्होंने शैक्षणिक, खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरित किए। इससे पहले स्कूल के मुख्याध्यापक नरेन्द्र सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा स्कूल में चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवदत शर्मा, एसएमसी प्रधानी श्रीमती राजेश्वरी राणा, पंचायत प्रधान नेरटी गौतम चंद, मेजर कुलदीप बलौरिया, प्रधान श्रीमती मधुबाला, नीना ठाकुर, तारा चंद, सुखदेव पठानिया, पिंटु परमार, शेर सिंह, कमल कटोच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने को साढ़े 3 करोड़: बुटेल

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धर्मशाला, , 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  जिला कांगड़ा में आतमा परियोजना के तह्त कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में साढ़े 3 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैें। जिससे किसानों को कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन क्षेत्र की में स्वरोजगार की ओर प्रेरित कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके। यह जानकारी विधान सभा अध्यक्ष, श्री बृज बिहारी लाल बुटेल ने कृषि प्रौधोगिकी प्रबंध अभिकरण (आतमा) परियोजना क अंतर्गत ग्राम पंचायत कण्डवाड़ी में एक दिवसीय किसान गोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि किसानों को संबोधित करते हुए दी। विधान सभा अध्यक्ष, ने कहा कि प्रदेश की अर्थवयवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है और प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष और प्ररोक्ष रूप से कृषि से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के आर्थिक विकास और उत्थान के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि कृषि में मशीनीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रदेश सरकार आधुनिक कृषि सयंत्र उपदान पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि आतमा परियोजना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि परियोजना के अंतर्गत किसानों के आर्थिक स्वालंबन, आत्मनिर्भरता एवं खुशहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि कृषि, बागवानी, पशुपालन, खुम्भ, मधुमखी, मत्स्य और रेशम इत्यादि में स्वरोजगार की आपार संभावनाएं है तथा सरकार द्वारा इसके लिए प्रशिक्षण, भ्रमण, बीज, कीटनाशक इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार जापान के सहयोग से 327 करोड़ रुपये से जायका प्रोजेक्ट क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाने का आहवान किया करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दें, और किसानों को खेतीबाड़ी, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन इत्यादि की ओर प्रेरित भी करें। श्री बुटेल ने कहा कि किसान पारमपरिक तरीके को छोडक़र वैज्ञानिक रूप से खेतीबाड़ी करें, जिससे उन्हें आर्थिक रूप अधिक लाभ प्राप्त हो। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने कृषि, आतमा, उद्यान, पशुपालन विभाग एवं दर्जन भर कृषक समूहों द्वारा लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इससे पहले आतमा के परियोजना निदेशक, डॉ0 रिपन सूद ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और जिला में आतमा परियोजना के तहत चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के लिए चयनित किसानों दस-दस हजार और चयनित समूहों को 20 हजार रुपये के ईनाम भी दिये जा रहे हैं। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 मदन दीक्षित, रोशन लाल चौधरी, विजय कुमार, उपप्रधान विजय वालिया, उप निदेशक कृषि डॉ0 देश राज शर्मा, सहायक निदेशक पशुपालन डॉ0 सुशील शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ0 अरुण व्यास, भू-सरंक्षण अधिकारी डॉ0 राजेश सूद, क्षेत्र के किसान, स्थानीय लोग और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

पुरस्कृत किये गए समूह
श्री बुटेल ने महामायी सब्जी उत्पादक महिला समूह सहेल, शिव महिला स्वयं सहायता समूह सोरनू, शिव शक्ति कृषक महिला समूह मैंझा, समृद्धि महिला सहकारी समिति ठाकुरद्वारा, जय लक्ष्मी ग्रुप सूरी, वैष्णवी कृषक समूह बेहड़ कोटला, किसान उत्थान क्लब बागडू बासनूर तथा अनमोल किसान क्लब भरमाड़ को समूह के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए आतमा परियोजना की ओर से दस-दस हजार रुपये के चैक भी वितरित किये गये। इसके अलावा किसानों को खीरा, फ्रांस बीन तथा खाद (माईक्रो न्यूटरैंट) की किटें भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री का 12 फरवरी से दूसरे चरण का शीतकालीन प्रवास- उपायुक्त

धर्मशाला, , 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह शीतकालीन प्रवास के दूसरे चरण के कांगड़ा प्रवास में 12 फरवरी को प्रात: 9.40 बजे धर्मशाला पहुंचेंगे। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त, कांगड़ा, सी.पॉलरासु ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह 12 फरवरी को प्रात: 10 बजे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में डॉटा सैंटर का शुभारंभ करेंगे तथा मेधावी छात्रों को छात्रवृतियां प्रदान करेंगे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री दोपहर 12.20 बजे शाहपुर विधानसभा क्षेत्र रैत में तहसील कल्याण कार्यालय का उद्घाटन करेंगे तथा शाहपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सायं 3.30 बजे लोअर चैतड़ू (सलागड़ी) में लोअर चैतड़ू और अप्पर चैतड़ू के मध्य बनने वाले पुल की आधारशिला रखेंगे तथा सायं 4 बजे धर्मशाला में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रेस क्लबधर्मशाला के भवन की आधारशिला भी रखेंगे। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री 13 फरवरी को प्रात: 10.30 बजे मिनी सचिवालय धर्मशाला में होने वाली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे तथा दोपहर 1.30 बजे डिग्री कॉलेज के प्रयास भवन में गद्दी कल्याण बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करेंगे और सायं 4 बजे मिनी सचिवालय में लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री 14 फरवरी को प्रात: 10 बजे जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंचरूखी में निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन की आधारशिला रखेंगे तथा 10.30 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुहाणा के निर्मित नये भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके उपरांत 11.20 बजे डगोह में निर्मित की जाने वाले पेयजल योजना की आधारशिला रखेंगे तथा दोहपर 12.15 बजे संघोल में सिंचाई योजना की भी आधारशिला रखेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री दोपहर एक बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहपुर में अतिरिक्त भवन का उद्घाटन करेंगे तथा 50 बिस्तरों की सुविधा वाले अस्पताल की आधारशिला भी रखेंगे। मुख्यमंत्री जयसिंहपुर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सायं 3.30 बजे बड़हूं में बेरघट्टा सडक़ पर बनने वाले दो पुलों की आधारशिला रखेंगे तथा सायं 4 बजे कोसरी के आयुर्वैदिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास व सायं 4.30 बजे नाहलना में पुल का उद्घाटन करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री 15 फरवरी को प्रात: 9.45 बजे नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र के घीण में सरूट खड्ड पर बनने वाले पुल का शिलान्यास तथा दोपहर 12 बजे रिहड़ी में बाथू खड्ड पर निर्मित पुल का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12.30 बजे भाटी में पेयजल योजना के संवर्धन का शिलान्यास तथा दोपहर एक बजे पटियार-नगरोटा-भटेहड़ सडक़ का भूमि पूजन व नगरोटा-बगवां में मिनी सचिवालय भवन का शिलान्यास तथा नगरोटा में जनसभा को संबोधित करेंगे। तत्पश्चात् मुख्यमंत्री सायं 3.30 बजे राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य का निरीक्षण तथा 4.30 बजे टांडा में नवनिर्मित टाईप-3 चिकित्सक आवासों का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री 16 फरवरी को पालमपुर विधानसभा प्रवास के दौरान प्रात: 10.30 बजे सरसावा में पुन्न खड्ड पर बनने वाले पुल का शिलान्यास तथा 11.15 बजे लचून खड्ड पर बनने वाले पुल का शिलान्यास और दोपहर 12 बजे ओड्डर में बने पुल का उद्घाटन व 12.45 पर मनियाड़ा में नए बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का शिलान्यास और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री दोपहर बाद 2.25 बजे घाड़में बनने वाली सिंचाई योजना का शिलान्यास तथा 2.55 बजे कालू दी हट्टी में पुल का शिलान्यास व 3.40 बजे पालमपुर में नवनिर्मित सब्जी मंडी के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे और 4.25 बजे कृषि विश्वविद्यालय में नवनिर्मित शैक्षिक संग्रहालय भवन का उद्घाटन तथा 4.30 बजे बगोड़ा में न्यूगल खड्ड पर बनने वाले नए पुल का शिलान्यास करेंगे। 

जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत उपमंडल ज्वालामुखी में 841 महिलाएं लाभान्वित

धर्मशाला, , 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  सरकार द्वारा राष्ट्रीय मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना व जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम व नि:शुल्क जननी एक्सप्रेस-102 सेवा को चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में सरकार का उद्देश्य माता व शिशु की मृत्यु दर को कम करना है वहीं साथ ही माता एवं नवजात शिशुओं को गर्भ से संबंधित जटिलताओं से भी बचाना है। इन्हीं कार्यक्रमों के अंतर्गत सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में वर्ष 2014-15 के दौरान माह जनवरी, 2015 तक 841 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव करवाया गया जिसपर प्रसव के दौरान दवाईयां व अन्य जरूरी सामान पर 5 लाख 4 हजार 600 रुपए सरकार द्वारा खर्च किये गये जबकि नवम्बर, 2014 तक प्रसव संबंधी विभिन्न जटिलताओं के कारया 132 गर्भवती महिलाओं को रैफरल परिवहन सुविधा के तहत 36954 रुपए व्यय किए गए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के अनिवार्य लैब परीक्षण जिनमें खून, पेशाब की जांच व अल्ट्रासाऊंड आदि पर सरकार द्वारा एक लाख 63 हजार 22 रुपए खर्च किए गए। साथ ही प्रसव के बाद 3 से सात दिनों तक अस्पताल में दाखिल रहने के दौरान 70 हजार एक सौ बावन रुपए आहार पर खर्च किए गए। यह जानकारी देते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ0 विवेक सूद ने बताया कि पहले हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महिलायें आर्थिक व अन्य कारणों से घर पर ही प्रसव कराने को वरीयता देती थीं जिससे माता व नवजात शिशु को कभी-कभी प्रजनन संबंधी विभिन्न जटिलताओं से जूझना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन कार्यक्रमों को चलाया है जिससे माता व शिशुओं को गर्भ से संबंधित विभिन्न जटिलताओं से काफी हद तक राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य संस्थागत प्रजनन को बढ़ावा देना है जिसमें शिशु का जन्म प्रशिक्षित डाक्टर या नर्स की देख-रेख में कराया जाना है ताकि माता व नवजात शिशु को गर्भ से संबंधित विभिन्न जटिलताओं से समय रहते बचाया जा सके। इन योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं में जननी सुरक्षा योजना के तहत एससी, एसटी, गरीबी रेखा से नीचे रह रहे व झुग्गी-झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले परिवारों से संबंध रखने वाली गर्भवती महिलायें, जिनकी उम्र 19 वर्ष या इससे अधिक हो और जिनका प्रसव घर या किसी सरकारी अथवा मान्य गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में हुआ हो तो सरकार ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित महिला को सात सौ रुपये व शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 600 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी वर्गों से संबंधित गर्भवती महिलाओं का प्रसव सरकार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क कराया जाता है। साथ ही इस योजना के तहत गभवती महिलाओं को मुफ्त दवाईयां, ईलाज और जरूरत पडऩे पर मुफ्त खून, सामान्य प्रसव में तीन दिन एवं सीजेरियन के मामलों में 7 दिन तक का मुफ्त आहार दिया जाता है। इसके साथ ही घर से स्वास्थ्य संस्थान, रैफरल की स्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों के बीच व घर वापसी तक जननी एक्सपै्रस 102 की नि:शुल्क यातायात सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के आवश्यक लैब परीक्षण जिसमें खून, पेशाब की जांच व अल्ट्रासाऊंड आदि की जांच भी मुफ्त करवाई जाती है। इसके साथ ही एक वर्ष तक के बच्चे के लिए भी यह तमाम सुविधायें सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही हैं। इस तरह सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव व नवजात शिशुओं हेतु चलाई जा रही इन योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है तो वहीं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को विभिन्न जटिलताओं से बचाया जा सके।

उद्योग मंत्री ने जिला अधिकारियों से बैठक करके विकास कार्यों के क्रियान्वयन की ली फीडबैक  
  • पुलों के निकट खनन हुआ तो जवाबदेही तय होगी:   अग्रिहोत्री

ऊना, 07 फरवरी  (विजयेन्दर शर्मा) ।  उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने आज स्थानीय बचत भवन में जिला अधिकारियों से बैठक करके जिला में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के क्रियान्वयन की फीडबैक ली और इन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि ऊना जिला को विकास का मॉडल बनाने के लिए हर एक विभाग को बेहतर नतीजे देने होंगे और समयबद्ध मियाद में उच्च गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिला में किसी भी स्थान पर सरकारी पुलों के आसपास कोई खनन न होने पाए। उन्होंने कहा कि ऐसा मामला संज्ञान में आने पर जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कड़ा रूख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सरकारी पुलों, सिंचाई व जनस्वास्थय विभाग की स्कीमों , विद्युत सब स्टेशनों सहित अन्य सरकारी संस्थानों के 300 से 500 मीटर दायरे में खनन की शिकायत मिलने पर खनन के लिए प्रयुक्त वाहन जब्त कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि खनन से सरकारी संपति को किसी भी तरह का नुक्सान पहुंचे, यह बदार्शत नहीं किया जायेगा। अधिकारियों को भी इस बारे कड़ी चौकसी रखनी होगी और किसी भी किस्म की लापरवाही या कोताही सहन नहीं होगी।
                           
विकास योजनाओं के लिये आबंटित धन लैप्स न होने पाए
उद्योग मंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं के लिए आबंटित धनराशि लैप्स होने की नौबत नहीं आनी चाहिए। अगर निर्माणधीन कार्य बजट खत्म होने से रूके पड़े हैं तो उस सूरत में विभाग के अधिकारियों को तुरंत अतिरिक्त बजट के आबंटन के लिए  मामला सरकार को भेजना चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जिला के लिए मुजूर किए गए 10 पुलों के बारे में रिर्पोट तलब की। उन्होंने बालीवाल-पूबोबाल रोड पर पुल डालने का एस्टीमेट तैयार करने और बाथू में पुल क ी डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी बताया कि बंगाणा में मिनी सचिवालय बनाने की हाल ही में मुयमंत्री वीरभद्र सिंह ने जो घोषणा की थी, उस बारे जिला प्रशासन द्वारा जमीन हस्तांतरण करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

केन्द्र से फंडिंग के लिए तैयार करें योजनाएं
उद्योग मंत्री ने बैठक में आईपीएच, लोक निर्माण व विद्युत विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केन्द्र से फंडिंग के लिए अपने- अपने विभागों से संबधित योजनाओं की डीपीआर तैयार करके भिजवाएं। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान इस बारे किए गए प्रयासों की बदौलत ही जिला को 922.48 करोड़ की स्वां तटीयकरण योजना, 42 करोड़ की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना, 13 करोड़ 15 लाख की अजौली – लालूवाल सडक़ व 25 करोड़ की झलेड़ा- बनखंडी सडक़ को स्तरोन्नत करने जैसी योजनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह के प्रयास जारी रखने होंगे। 
                           
कृषि, बागवानी व पशुपालन विभाग अपनी कार्य योजना बनाएं
उद्योग मंत्री ने बैठक में कृषि, बागवानी व पशुपालन विभाग के अधिकारियों को अपने विभागों से संबधित काय्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये तीनों विभाग आम किसान व पशुपालकों से जुड़े हैं और उनकी आर्थिकी को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं लिहाजा उन्हें कारगर योजनाएं बनाकर उन्हें अमलीजामा पहनाना चाहिए। उन्होंने पशु मंडी की स्थापना के लिए अधिकारियों को उपयुक्त जमीन तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कृषि उपनिदेशक को जिला में चैक डैम बनाने की प्रपोजल तैयार करने के निर्देश भी दिए।
        
सीएम  की घोषणाओं को तत्परता से अमलीजामा पहनाएं 
उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को सीएम की विकासात्मक घोषणाओं को तत्परता से अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा मुयमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल की बैड क्षमता को 200 से बढ़ाकर 300 करने की जो घोषणा की है, उसके अनुरूप अस्पताल का चार मंजिला भवन तैयार किया जायेगा। उन्होंने अस्पताल के शवगृह व पोस्टमार्टम कक्ष को भी मार्डन बनाने के निर्देश दिए, जिस पर सीएमओ ने बताया कि इस बारे टैंडर कर दिए गए हैं। सीएमओ ने यह भी बताया कि जिला के लिए इस वर्ष सरकार से 48 करोड़ 46 लाख का बजट मिला था, जिसमें से 95 प्रतिशत बजट खर्च कर लिया गया है। राश्ट्रीय स्वास्थय मिशन में 3 करोड़ 26 लाख की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें 2 करोड़ 36 लाख खर्च किए जा चुके हैं। 

1629 हैक्टेयर भूमि रिक्लेम की गई
उद्योग मंत्री ने कहा कि स्वां प्रोजैक्ट के तहत चालू वित्त वर्ष में 308 करोड़ रूपये खर्च करके 2200 हैक्टेयर भूमि रिक्लेम करने के लक्ष्य के मुकाबले जनवरी माह के अंत तक 193 करोड़ 28 लाख रूपये की राशि व्यय करके 1629 हैक्टेयर भूमि रिक्लेम की जा चुकी है। इस प्रोजैक्ट के तहत कुल 922 करोड़ रूपये की राशि व्यय से ऊना जिला की सभी 73 खड्डों का तटीयकरण हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के अन्तर्गत अब तक जिला की 21 खड्डों के तटीयकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस अवसर पर डीसी अभिषेक जैन ने कहा कि जिला में विकास योजनाओं को पूरी मुस्तैदी से अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन कृत संकल्प है। बैठक में डीसी अभिषेक जैन, एसपी अनुपम शर्मा, एडीएम राजेश कुमार मारिया, एसडीएम धनवीर ठाकुर, सहायक आयुक्त चेतना खड़वाल, डीआरओ विशाल शर्मा, सभी अधीक्षण अभियंता, सीएमओ डा. जेआर कौशल, खादी बोर्ड के निदेशक सतीश बिट्टू सहित जिला के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। 

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