सत्ता के गलियारांे में दलित बैकवर्डों को उचित भागीदारी हो: मोर्चा
नरकटियागंज(पच) दलित बैकवर्ड मुस्लिम मोर्चा ने बिहार विधान सभा चुनाव 2015 के विधान सभा चुनाव के लिए अपने लोगों को तैयार रहने की हितदयत दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ए ए अंसारी ने बताया कि आजादी के 67 वर्ष बीतने के बावजूद कतिपय वर्ग को छोड़ समाज के दलित व पिछड़ों के हालात् नहीं बदले है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. नौशाद आलम ने बताया कि मोर्चा का मूल उद्देश्य दलित एवं पिछड़े तबका में मौजूद समाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पिछड़ेपन से उपर उठने के लिए जागृति पैदा करना है। यह मोर्चा विभिन्न पंथ व मजहब से उपर उठकर समाज में एकता व भाई चारा कायम करने का काम करता आ रहा है। भारतीय संविधान के दायरे में रह कर दलित व पिछड़ों के हक व हकूक के लिए मोर्चा संर्घषरत है। मोर्चा में कुल 19 एजेण्डा है जिसके अनुसार संविधान की धारा 341(3) में 10 अगस्त 1950 को राष्ट्रपति के अध्यादेश के द्वारा आरक्षण में लगे मजहबी बन्धन को समाप्त कर दलित ईसाइयों व मुसलमानों को आरक्षण देना, दलित बैकवर्ड मुसलानांे को उनके हक की लड़ाई लड़ना, अन्य पिछड़ावर्ग के 27 प्रतिशत सीट में 18 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग में मौजूद आर्थिक पिछड़ों को दिलाना, विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलावे निजी क्षेत्र में दलित व पिछड़ों को आरक्षण मुहैया कराना, दलित, पिछड़ों के अलावा गरीब सवर्णो को आरक्षण उपलब्ध कराना, अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना, फर्जी प्रमाण के आधार पर आरक्षण पाने वालों के विरूद्ध मोर्चा का आन्दोलन, हस्तकरघा उद्योग को बढावा देकर बुनकरों का कर्ज माफ कराना, दलित व पिछड़ों के हक व विकास के लिए योजना का निर्माण करना, लाल कार्ड, इन्दिरा आवास समेंत अन्य कल्याण योजनाओं में सवर्णों को नजर अन्दाज करना पीडि़त मानवता के विरूद्ध है। सत्ता के गलियारांे में दलित बैकवर्डों को उचित भागीदारी दिलाने के लिए संघर्ष करना मोर्चा का मुख्य उद्देश्य हैं।
चंेगवना में फिर से समाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास, हालात नियंत्रीत
नरकटियागंज(पच) अनुमण्डल के नरकटियागंज प्रखण्ड अन्तर्गत मल्दहिया पंचायत के चेंगवना गाँव में स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। हाॅलाकि पुलिस व प्रशासन का कहना है कि हालात नियंत्रण में है। उल्लेखनीय है कि सरकारी जमीन पर आम रास्ता और कब्रीस्तान की जमीन को लेकर उत्पन्न विवाद में स्थानीय प्रशासन की नाकामी कहे या उदासी के बाद जिला समाहर्ता के हस्तक्षेप के बाद करीब दो माह पूर्व जिला पदाधिकारी ने मामले का निबटारा कर दिया। प्रशासन में सरकारी जमीन पर सीमांकन कराने के उद्देश्य से स्तंभ लगा दिया। जिसे कई बार असमाजिक तत्वो ने उखाड़ा और तोड़ा, प्रशासन इतना होने के बावजूद मूक है और बार बार पिलर की मरम्मत कराता है। शनिवार की रात एक बार फिर से असमाजिक तत्वों ने सरकारी पिलर को उखाड़ फेंका। सीमान्कन के लिए जिला प्रशासन ने तीन पीलर स्थापित किया था जिसे असमाजिक तत्वों ने तोड़कर फेंक दिया था। इसकी खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरीत कार्रवाई करते हुए, पुलिस की एक टुकड़ी चेंगवना को भेज दिया। शिकारपुर पुलिस भी एसएचओ के नेतृत्व में वहाँ पहुँच गयी है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस की देख-रेख में शरारती तत्वों द्वारा तोड़े गये सीमांकन के अब प्रशासन तीन नये पिलर लगा फिर से स्थापित कराया जा रहा है। चेगवना घटना स्थल पर एसडीओ कौशल कुमार समेत थानाध्यक्ष, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुँचे हुए है।
मारपीट में एक जख्मी
नरकटियागंज(पच) नरकटियागंज प्रखण्ड के शिकारपुर थानान्तर्गत एक गाँव में एक परिवार के अन्दरूनी मामले को लेकर हुई झड़प में एक व्यक्ति के जख्मी होने की खबर है। मिली जानकारी के अनुसार बैद्यनाथ चैरसिया 35 वर्ष को उसके घर के पास कुछ लोगो ने लोहे की छड़ से प्रहार कर जख्मी कर दिया। बैद्यनाथ ने बताया है कि उसे मारकर 10 हजार रूपये छीन लिये गये है। घायल बैद्यनाथ का इलाज सरकारी अस्पताल में जारी है।

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