स्वाईन फ्लू से घबरायें नहीं, जिले में इलाज की पर्याप्त व्यवस्थाएँ उपलब्ध
टीकमगढ़, 9 फरवरी 2015। कलेक्टर श्री केदार शर्मा ने बताया है कि स्वाईन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में स्वाईन फ्लू के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है। आवश्यक चिकित्सक तथा दवाएँ उपलब्ध हैं। बीमारी के लक्षण पता लगते ही मरीज क¨ अस्पताल लाने पर तीन दिन के भीतर तबियत में सुधार आ जाता है। श्री शर्मा ने निर्देशित किया है कि जिले की सभी शालाओं में इस हेतु प्राचार्योंं को सूचित किया जाये कि सर्दी, खाँसी होने पर बच्चों को 4-5 दिन का अवकाश दिया जाये जिससे शाला के अन्य बच्चों को सर्दी, खाँसी न लगें। उन्होंने निर्देशित किया कि सर्दी, खाँसी के साथ तेज बुखार होने पर तुरंत डाॅक्टर को दिखायंे जिससे बच्चों को समय पर उपचार मिले।
लक्षण
इस संबंध में सीएस डाॅ0 सुनीत जैन ने बताया कि सामान्य सर्दी, खाँसी स्वाईन फ्लू नहीं है। इसका समय पर उपचार करने से 4-5 दिन में आराम मिल जाता है। उन्होंने बताया कि सर्दी, खाँसी के साथ बुखार अ©र गले में खराबी ह¨ना, श्वांस लेने में तकलीफ आदि स्वाईन फ्लू के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज क¨ तत्काल नजदीकी जिला चिकित्सालय ले जाना चाहिये। जल्द इलाज शुरू ह¨ने पर मरीज बिल्कुल ठीक ह¨ जाते हैं। शासकीय अस्पताल¨ं में एच-वन एन-वन स्वाईन फ्लू जाँच तथा उपचार की निरूशुल्क सुविधा है। मरीज में स्वाईन फ्लू के लक्षण पाये जाने पर एच-वन एन-वन की जाँच के सेम्पल ग्वालियर अथवा जबलपुर भेजे जाते हैं। वहाँ से 24 घंटे में रिप¨र्ट आ जाती है। अभी लगभग 50 सेम्पल प्रतिदिन जाँच के लिये भेजे जा रहे हैं। इस बीमारी के मरीज दस-बारह अन्य राज्य में भी पाये गये हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बीमारी की र¨कथाम तथा इलाज के विभिन्न राज्य¨ं में किये जा रहे प्रयास¨ं की समीक्षा की थी। इसमें मध्यप्रदेश द्वारा किये जा रहे प्रयास¨ं पर संतुष्टि व्यक्त की गयी थी। बताया गया कि म©सम में गर्मी शुरू ह¨ने पर इस बीमारी के कीटाणु नष्ट ह¨ जायेंगे। मध्यप्रदेश में बीमारी के प्रक¨प जैसी कहीं स्थिति नहीं है।
इलाज एवं बचाव
डाॅ0 जैन ने बताया कि स्वाईन फ्लू के मरीज क¨ चिकित्सक¨ं द्वारा टेमी फ्लू टेबलेट दी जाती है। प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालय¨ं में यह दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। शासकीय अस्पताल¨ं में स्वाईन फ्लू के मरीज¨ं के लिये आइस¨लेटेड वार्ड बनाये गये हैं। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर कुछ सावधानियाँ बरतने की जरूरत ह¨ती है। मरीज क¨ खाँसी आने पर रूमाल या त©लिया से मुँह ढँक लेना चाहिये। आँख, नाक अ©र मुँह क¨ छूने से पहले हाथ¨ं क¨ साबुन से ध¨ना चाहिये। मरीज से हाथ मिलाने अ©र गले मिलने से बचना चाहिये। भीड़भाड़ से बचना चाहिये। घर में सफाई पर ध्यान देना चाहिये। साधारण लक्षण वाले मरीज¨ं क¨ घर पर विश्राम करना चाहिये। बच्च¨ं क¨ सर्दी, खाँसी ह¨ने पर स्कूल नहीं भेजें। सबसे जरूरी है कि उपचार में शीघ्रता बरतना चाहिये। विलम्ब ह¨ने पर उपचार कठिन ह¨ जाता है। केवल शासकीय चिकित्सालय¨ं में ही स्वाईन फ्लू के परीक्षण की व्यवस्था अ©र दवाएँ उपलब्ध हैं। ऐसे में कहीं अन्य जगह जाकर समय अ©र पैसा लगाने के बजाय सीधे शासकीय अस्पताल¨ं में मरीज क¨ पहुँचाना चाहिये। कुछ निजी चिकित्सालय मर्ज बिगड़ने पर मरीज क¨ शासकीय चिकित्सालय भेज देते हैं। ऐसी स्थिति पाये जाने पर संबंधित निजी चिकित्सालय का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। स्वाईन फ्लू एक वायरस है ज¨ पक्षिय¨ं तथा सुअर¨ं में पाया जाता है। इस वायरस के मिश्रण से नया वायरस बनता है ज¨ मनुष्य¨ं क¨ प्रभावित करता है। निजी चिकित्सालय¨ं के चिकित्सक¨ं क¨ भी बीमारी के इलाज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्कूलों में 10 फरवरी 2015 को बच्चों को कृमिनाशक सिरप/गोलियां खिलवाई जायेंगी
टीकमगढ़, 9 फरवरी 2015। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ0 ए.के. तिवारी ने बताया कि 10 फरवरी 2015 को राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस का आयोतजन किया जा रहा है। इसका शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के पारस्परिक समन्वय से आयोजन होगा। राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस में एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को मध्याह्न भोजन के उपरांत कृमिनाशक (एलवेंडाजोल) गोलियां प्रदाय की जायेंगी। डाॅ0 तिवारी ने बताया है कि जिले के 3091 शासकीय विद्यालय एवं शासकीय अनुदान प्राप्त विद्यालय में कुल 3 लाख 73 हजार बच्चों को राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस में एलवेडाजोल गोलियां शिक्षकों के माध्यम से खिलाई जायेगी एवं बाल सुरक्षा माह कार्यक्रम के अंतर्गत छूटे हुये बच्चों को आंगनवाडी कार्यक्रताओं के द्वारा सिरप पिलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु समस्त तैयारी कर ली गई है। शिक्षकांे एवं आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम हेतु प्रशिक्षण भी दिये जा चुके हैं। डाॅ0 तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम का विधिवत शुभांरभ केंद्रीय विद्यालय, टीकमगढ़ में प्रातः 11.30 बजे किया जायेगा।
नेशनल लोक अदालत 14 फरवरी को
टीकमगढ़, 9 फरवरी 2015। जिला विधिक सहायता अधिकारी, टीकमगढ़ ने बताया है कि 14 फरवरी 2015 को संपूर्ण जिले में धारा 138 परक्राम्य अधिनियम (चेक बाॅउस प्रकरण) व बैंकों के वसूली प्रकरणों के राजीनामा से निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस हेतु संपूर्ण जिला टीकमगढ़ में न्यायाधीशगणों की कुल 6 खंडपीठों का गठन किया गया है। इसके तहत टीकमगढ़ न्यायालय में श्री राम जी गुप्ता, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी टीकमगढ़ खंडपीठ क्र. 1, श्री हेमंत सविता, न्यायिक दण्डाधिकारी टीकमगढ़ खंडपीठ क्र. 2 तथा श्री सुमित शर्मा न्यायिक दण्डाधिकारी टीकमगढ़ खंडपीठ क्र. 3 के पीठासीन अधिकारी होंगे। साथ ही न्यायालय निवाड़ी में श्री प्रदीप सिंह कुशवाहा न्यायिक दण्डाधिकारी निवाड़ी खंडपीठ क्र. 4, न्यायालय जतारा में श्री अशोक भारद्वाज न्यायिक दण्डाधिकारी जतारा खंडपीठ क्र. 5 तथा न्यायालय ओरछा में श्री उत्सव चतुर्वेदी न्यायिक दण्डाधिकारी ओरछा खंडपीठ क्र. ़6 के पीठासीन अधिकारी होंगे। आम जनता से अपील की गई है कि वे चेक वाउंस तथा बैकों से वसूली प्रकरणों का निराकरण करवाकर नेशनल लोक अदालत का लाभ उठायंे।
माॅडल स्कूल संयुक्त प्रवेश चयन परीक्षा अब 15 फरवरी को
टीकमगढ़, 9 फरवरी 2015। जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ0 आर.एन. नीखरा ने बताया है कि जिला मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालयों एवं विकासखंड स्तरीय माॅडल स्कूलों में कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु संयुक्त प्रवेश चयन परीक्षा वर्ष 2015-16 की पूर्व में परीक्षा तिथि 25.1.2015 निर्धारित थी। किंतु अब इस तिथि में संशोधन कर दिया गया है। यह परीक्षा 15 फरवरी 2015 रविवार को पूर्व निर्धारित समय पर संपन्न होगी। प्रवेश परीक्षा की अन्य शर्ते यथावत् रहेंगी। उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि प्रवेश परीक्षा तिथि के परिवर्तन की जानकारी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि ग्राम स्तर तक परीक्षा तिथि की जानकारी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को प्राप्त हो सके।

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