उत्तराखंड की विस्तृत खबर (06 फ़रवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (06 फ़रवरी)

महिला शक्ति अपनी जगह और पहचान बनाने में फिर सफल 
  • पंजाब, राजस्थान दिल्ली व छत्तीसगढ़ की युवा महिलाऐं हुई पास आउट

देहरादून 06 फरवरी। सैन्य बलों में महिला शक्ति अपनी जगह और पहचान बनाने में फिर सफल रही हैं। एसएसबी श्रीनगर गढ़वाल में 50 हफ्तों का कठोर प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद पंजाब की नैनसी सिंगला, राजस्थान की तनवी शुक्ला, दिल्ली की रीना और छत्तीसगढ़ की प्रियदर्शनी निहारिका सिन्हा एसएसबी में बतौर अधिकारी शामिल होंगी। चारों महिलाएं देश की सुरक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती चाहती हैं। पंजाब के मानसा शहर की रहने वाली नैनसी सिंगला ने वर्ष 2010 में पटियाला के थापर इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई कैमिकल की डिग्री प्राप्त की। फिर बचपन के सपने को पूरा करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण किया। वह परिवार की पहली महिला भी है जो सैन्य बल में अधिकारी बनी हैं। नैनसी का कहना है कि 50 हफ्तों के कठोर प्रशिक्षण के बाद उनका जीवन अधिक अनुशासित हो गया है। उसका कहना है कि उच्च शिक्षा व्यक्तित्व विकास करती है पर सैन्य बल का प्रशिक्षण जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है। नैनसी अब भविष्य में फील्ड वर्क जॉब को प्राथमिकता देने की भी इच्छा रखती है। चित्तौड़गढ़ राजस्थान की रहने वाली तनवी शुक्ला ने वर्ष 2009 में इंटरनेशनल कॉलेज फॉर गल्र्स जयपुर से स्नातक की डिग्री पूर्ण करने के बाद सशस्त्र सीमा बल में प्रवेश लेने की ठानी। सैन्य परिवार की पृष्ठभूमि वाली तनवी पहले आर्म मेडिकल कॉलेज ज्वाइन करने की इच्छुक थी, लेकिन जिंदगी में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्होंने एसएसबी को चुना। माता-पिता ने भी उसका पूरा सहयोग दिया। तनवी का कहना है कि प्रशिक्षण में जब पहली बार हथियार चलाने का मौका मिला तो वह जिंदगी का बेहद रोमांचकारी क्षण रहा। प्रशिक्षण से दृढ़ हुए आत्मविश्वास से लबरेज तनवी ने बताया कि 50 हफ्तों के प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने लगभग एक हजार किमी की दूरी भी दौड़ते हुए तय की है। बताया कि सैन्य बल ऐसा क्षेत्र है जहां महिला पुरुष को लेकर कोई फर्क महसूस नहीं किया जाता है। पालम दिल्ली की रहने वाली रीना ने दिल्ली विष्व विद्यालय से वर्ष 2010 में हिस्ट्री ऑनर्स किया है। परिवार की वह पहली सदस्य है जो सैन्य सेवा में गई है। रीना का कहना है कि प्रशिक्षण ने मुश्किलें आसान करना सिखाया। शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत होकर वह देश सेवा के कार्य में जुटना चाहती है। रीना का मानना है कि महिलाओं का इमोशनली इंटेलीजेंस पुरुषों की अपेक्षा अच्छा होता है। जिसका लाभ सीमा पर ड्यूटी के दौरान मिलेगा। वह अधिक से अधिक महिलाओं को सैन्य बलों में शामिल करने की पक्षधर भी है।  भिलाई छत्तीसगढ़ की प्रियदर्शनी निहारिका सिन्हा का कहना है कि एसएसबी में शामिल होकर अधिकारी बनना उनका सपना था। एसआइटी भिलाई पुलिस में कार्यरत उसके पिता महेश सिन्हा ने बचपन में ही उसे पुलिस की टोपी पहनाकर भविष्य की दिशा भी तय कर दी थी। भिलाई के क्षत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी से इलेक्ट्रानिक्स में वर्ष 2010 में बीई की डिग्री लेने वाली प्रियदर्शनी निहारिका प्रशिक्षणकाल में जंगल एक्सरसाइज सहित आउटडोर गतिविधियों में अव्वल रही। निहारिका का मानना है कि टीम वर्क प्रशिक्षण की सबसे बेहतर चीज रही। एसएसबी की सहायक सेनानायक प्रियदर्शनी निहारिका सिन्हा, नैनसी सिंगला, तनवी शुक्ला, रीना एसएसबी में कमांडो कोर्स भी करेंगी। कमांडो कोर्स करने वाली वह पहली महिला अधिकारी भी होंगी। एसएसबी अकादमी के निदेशक एस बंदोपाध्याय ने बताया कि 12 हफ्ते का यह कमांडो कोर्स प्रशिक्षण आगामी 23 फरवरी शुरू होगा। प्रशिक्षण के दौरान चारों महिला अधिकारियों ने कठोर परिश्रम के साथ ही उच्च स्तरीय नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया है। वर्ष 2005 से एसएसबी अकादमी श्रीनगर गढ़वाल में अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाने लगा। षुक्रवार को अकादमी से अधिकारियों का छठवां बैच पासआउट हो रहा है।

मलेथा के ग्रामीणों का आंदोलन जारी

देहरादून 06 फरवरी(निस)। पांच में से तीन स्टोन क्रशर की अनुमति रद होने के बाद भी मलेथा के ग्रामीणों ने आंदोलन जारी रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सारे क्रशर बंद नहीं हो जाते आंदोलन बंद नहीं होगा। इस दौरानमहिलाओं ने प्रदर्शन कर सामूहिक गिरफ्तारी दी। जिसके बाद सभी को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। मलेथा अनशन स्थल पर अनशनकारी समीर रतूड़ी का अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। वहीं अन्य आंदोलनकारी तीन क्रशरों की अनुमति रद होने के बाद भी आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। बीती रात शासन ने तीन क्रशर को बंद करने का शासनादेश जारी किया था। े आंदोलनकारी तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीण कोतवाली में गए और वहां सामूहिक गिरफ्तारी दी गई। इस दौरान आंदोलनकारी महिलाओं ने गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वाली महिलाओं में बिमला देवी नेगी, रामेश्वरी देवी, सुनीता बडोनी, शकुन्तला देवी, सुनीता राणा, सरोजनी, लक्ष्मी, सीता बिष्ट, विजेश्वरी देवी, भवानी देवी, रोशनी देवी आदि शामिल रहीं। उपजिलाधिकारी दीपेंद्र नेगी के ने उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान शुरबीर सिंह बिष्ट, देवसिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य बिपिन पंवार, दिनेश भट्ट, खेम सिंह चैहान, बीर सिंह नेगी आदि मौजूद थे। मलेथा में पांच स्टोन क्रशर के विरोध में ग्रामीण पिछले छह माह से आंदोलन कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हिमालय बचाओं अभियान के समीर रतूड़ी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनकी फोन पर मुख्य मंत्री से वार्ता हुई थी जिसमें उन्होंने चार स्टोन क्रशरों के निरस्तीकरण के आदेश सहित एक क्रशर को बंद करने के लिए जांच समिति बैठाने की बात कही थी। साथ ही पांचवें स्टोन क्रशर का तब तक काम काज रोकने को कहा था जब तक की कमेटी की रिर्पाेट नही आ जाती। पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट मलेथा गांव में धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि अगर प्रदेश सरकार 12 फरवरी तक ग्रामीणों की समस्या का समाधान नही करती है तो वह मलेथा में 13 फरवरी से 25 घंटे के उपवास पर बैठेंगे।

गुलदार ने किया ग्रामीण पर हमला

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। विकास खंड धौलादेवी के चामी गांव में एक बार फिर गुलदार ने ग्रामीण को अपना शिकार बनाने का प्रयास किया। अन्य ग्रामीणों के शोर मचाने से ग्रामीण की जान तो बच गई। लेकिन हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास खंड के चामी गांव निवासी मनोहर राम पुत्र धनी राम अपने मवेशियों को चराने के लिए गांव के पास के जंगल की ओर निकला। उसके साथ गांव के कुछ और ग्वाले भी थे। लगभग दो बजे के आसपास अचानक जंगल में घात लगाकर बैठे गुलदार ने मनोहर राम पर हमला कर दिया। मनोहर के चिल्लाने की आवाज सुन अन्य ग्वालों ने शोर मचाया। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद गुलदार तो मौके से भाग गया। लेकिन इस हमले में मनोहर गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन फानन में ग्रामीण मनोहर को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी पहुंचे। जहां चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि मनोहर के शरीर में गुलदार ने कई स्थानों पर दांत गढ़ाए हैं। फिलहाल मनोहर का अस्पताल का उपचार किया जा रहा है। इधर ग्राम प्रधान दीवान सिंह ने कहा है कि गुलदार के खौफ के चलते ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। बुधवार को गुलदार ने मदन राम और भागुली देवी के एक एक मवेशी को अपना शिकार बनाया था। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से शीघ्र क्षेत्र में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

पुलिस ने किया चोरियों का खुलासा

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। पटेलनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंदिर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी चोर को पकड़ लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी के कब्जे से चोरी का माल बरामद कर लिया गया है। पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।  मिली जानकारी के अनुसार पण्डित भीमदत्त सेमवाल पटेलनगर क्षेत्र स्थित एक मंदिर में पुजारी का काम करते हैं, कुछ दिन पहले उनके मंदिर से दान कोष में रखे रूपये व अन्य सामना चोरी हो गया था। जिसकी शिकायत उन्होंने पटेलनगर थाने में दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चीता पुलिस के दो सिपाहियो विजय पंत व विजय नेगी की मदद से आरोपी राजू रेतू को शक के आधार पर पकड़ा है। जब उससे गहनता से पूछताछ की गई तो उसने मंदिर में चोरी की बात को कबूला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे दानपात्र में रखे 8911 रूपयें सहित चांदी के छत्र व भगवान की मूर्तिया बरामद कर ली है। पुलिस, आरोपी से पूछताछ में जुटी है। आगे की कार्यवाही पूरी होने के बाद आरेापी को कोर्ट से जेल भेज दिया जायेगा। वहीं कारगी चैक स्थित छोटा भारूवाला क्षेत्र में मोबाईल शॉप से कुछ दिन पहले चोरी हुई थी। जिसमें पुलिस ने एक आरोपी को धर दबोच लिया है। जिसके कब्जे से चार चोरी के मोबाइल बरामद कर लिये गये हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। जिसके बाद आरोपी को कोर्ट से जेल भेज दिया जायेगा।

 फ्लाईओवर के निर्माण में देरी पर भाजपाईयों ने दी आंदोलन की चेतावनी

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। बल्लूपुर एवं बल्लीवाला चैक पर फ्लाईओवर के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही पर भाजपा जनरल महादेव सिंह नगर मंडल द्वारा चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिन के अन्दर इस सम्बंध में उचित कार्रवाही नही की गई तो बड़ा आन्दोलन किया जायेगा। पत्रकारों से वार्ता करते हुए केन्ट क्षेत्र से विधायक हरबंस कपूर ने बताया कि फ्लाईओवर के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। सरकार कार्यदायी संस्थाध्कम्पनी के खिलाफ कोई उचित कार्रवाही नहीं कर रही है। भाजपा ने कई बार इस ओर विभाग का ध्यान खींचा लेकिन कोई असर नही हुआ। 5 फरवरी 2015 को राष्ट्रीय राजमार्ग खंड तथा ईपीआईएल के अधिकारियो ने सम्पर्क करके अवगत कराया है कि फ्लाईओवर का कार्य तुरन्त चालू कराया जा रहा है, जिसके बाद आन्दोलन स्थगित किया गया।लेकिन काम  ठप होने से कई लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्दी ही कार्य शुरू नहीं किया गया तो आन्दोलन शुरू किया जायेगा। 

धोखाधड़ी कर ठगी लाखों की रकम

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। बसंतविहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमीन के विक्रय पत्र पर धोखाधड़ी करते हुए लाखों रूपयं हड़प करने का मामला सामने आया है। पीडि़त परिवार के ओर से सरिता गोरी ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामलें की पड़ताल कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार सरिता गोर पत्नी जितन्द्र कुमार निवासी कांवली रोड़ ने कुछ समय पहले जमीन ली थी। थोड़े समय बाद उन्हें पता चला की उनके साथ जमीनी कागजों में धोखाधड़़ी की गई है। उन्होंने इस संबंध में जब दयाराम निवासी देेवलोक कालोनी से बात की तो वो घूमाफिराकर जवाब देने लगा। सरिता गोर ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो दयाराम उनसे गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। पीडि़ता की तरफ से बसंत विहार थाने में दयाराम सहित पत्नी शंकुन्तला देवी विक्रम, दिनेश, राजू, संकूर के खिलाफ के धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। बता दे कि जमीनी धोखाधड़ी को लेकर एसआईटी की टीम गठित की गई है। इसके बावजूद भी जमीनी धोखाधड़ी क मामलें कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। राजधानी दून में हर दिन जमीनी धोखधड़ी के मामले सामने आ रहे है। जिस पर पुलिस छानबीन करने में काफी समय ले लेती है। वहीं शासन की तरफ से गठित एसआईटी भी जमीन धोखाधड़ी मामलों में कुछ खास काम करती नजर नहीं आ रही है।

विवाहिता ने ससुरालियों पर किया दहेज उत्पीडन का मुकदमा

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत दहेज उत्पीडन का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर आरोपित ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीडन का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामलें की पड़ताल कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार निवासी कुंजविहार महिला का विवाह कुछ समय पहले गणेश सुंदरियाल के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही ससुरालियों ने महिला पर दहेज के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। दहेज के लिए महिला के साथ कई बार मारपीट की गई। जब महिला द्वार ससुरालियों का विरोध किया गया तो उसे जाने से मारने का प्रयास किया गया। आखिरकार महिला ने थक हारकर पुलिस के पास मदद के लिए पहुंची। जहां उसने पुलिस को सारी आपबीती बताई। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर पति गण्ेाश समेत ससुरालियों पर दहज उत्पीड़न सहित संलिन्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं पीडि़ता अब अपने मायके में रह रही है। पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।

बढ़ते अपराध को लेकर अपराध गोष्ठी का आयोजन

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। शहर कोतवाली क्षेत्र में शहर के भीतर बढ़ते अपराध, नागरिक सुरक्षा व बिगड़ते यातायात को लेकर एसएसपीध्डीआईजी पुष्पक ज्येाति ने स्थानीय लोगों के साथ गोष्ठी की जिसमें स्थानीय लोगों ने अपने सुझाव शहर की सुरक्षा को देखते हुए रखे। कन्तान ने शीघ्र इन बिंदुओं को अम्ल में लाने की बात कही है। बता दे कि शहर के बिगड़ते हालातों को देखते हुए एसएसपी पुष्पक ज्योति ने स्थानीय लोगों के साथा गोष्ठी की। गोष्ठी में शहर के बिगड़ते यातायात, अपराध व वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों ने अपने सुझाव रखे जिसमें क्षेत्र के भीतर रात्रि गस्त बढ़ाय जाने व नागरीक को सौं नंबर पर किसी भी तरह की संदिग्ध घटना की आशंका होने पर जानकारी देने को कहा गया है। साथ एसएसपी ने कहा कि वो सीधा किसी भी तरह की शकशोभा होने पर सीधा मुझसे भी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही कन्तान ने बताया कि इस तरह की गोष्ठी कुछ दिन पहले थाना डालनवाला में भी हुई थी। आगे भी अन्य थाना क्षेत्रों में इस तरह की गोष्ठीयां कर शहरवासियेां की परेशानियों को सुन उनका निदान किया जायेगा। इस मौके कोतवाल एसएस बिष्ट, सीओ सिटी मनोज कत्याल सहित क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।

भगवान भरोसे बीएड टीईटी भर्ती प्रक्रिया 

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। करीब एक साल पहले शुरू हुई बीएड टीईटी भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही लटक गई। शासन में अफसरों की सुस्ती के चलते सैकड़ों बेरोजगारों का भविष्य में अधर में लटक गया है। तीन माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी शासन प्राथमिक शिक्षक भर्ती नियमावली में संसोधन नहीं कर पाया। जिसके कारण प्रतिक्षा सूची के साथ ही अन्य प्रस्तावित भर्तियां भी खटाई में पड़ गई है। यह हाल तब है जब स्वंय मुख्यमंत्री ने अफसरों को फटकार लगाते हुए भर्ती में देरी न करने को कहा था। लेकिन सरकार पर हावी अफसर के चलते राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती कोर्ट के इर्द-गिर्द ही घुम रही है। वहीं सवाल उठ रहा है कि अगर शासन और शिक्षा विभाग की सुस्ती समय पर नहीं टूटी तो अगले दो साल तक प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती लटकी रह सकती है। हाईकोर्ट की डबल बेंच से केस जीतने के बाद भी शासन स्तर पर नियमावली में संसोधन में देरी दिखाई गई जिसका नतीजा है कि अब एससी ने भी शिक्षा विभाग को नियमावली को लेकर कोर्ट में तलब किया है। वहीं मेरिट वालों को तवज्जों देने के निर्णय ने वेटिंग लिस्ट को और लंबा खींच दिया। शासन स्तर पर मिले निर्देशों की बदोलत इसमें पेंच फंसा है। बताते चले कि वर्षो पहले उत्तराखंड राज्य में विशिष्ट बीटीसी भर्ती शुरू की गई थी। जिसके तहत वर्षवार की वरिष्ठता के आधार पर भर्ती की जा रही थी। कुछ माह पहले सम्पन्न हुई 2794 पदों पर भी नियमावली को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। लेकिन बाद में हाईकोर्ट की डबल बेंच का फैसला वर्षवार के पक्ष में आया जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई। सरकार ने एक शासनादेश के तहत वर्षवार की प्रक्रिया सम्पन्न की जा रही थी। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर नियमावली में संसोधन करने की बात की जा रही थी। लेकिन विडम्बना यह है कि शिक्षा मंत्री से लेकर शासन में बैठे विद्यालयी शिक्षा के आला अफसरों ने संसोधन में उदासीनता दिखाई। जिसका नतीजा है कि दोबारा मेरिट ग्रुप ने एससी में याचिका दायर कर दी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर राज्य सरकार को एक माह में जवाब दाखिल करने को कहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर बेसिक शिक्षा भर्ती नियमावली में संसोधन में देरी क्यों की जा रही है। सूत्रों की माने तो शासन मेें कुछ अधिकारी मेरिट के पक्ष में संसोधन की पैरवी कर रहे हैं जबकि प्रशिक्षित बेरोजगारों का एक बड़ा वर्ग पूर्व की भांति वर्षवार को वरिष्ठता के आधार को नियमावली में जोडने की मांग करता आ रहा है। जिस सबंध में एक जनवरी को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आहुत बैठक में चर्चा हो चुकी है। जिस सबंध में शिक्षा मंत्री ने भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया। लेकिन उसके बावजूद भी अफसरों ने इस मामले को ठंडे बस्तें में डाले रखा। जिसका नतीजा है कि आज प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पर अड़ंगा लग गया है। 

खटाई में पड़ सकती है गुड गर्वनेंस नीति

harish rawat
देहरादून, 06 फरवरी(निस)। उत्तराखंड राज्य में विकास पर जोर देने से ज्यादा कांग्रेस के अंदर उठ रहे तूफान को शांत करना एक चुनौती दिख रहा है। कुछ दिनों से मुख्यमंत्री हरीश रावत दिल्ली दौरे पर हैं और यहां पूर्व सीएम बहुगुणा और रावत के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। लेकिन इसके सबके बीच शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और गुड गर्वनेंस के लिए बनाई गई नीति पर पलीता लगाने काम भी जारी है। सीएम दिल्ली चुनाव में इन दिनों व्यस्थ हैं और राज्य की सियासत में उठ रहे तूफान का असर राज्य की नौकरशाही पर भी दिख रहा है। आलम यह है कि सरकार अपनी ही सियासत में उलझी हुई है और आदेशों को धत्ता बता रहे अफसरों पर शिकंजा कसना दूर की बात हो गई है। वहीं कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के वर्ग चार की जमीन पर दिए बयान के बाद कांग्रेस में और हलचल मच गई है। हरक सिंह रावत ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि वर्ग चार की जमीन पर बहुगुणा सरकार के कार्यकाल में ही कैबिनेट में मंजूरी मिल गई थी। लेकिन इसका शासनादेश नहीं निकलना जांच का विषय है। राज्य में इन दिनों जिस तरह से सियासत गरमाई हुई है उससे सरकार द्वारा गुड गर्वनेंस के लिए बनाई गई नीति खटाई में पड़ती दिख रही है। क्योंकि मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाओं को पूरा करने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रोजगार, कर्मचारियों की मांगो पर सहमति के कई मामले लटके हुए हैं। जिससे राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। लेकिन अफसरशाही को शायद इससे लेना देना नहीं है। यही कारण है कि अफसरों ने क्षेत्र भ्रमण के आदेश को भी हवा में उड़ दिया। कुछ अधिकारियों को छोडक़र कई अधिकारियों ने मुख्य सचिव के अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण और रात्रि विश्राम के आदेश को हासिए पर रख दिया। पूर्व सीएस सुभाष कुमार के आदेशों का भी ठीक ढंग से पालन नहीं हुआ था। ठीक यही स्थिति अब दिख रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खनन और कानून व्यवस्था पर अधिकारियों की सुस्ती साफ नजर आ रही है। चर्चा है कि अपनी सियासत में उलझी सरकार की परेशानी को नौकरशाही भी अच्छी तरह समझ चुके हैं। यही कारण है कि सरकार के आदेशों का ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है। रोजगार के मुददे पर सरकार पूरी तरह से घिरी हुई है, स्वास्थ्य विभाग में लगातार कई अनिमियतांए सामने आ रही हैं। अवैध खनन को रोकने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर हमला हो रहा है। लेकिन इस सबके बावजूद रावत सरकार में गुड गर्वनेंस के मंशा को पलीता लगा रहे अधिकारियों पर कोई कार्यवाही तक नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के वर्ग चार की जमीन पर दिए बयान के बाद अब पूर्व सीएम बहुुगुणा के जनाक्रोश रैली के एलान पर भी कई सवाल उठने लगे हैं। 

वाहन चोरों ने अलग-अलग घटनाओं में उड़ाये तीन वाहन

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। चंद मिनटों में ही वाहन चोरी की अलग-अलग घटनाओं में वाहन चोरों ने तीन वाहन चोरी कर लिए हैं। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस चोरी किए गए इन वाहनों के बारे में पता नहीं लगा पाई है। अज्ञात वाहन चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। विकासनगर पुलिस को दी गयी जानकारी में कलपेश्वर प्रसाद निवासी हरिपुर सेलाकुई सहसपुर ने बताया कि वह अपने किसी काम से तहसील परिसर में आए हुए थे। यहां उन्होंने अपनी स्पेलेंडर बाईक को परिसर के बाहर ही खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद जब वह लौट कर आए तो उनकी बाईक चोरी हो चुकी थी। आसपास के लोगों से भी बाईक के बारे में जानकारी ली गयी लेकिन बाईक का सुराग नहीं लग सका। उधर दून अस्पताल में आए अधोईवाला निवासी मौहम्मद इमरान का स्कूटर भी अस्पताल परिसर से चोरी कर लिया गया है जबकि कोर्ट परिसर से पंडितवाडी निवासी किशोरी लाल की बाईक भी चोरी हो गयी है। तीनों ही मामलों में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दहेज उत्पीडन के मामलों से लबरेज हो रहा पुलिस रिकार्ड

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। राजधानी का पुलिस रिकार्ड दहेज उत्पीडन के मामलों से लबारेज हो रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच एक नए मामले में डोईवाला कोतवाली में विवाहिता की ओर से पति समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीडन का मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाए है कि ससुरालियों द्वारा न केवल उसका दहेज को लेकर उत्पीडन किया गया है बल्कि उसके मारपीट करते हुए दहेज में नगदी एवं सामान लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। डोईवाला पुलिस को दी गयी शिकायत में शीतल ने बताया कि उसका विवाह ग्राम खेरी डोईवाला निवासी गजेंद्र पुत्र बुद्धप्रकाश के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसके ससुराली उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे थे और दहेज में नगदी एवं अन्य सामान लाने के लिए उस पर दबाव डालने लगे थे। शीतल ने इस बारे मेें अपने परिजनों केा बताया तो उन्होंने भी दहेज की इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता जाहिर कर दी। इंकार मिलने के बाद ससुराली उस पर अत्याचार करने लगे जिस पर शीतल अपने पति का घर छोड़ कर अपने पिता के पास घर आने के लिए विवश हो गयी। महिला का आरोप है कि ससुरालियों को समझाने गए उसके माता-पिता के साथ भी इन लोगों के द्वारा मारपीट की गयी। शीतल की शिकायत पर पति सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुनर्वास से पहले बांध प्रभावित गांवों की मैपिंग करेगा पुनर्वास विभाग 

देहरादून, 06 फरवरी(निस)। बांध प्रभावित क्षेत्रों के हालात जानने के लिए अब पुनर्वास विभाग गांवों की मैपिंग कराएगा। उसके बाद गांव का पुनर्वास होगा। बीते माह 23 से 25 जनवरी को राज्य सरकार की संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। टीएचडीसी, सर्वे ऑफ इंडिया, वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून, वन विभाग, पुनर्वास विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की समिति ने टिहरी बांध झील से भूस्खलन और भूधंसाव की समस्या झेल रहे गांवों का दौरा किया था। दौरे के बाद 31 जनवरी को देहरादून में हुई बैठक में समिति ने स्वीकार किया कि झील के कारण गांवों में बुरे हालात हैं। ऐसे में गांवों का विस्थापन किया जाना बेहद जरुरी है। बैठक में फैसला लिया गया कि कुछ गांवों की मैपिंग कराई जाएगी। ताकि सही जानकारी सामने आ सके। इसके लिए पुनर्वास विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है। सर्वेयर और जियोलॉजिस्ट की मदद से सबसे पहले पयाल गांव, गोजियाड़ा और कंगसाली की मैपिंग कराई जाएगी। उसके बाद जरुरत पडने पर अन्य गांवों की मैपिंग भी कराई जाएगी। इसके लिए पुनर्वास विभाग ने लोनिवि को जियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र लिख दिया है। संभवत अगले सप्ताह से मैपिंग शुरु करा दी जाएगी। अधिशासी अभियंता डीके सिंह का कहना है कि समिति ने कहा है कि कुछ गांवों का भौगोलिक आंकलन सही से नहीं हो पाया है। ऐसे में कुछ गांवों की मैपिंग कराई जाए ताकि सही जानकारी हासिल हो सके।

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