आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को झटका लगा है। 'आप' की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएसी से प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को हटाने पर फैसला लिया गया है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन बैठक के बाद बाहर निकले प्रशांत भूषण ने खुद इस बात की पुष्टि की।
बैठक के बाद बाहर निकले आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि योगेंद्र यादव और मैं अब पीएसी में नहीं हूं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि हम दोनों को अभी पीएसी से हटा दिया जाए। भूषण ने कहा कि हम पार्टी में बने रहेंगे। पार्टी हमें जो जिम्मेदारी देगी हम वो जिम्मेदारी निभाएंगे।
वहीं बैठक से बाहर निकले योगेंद्र यादव ने कहा कि मैं पार्टी के फैसले पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हूं, जो आम आदमी पार्टी देश में न जाने कितने लोगों की आशा का पुंज है, यह आशा नहीं टूटनी चाहिए। पार्टी का एक जिम्मेदार नेता होने के नाते पार्टी मुझे जो आदेश देगी मैं उसे निभाने की कोशिश करूंगा। योगेंद्र यादव को पार्टी के प्रवक्ता पद से भी हटा दिया गया है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी में मचे घमासान के बीच अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया। अरविंद केजरीवाल अपनी व्यस्तता को इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा है कि वो केवल दिल्ली पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए ये कदम उठाया है। क्योंकि दोनों जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है। लिहाजा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी को यह लिखित इस्तीफा भेज दिया है। पार्टी के नेता आशुतोष ने भी पुख्ता करते हुए कहा कि केजरीवाल ने इस्तीफे की पेशकश की है, जिस पर अब पीएसी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। केजरीवाल इस वक्त तबीयत खराब होने के कारण बंगलुरु में हैं और अपना इलाज करवा रहे हैं।

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