सीटों के बंटवारें को लेकर बिहार में आरजेडी और जेडीयू के बीच चल रहा विवाद सुलझा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 5 मई 2015

सीटों के बंटवारें को लेकर बिहार में आरजेडी और जेडीयू के बीच चल रहा विवाद सुलझा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजय रथ रोकने की चाह में बने जनता परिवार में काफी समय से चली आ रही रार अब खत्म होती दिखाई दे रही है। खबरों के मुताबिक बिहार में सीटों के बंटवारें को लेकर आरजेडी और जेडीयू के बीच चल रहा विवाद सुलझा लिया गया है। बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू और आरजेडी के बीच 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ने की डील हुई है।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक जनता परिवार के विलय के बाद एक नाम, एक झंडा और एक चुनाव चिन्ह को लेकर निर्णय लिए जा चुके हैं। अब केवल इनकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। खबरों के मुताबिक बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एकीकृत पार्टी का सीएम उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर विरोध के स्वर भी मुखर होने लगे हैं। वहीं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पार्टी का संयोजक बनाया जा सकता है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को पहले ही पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है।

एकीकृत पार्टी का नाम समाजवादी जनता दल और चुनाव चिन्ह साइकिल होने की संभावना है। पार्टी के पार्टी के झंडे में दो लाल पट्टी के बीच एक हरी पट्टी होगी, जिस पर साइकिल का निशान होगा। जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव को निर्विरोध राज्यसभा में पार्टी का नेता चुना गया है, जबकि आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दकी बिहार में जनता परिवार की कमान संभालेंगे। अब्दुल बारी सिद्दकी को लालू यादव का बेहद करीबी माना जाता है।  

जेडीयू और आरजेडी के बीच सीटों का बंटवारा भी हो गया है। साथ ही सहयोगियों के लिए भी सीटें तय हो गईं है। दोनों दलों में 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर सहमति बनी है। वहीं 43 सीटें गठबंधन के दलों कांग्रेस और सीपीआई के लिए छोड़ दी गई हैं। गौरतलब है कि बीजेपी को मात देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए बीते दिनों जनता परिवार का गठन किया गया था। समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी, समाजवादी जनता पार्टी और आईएनएलडी ने इस महाविलय की घोषणा की थी।

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