प्रधानमंत्री मोदी 14 को जाएंगे चीन, 12 महीने में 16वां विदेश दौरा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 5 मई 2015

प्रधानमंत्री मोदी 14 को जाएंगे चीन, 12 महीने में 16वां विदेश दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14-19 मई तक चीन, मंगोलिया और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रहेंगे। मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने इसकी घोषणा कर दी। पिछले साल 26 मई को प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी 15 देशों के दौरे कर चुके हैं। इस दौरान वे करीब 40 दिन विदेश में रहे। मोदी का पिछला दौरा फ्रांस, जर्मनी और कनाडा का था। देश में मोदी के 50 से ज्यादा दौरे हुए हैं। वे 12 बार महाराष्ट्र और आठ बार जम्मू कश्मीर गए हैं। मोदी जिस रफ्तार से विदेश यात्रा कर रहे हैं, उससे लगता है कि वह सबसे ज्‍यादा विदेश दौरा करने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे।

मनमोहन सिंह ने दस साल में जितने विदेश दौरे किए, मोदी उसका आधा एक साल में ही कर रहे हैं. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 के बीच प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने 10 साल के शासन के दौरान 40 देशों के कुल 70 से ज्यादा दौरे किए। यूपीए-1 की सरकार के वक्त 30 और यूपीए-2 की सरकार के वक्त उन्‍होंने 40 विदेश दौरे किए।  

मोदी एक साल में 15 देशों के दाैरे कर चुके हैं। मोदी की विदेश यात्राओं की सूची में 3 और देश चीन-मंगोलिया-साउथ कोरिया की यात्रा के बाद जुड़ जाएंगे। यही रफ्तार रही तो मोदी 5 साल में कम से करीब 90 विदेश दौरे कर चुके होंगे। विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि यात्रा के पहले चरण में मोदी चीन जाएंगे। वहां वह जियान, बीजिंग और शंघाई की यात्रा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री चीन के प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत में शामिल होंगे। साथ ही सांस्कृतिक और व्यावसायिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री चीन में भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री 17 मई को मंगोलिया पहुचेंगे। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली मंगोलिया यात्रा होगी।
दक्षिण कोरिया में मोदी 18 और 19 मई को रहेंगे। वे सियोल में प्रधानमंत्री पार्क जियुन ह्ये और अन्य महत्वपूर्ण नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। चीन यात्रा को लेकर मोदी काफी उत्‍साहित हैं। उन्‍होंने सोमवार को चीन की सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट वीबो भी ज्‍वॉइन की थी और कहा था कि वह चीन के लोगों से बातचीत करना चाहते हैं। एक ही दिन में वीबो पर मोदी के करीब 30 हजार फॉलोअर्स बन गए। हालांकि, कई ने उन पर नस्‍लभेदी कमेंट्स भी किए।

प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा की शुरुआत चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गृहनगर जियान से करेंगे। खबरों के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति मोदी का यहां उसी तरह का शानदार स्वागत करेंगे, जिस तरह जिनपिंग के अहमदाबाद आगमन के दौरान प्रधानमंत्री ने किया था। सिंतबर में चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्‍नी पेंग के भारत दौरे के वक्त मोदी ने अहमदाबाद में दोनों को झूले की सवारी करवाई थी। वे उन्हें साबरमती आश्रम भी ले गए थे, जहां जिनपिंग और मोदी ने चरखा भी चलाया था।

मोदी की यात्रा के दौरान भारत चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे और घरेलू उत्पादों की बाजार तक पहुंच के मुद्दे उठाएगा। चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 2013-14 में 37.8 अरब डॉलर रहा, जबकि द्विपक्षीय व्यापार 65.85 अरब डालर का रहा। विशेषज्ञ बढ़ते घाटे को चिंताजनक बता रहे हैं। भारत चीन से वाहनों और फार्मास्युटिकल्स सहित घरेलू उत्पादों के चीन के बाजारों में पहुंच बढ़ाने के मुद्दे पर भी बातचीत करेगा। इस बात पर भी नजर होगी कि चीन का निवेश किस तरीके से भारत लाया जा सकता है।

सीमा विवाद : भारत और चीन के बीच सीमा का विवाद 2 हजार किलोमीटर के दायरे में है, जिसके अधिकांश भाग में अरुणाचल प्रदेश आता है। भारत का कहना है कि विवादित सीमा 4 हजार किलोमीटर के दायरे में है। खासकर इसमें अक्साई चीन शामिल है जिसपर चीन ने 1962 के युद्ध में कब्जा कर लिया था। वियतनाम में तेल की खोज का मामला : भारतीय तेल कंपनियां दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के समुद्री क्षेत्र में तेल की खोज में लगी हुई हैँ। दक्षिण चीन सागर में सीमा को लेकर चीन और वियतनाम के बीच विवाद है। चीन का आरोप है कि भारत ने चीनी सीमा में अपने संयंत्र लगाए हैं। चीन ने भारतीय कंपनियों को हाल ही में धमकी भी दी थी। उम्मीद की जा रही है कि भारत चीन के साथ बातचीत में इस मुद्दे को उठा सकता है।औद्योगिक गलियारे का रोडमैप : मोदी और जिंगपिंग भारत-बांग्लादेश-म्यांमार-चीन के बीच औद्योगिक गलियारा बनाने को लेकर बनी सहमति को भी मूर्त रूप देने के बारे में भी बात कर सकते हैं।

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