धरोहरों का किया जायेगा जीर्णोद्धार, नगर पालिका ने बनाई योजना, जल्द शुरू होगा काम
छतरपुर। अपना अस्तित्व खो रही धरोहरों को बचाने के लिये उनका जीर्णोद्धार किया जायेगा। नगर पालिका जल्द ही प्राचीन धरोहरों को चिन्हित कर उन्हें पुनः उसी स्वरूप में लाने का प्रयास करेगी ताकि आने वाली पीढ़ी भी अपने पूर्वजों द्वारा बनाई गई प्राचीन इमारतों से परिचित हो सके। इसके लिये नगर पालिका छतरपुर ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और जल्द ही उस कार्ययोजना को मूर्त रूप में परिणित करने के लिये नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने अधिकारियों को निर्देष दिये हैं। नगर पालिका के उपयंत्री एलएल तिवारी की देखरेख में इन धरोहरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री एवं नगर पालिका में सांसद प्रतिनिधि पुष्पेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू ने पूरी योजना की विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि कभी छतरपुर शहर में चार गौरवषाली द्वार हुआ करते थे। इन दरवाजों में अब केवल सरानी दरवाजा, बसारी दरवाजा और मस्तान शाह बाबा की मजार के पास बना दरवाजा तथा बकायन खिड़की पर ही इन दरवाजों के अवषेष देखने को मिलते हैं। शेष दरवाजे अतिक्रमण की चपेट में आकर विलुप्त हो गये हैं। उन्होने कहा कि नगर पालिका इन दरवाजों को संरक्षित करने और उन्हें पुनः उसी स्वरूप में लाने की दिषा में ठोस योजना बना रही है ताकि यह दरवाजे विलुप्त होने से बचाये जा सकें और पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई धरोहर को सहेज कर रखा जा सके। उन्होने कहा कि इन दरवाजों का जीर्णोद्धार तो किया ही जायेगा, साथ ही शहर में स्थित प्राचीन मकबरों की भी मरम्मत की जायेगी। उन्होने कहा कि बस स्टेण्ड इलाके में जितने भी मकबरे हैं नगरपालिका उन सभी मकबरों की मरम्मत कर उन पर रंग रोगन करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि यह मकबरे छतरपुर के गौरवषाली इतिहास की गाथा हैं और इन्हें हर हाल में संरक्षित किया जायेगा।

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