सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून रक्षा मंत्रालय की आपत्ति के कारण नहीं हो सका खत्म : चिदम्बरम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 3 मई 2015

सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून रक्षा मंत्रालय की आपत्ति के कारण नहीं हो सका खत्म : चिदम्बरम

पूर्व केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने कहा है कि किसी भी सभ्य देश में सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून(एएफएसपीए) के लिए कोई जगह नही है और वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में इस कानून को खत्म भी करना चाहते थे,लेकिन रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र सेना ने उन्हें यह सब करने नहीं दिया । श्री चिदम्बरम ने आज एक दैनिक में अपने स्तंभ में लिखा है कि वह इस बात से पूरी तरह सहमत थे कि यह कानून खत्म ही हो जाना चाहिए,लेकिन रक्षा मंत्रालय तथा सेना इस बात पर राजी नहीं थी, और रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी उनकी अनदेखी कर इस कानून को खत्म करना नहीं चाहते थे । 

श्री चिदम्बरम ने अपनी यह राय ऐसे समय में जाहिर की है जब जम्मू -कश्मीर में भाजपा के सहयोग से मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार बनने के बाद इस कानून को हटाने की मांग फिर बढ़ी है । पूर्व गृहमंत्री ने यह भी कहा है कि इस कानून को बदलने के लिए एक समझौता भी हुआ था । 

उन्होंने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस कानून को बदलने के लिए संशोधन का मसौदा भी तैयार किया था। पर इस संशोधित विधेयक को पेश करने पर फैसला नहीं लिया जा सका । इसकी वजह से यह काला कानून जारी रहा । उन्होंने कहा कि अगर यह कानून हट जाए तो जम्मू-कश्मीर से लेकर मणिपुर तक लोगों का नजरिया बदल सकता है। इस कानून की जगह एक मानवीय कानून आना ही चाहिए । केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कानून के बगैर काम करने पर राजी थी ।

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