नेपाल में 25 अप्रैल और 12 मई को आए भीषण भूकंप और उसके बाद के झटकों में मरने वालों की संख्या 8,567 पहुंच गई है। नेपाल के गृहमंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। भूकंप में मानवीय क्षति की दृष्टि से सिंधुपालचौक जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, यहां पर अभी तक 3,423 लोगों की जान जा चुकी है। इसी प्रकार काठमांडू में 1,214 लोग, नुवांकोट में 1,024, धाडिंग में 728, रासुवा में 579, गोरखा में 414, भक्तपुर में 326, कावरे में 318, ललितपुर में 181 और डोलखा में 154 लोगों की मौत हुई है।
भूकंप में घायलों की संख्या 22,000 पहुंच गई है। भीषण जलजले के कारण आम जनता के कुल 488,788 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 267,282 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल में रविवार को दो झटकों ने मध्य क्षेत्र को हिला दिया। 25 अप्रैल को आए इस भूकंप के बाद से अभी तक 240 से अधिक झटके आ चुके हैं।
राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार 239वें झटके की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.4 मापी गई और यह तड़के सुबह पांच बजे महसूस किया गया था। इसका केंद्र डोलखा में था। वहीं 240वें झटके ने पूर्वाह्न 11.30 बजे मध्य क्षेत्र को हिला दिया। इसका केंद्र रामेछाप जिले में था। नेपाल में 25 अप्रैल को 7.9 तीव्रता के भूकंप के बाद से अब तक 240 झटके लग चुके हैं और सभी की तीव्रता 4 से अधिक थी।
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