आरडीभी ने नाइस क्रिकेट क्लब को रौंद सेमीफाइनल मंे जगह सुनिश्चित किया
नरकटियागंज(पश्चिम चम्पारण) स्थानीय उच्च विद्यालय के मैदान पर खेले जा रहें आलोक वर्मा टेनिस बाॅल 20-20 क्रिकेट टूर्नामेन्ट के क्वार्टर फाइनल में मेराज इलेवन ने धूमनगर के डीसीसी को नौ विकेट पर 121 रन के मुकाबले पाँच विकेट से शिकस्त देकर सेमिफाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया। जबकि अन्तीम क्वार्टर फाईनल मुकाबला नाइस क्रिकेट क्लब बगही और आरडीभी नरकटियागंज के बीच खेला गया। आरडीभी के कप्तान रवि ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। आरडीभी की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पाँच विकेट खोकर 169 रन का स्कोर खड़ा किया। नाइस क्रिकेट क्लब बगही को जीत के लिए निर्धारित 20 ओवर में 170 रन बनाने का लक्ष्य मिला। लेकिन आरडीभी के विशाल स्कोर को देख कर बगही की टीम अपना संतुलन बनाए नहीं रख सकी और मात्र 12 ओवर में 88 रन बनाकर सिमट गयी। इस प्रकार आलोक वर्मा टेनिस बाॅल 20-20 क्रिकेट टूर्नामेन्ट के सेमीफाइनल के आखिरी चार टीमों में आरडीभी ने अपनी जगह बना ली। आलोक वर्मा टेनिस बाॅल 20-20 क्रिकेट टूर्नामेन्ट के सेमीफाइनल खेलने वाली चार टीम आरसीसी बेतिया, सीएसके नरकटियागंज, मेराज इलेवन नरकटियागंज और आरडीभी नरकटियागंज है। इनमें आरसीसी बेतिया की टीम सुपर किंग्स नरकटियागंज और मेराज इलेवन की आर डी भी नरकटियागंज के बीच मुकाबला होगा। इन चार टीमों में दो फाइनल मुकाबले में पहुँचेंगी।
अवरनिबंधन कार्यालय शिकारपुर, अधिकारी पति के भ्रष्टाचार का अखाड़ा बना
- खेसरावार पंजि को नज़रअंदाज कर हो रहा धड़ल्ले से निबंधन
- सरकारी राजस्व को चूना लगा अपनी जेब कर रहे गर्म
नरकटियागंज(पश्चिम चम्पारण) नरकटियागंज अनुमण्डल स्थित अवर निबंधन कार्यालय शिकारपुर अधिकारी पति के भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन कर रह गया है। जहाँ सरकार पाल पर और सरकारी निबंधन अधिकारी, कर्मी व बिचैलिया सतसाल पर सोते दिख जाने वाली कहावत चरितार्थ करते नजर आ रहे है। शिकारपुर अवर निबंधन कार्यालय में अनियमितता सिर चढकर बोल रहा है, इतना ही नहीं बिचैलिये कार्यालय के अधिकारी व कर्मियों की साँठ-गाँठ से कार्यालय का मठाधीश बन बैठे है। गौरतलब है कि कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था के कारण जमीन की खरीद बिक्री करने वालों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सूत्र बताते है कि निबंधन कार्यालय की अवर निबंधक पूजा भारती के पति अखिलेश गिरी की मनमानी से ग्राहक के अलावे कर्मचारी भी नाखुश दिखते है, हालाकि वे खुलकर सामने नहीं आते, आखिर बिल्ली की गले में घंटी बाँधे तो कौन? उनका यह भी कहना है कि पूजा भारती से उनकी कोई शिकायत नहीं है। शिकायत है तो सिर्फ उनके पति से है जो अनधिकृत रूप से काम करते है, उनके इशारे के बगैर पूजा मैडम की कलम ही नहीं चलती। बुधवार की शाम 3.30 बजे अपराह्न से शनिवार की शाम साढे तीन बजे तक कार्यालय से अधिकारी नदारद पाई गयी। कार्यालयकर्मियों ने बताया कि मैडम के नहीं रहने पर मैडम द्वारा रखे गये कर्मियांे द्वारा लिया जाता है एकरारनामा। उनका यह भी कहना गलत नहीं कि जब काम नहीं होगा तो आमदनी कैसे होगी, इसलिए मैडम आवास से काम करें या कार्यालय से हमे तो काम से मतलब है। नन इन्कम्ब्रेन्स सर्टिफीकेट के नाम पर वसूली जाते है 600 रूपये, सिरिस्ता के नाम पर, साहेब के नाम पर, भले मैडम कार्यालय नहीं आए विलम्ब शुल्क के नाम पर वसूली जारी है। सिंचित का असिंचित, विकसीत को अविकसीत भूमि दिखाकर सरकारी राजस्व को चूना लगाना कोई इनसे सीखे। प्रबुद्धजनांे ने बताया कि कई ऐसे मामले है जिसकी जाँच कराई जाए तो सरकारी राजस्व को चुना लगाने का मामला सामने आ जाएगा। जमीन खरीद विक्री के नाम पर सरकारी राजस्व को चुना लगाकर अपनी आमदनी का इजाफा करने का मैडम व पतिदेव का अलग अंदाज है। कार्यालय के जानकार बताते है कि इन दिनों सीजन के दौरान सरकारी राजस्व प्रतिदिन 20 हजार रूपये का नुकसान होता है। इतना ही नहीं जितनी हानि सरकारी राजस्व की होती है उसका दोगुना फायदा कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी को होता है।
किसानों को नहीं मिल रहा गन्ना के बकाया राशि का भुगतान
नरकटियागंज(पश्चिम चम्पारण) अली हसन अंसारी जो हृदय रोग से पीडि़त है, किसान कोड 402/31 है। उन्होंने करीब एक लाख रूपये का गन्ना आपूर्ति न्यु स्वदेशी सुगर मिल्स को किया। इलाज वास्ते चीनी मिल से रूपये की मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई चीनीमिल प्रबंधन कोई सुनवाई नहीं किया। इन दिनों सरकारी दवाब में चीनी मिलांे के प्रबंधन ने धीरे-धीरे किसानों के बैंक खाता में राशि भेजना सुनिश्चित किया है। अलीहसन ने कार्यालय में पहुँचकर बताया कि किसानों का जितना शोषण किया जा रहा है उतना शोषण शायद ही किसी का होता होगा। कर्ज लेकर इलाज करा रहे है श्री अंसारी और चीनी मिल प्रबंधन एक माह बाद आंशिक राशि भुगतान करने की बात करता है।
आंगनबाड़ी सेविका चयन के लिए आयोजित आमसभा हंगामा के बाद स्थगीत
- महिलाओं ने अधिकारियों को खदेड़ा, एसडीओ ने कहा कोई अप्रिय घटना नहीं
नरकटियागंज(पश्चिम चम्पारण) आंगनबाड़ी सेविका चयन में रिश्वतखोरी को लेकर मामला इतना बढा कि गौनाहा प्रखण्ड के जमुनिया पंचायत के प्रेमनगर में आम सभा के दौरान हुए हंगामा में सीडीपीओ, भाप्रसे अधिकारी सह एसडीओं नरकटियागंज बमुश्किल प्रतिष्ठा बचाकर भागे। हमारे सूत्रों ने खबर दिया है कि जमुनिया के प्रेमनगर वार्ड में दो टोला में एक सेविका चयन का मामला कई माह से लम्बित चला आ रहा है। इस बावत बताया जाता है कि सीडीपीओ सभी उम्मीद्वारों से चयन वास्ते राशि वसूल चुकी थी। एक प्रत्याशी ने बताया कि डेढ लाख से तीन लाख तक लेकर चयन करने का सिलसिला चल रहा है। अब देखी हमनी के रोपया मिलता की ना। चयन को आशान्वित सेविकाओं से पूछे जाने पर किसी ने रिश्वत देने की बात स्वीकार तक नहीं किया, नाम नहीं छापने की शर्त पर यह बात सामने आई। चयन तो एक सेविका का होना है शेष सेविका अभ्यर्थी अपनी राशि वापस पाने के लिए उम्मीद लगाए हुई थी लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहोदरा पुलिस को सीडीपीओ ने बुला लिया उसके बाद अनुमण्डल पदाधिकारी भी पहुँच गये। किसी बात पर एक किशोर जिसका नाम करण कुमार बताया जाता है उसकी पिटाई किसी अधिकारी ने कर दी। मामला यही से संगीन हो गया और महिलाआंे ने पहले उस अधिकारी की पिटाई कर डाली। उसके बाद लगभग सभी अधिकारी उसकी जद में आ गये। पुलिस से संपर्क किए जाने पर खबर मिली कि घायल अधिकारियों की प्राथमिक चिकित्सा कराई जा रही है, बाद में बात करते है। उधर अनुमण्डल पदाधिकारी कौशल कुमार से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया वहाँ कुछ विशेष नहीं हुआ है। सेविका चयन के लिए आयोजित आम सभा को हंगामा के बाद स्थगीत कर दिया गयां। उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है। अब प्रश्न यह उठता है कि लोग इतने आक्रोशित क्यों, महिलाए सहनशीलता को कैसे छोड हाथ मंे झाडू और डंडा लेकर आगे आ गई। निश्चित ही यह एक शर्मनाक घटना है, प्रशासन के लोगों को यह समझना चाहिए कि आम जनता भी हाड़मांस का पुतला है। रिश्वतखोरी पहले से चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी यह तय है किन्तु एक हद तक। जब-जब लोगों ने हदे पार की है या उनका साथ दिया है जो ज्यादती कर रहे है, तो लोग हिंसा पर उतारू हो जाते है।
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