अडानी समूह ने झारखंड में पचास हजार करोड़ रुपये के निवेश से सिंदरी में बड़ा खाद कारखाना, वैकल्पिक प्राकतिक गैस उत्पादन, विद्युत और मीथेन उत्पादन संयन्त्र लगाने का बड़ा समक्षौता राज्य सरकार के साथ किया है। अडानी समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश झा ने बताया कि झारखंड सरकार के साथ इस निवेश के बारे में गुरूवार को समक्षौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। राज्य सरकार की ओर से समझौता पत्र पर उद्योग निदेशक के रवि ने हस्ताक्षर किये।
समझौते के अनुसार अदाणी समूह धनबाद के सिंदरी में पचास हजार करोड़ रुपये के निवेश से तेरह लाख टन प्रति वर्ष यूरिया उत्पादन का कोयला आधारित संयन्त्र लगायेगा। साथ ही यहां चार हजार मेगावाट क्षमता का विद्युत उत्पादन संयन्त्र लगाया जायेगा जिसकी ढाई हजार मेगावाट बिजली का उपयोग स्वयं अदाणी समूह अपने उद्योगों के लिए करेगा जबकि 15 सौ मेगावाट बिजली वह राज्य सरकार को बेचेगा। समझौते के अनुसार सिंदरी में बनने वाले एक ही परिसर में अदाणी समूह उर्वरक, गैस और बिजली के संयन्त्र लगायेगा। इन उद्योगों के माध्यम से वह बीस हजार लोगों को रोजगार भी देगा।
अडानी समूह के राजेश झा ने बताया कि कंपनी ने प्रथम स्तर के समक्षौता पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं और दूसरे स्तर के एमओयू के पांच वर्ष के भीतर कंपनी उत्पादन प्रारंभ कर देगी। उत्पादन प्रारंभ होने के तीन सालों के बाद दूसरे चरण का काम प्रारंभ होगा। इस परियोजना के लिए अडानी समूह को कुल पांच हजार एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी जिसे वह राज्य सरकार के सहयोग से अधिगहीत करेगा।
राजेश झा ने बताया कि कंपनी क्षारखंड में नई प्रौद्योगिकी से यूरिया और वैकल्पिक प्राकतिक गैस का उत्पादन करेगी। कंपनी यहां प्रति वर्ष 33 लाख टन मेथेनॉल का भी उत्पादन करेगी। वैसे अडानी समूह की नजर सिंदरी में नीलाम होने वाले सिंदरी उर्वरक कारखाने पर भी है जिसे सरकार ने नीलाम करने का फैसला किया है। इस परियोजना में छह हजार एकड़ जमीन भी उपलब्ध है।

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