
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नयी दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के बाद जयपुर वापस लौट आईं हैं। आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी की मदद को लेकर उठे विवाद में घिरीं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नीति आयोग की एक बैठक में शामिल होने के लिए आज दिल्ली पहुंचीं थीं। समझा जा रहा था कि ललित मोदी विवाद के सिलसिले में इस्तीफे के लिए विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच राजे दिल्ली में भाजपा के आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखेंगी।
कल ही भाजपा की राजस्थान इकाई ने उन पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि मोदी के आव्रजन आवेदन के समर्थन में वसुंधरा के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज कभी अदालत में पेश ही नहीं किया गया क्योंकि वसुंधरा इससे पीछे हट गयी थीं। पार्टी की राज्य इकाई ने यह भी दावा किया कि वसुंधरा के पुत्र के होटलों की श्रंखला में ललित मोदी द्वारा किया गया निवेश कानूनी है और प्राधिकारियों को इस बारे में बताया गया था।
समझा जाता है कि पार्टी के शीर्ष नेतत्व ने राजे का पक्ष स्वीकार कर लिया है। कल इस मुददे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरूण जेटली से चर्चा की थी। कांग्रेस ने वसुंधरा राजे पर ललित मोदी की मदद करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। पूरे विवाद को लेकर वसुंधरा ने चुप्पी साध रखी है हालांकि उनके कार्यालय ने उन पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया है कि राजे को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए ये आरोप लगाए गए हैं।
भाजपा का कहना है कि वह वसुंधरा राजे का पूरी तरह समर्थन करती है। पार्टी ने उन्हें राज्य में ऐसी सबसे बड़ी और सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताया है जिनके नेतत्व में पार्टी ने विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में उल्लेखनीय जीत हासिल की। जयपुर में भाजपा के कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री आर एस राठौर ने कहा था कि राजे नीति आयोग की एक उप समिति की बैठक में शामिल होंगी।
वसुंधरा राजे ने इस बैठक में भाग लेने के लिए लंदन यात्रा की अपनी योजना रदद कर दी थी। उन्हें कल लंदन जाना था। ललित मोदी विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा की यह पहली दिल्ली यात्रा है।
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