- पटना विश्वविद्यालय कुलपति पर लगाया छात्रविरोधी होने का आरोप।
- कैसे लिया अपने ही आरोप पर न्यायिक निर्णय।
पटना, 05.06.2015 । आॅल इंडिया स्टुडेन्ट्स फेडरेशन वि॰वि॰ इकाई ने पटना विश्वविद्यालय मुख्य द्वार पर एलएलबी प्रवेश परीक्षा में व्याप्त धांधली के खिलाफ मंे एकदिवसीय धरना दिया। धरना के माध्यम से छात्रों ने पटना वि॰वि॰ प्रशासन पर छात्रविरोधी होने का आरोप लगाया। ज्ञात है कि 23 जून को एलएलबी प्रवेश परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा लेने के सवाल पर 24 जून के प्रदर्शन मंे आश्वासन मिला कि जांच कमिटी बना मामले की निष्पक्ष जाँच होगी। जांच कमिटी मंे ।प्ैथ् के छात्र नेता भी रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वि॰वि॰ प्रशासन ने धांधली की बात स्वीकार कर माफियाओं के चंगुल में फँस गई है और तानाशाही रवैये को एक बार उजागर करते हुए पटना वि॰वि॰ कुलपति ने छात्रविरोधी कदम उठाया है और माफियाओं के सामने बेवस है। धरना को संबोधित करते हुए पटना वि॰वि॰ अध्यक्ष संदीप कुमार ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने ही मामले में न्यायाधीश कैसे हो सकता है यह प्राकृतिक सिद्धांतों का खुल्लमखुला उल्लंघन है। ऐसे निर्णय के विरोधी में हम उच्च न्यायालय जाने के लिए तैयार है नहीं तो परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा लेने की गारंटी दें।
धरना को मुख्य रूप से पटना जिला अध्यक्ष महेश कुमार, महानगर सचिव सुशील उमा राज, वि॰वि॰ सचिव प्रभात कुमार, लाॅ काॅलेज सचिव अमित कुमार सिंह, पीयुष कुमार, बिरजुन कुमार भारती, सुधांशु कुमार, शैलेश मिश्रा, जयनारायण, शुभम आनन्द आदि दर्जनों छात्र नेताओं ने संबोधित किया।

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