- सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, लंका क्षेत्र को बेरिकेटिंग से घेरा गया
- काफी पहले से तैयार है 2000 करोड़ की लागत वाली बीएचयू ट्रॉमा सेंटर
- सेंटर से लाभान्वित हो सकेंगे यूपी, बिहार और झारखंड के मरीज
ट्रॉमा सेंटर में 334 बेड, 14 हाईटेक माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर समेत कई अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध रहेंगी
पांच मंजिली पूरी इमारत एयरकंडीशन तो होगी ही ट्रॉमा सेंटर में मोबाइल एंबुलेंस होंगे, जो सोशल नेटवर्किंग साइट से भी जुड़े रहेंगे
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जून रविवार को 2000 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसका निर्माण किया गया है। ट्रॉमा सेंटर में 334 बेड, 14 हाईटेक माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर समेत कई अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध रहेंगी। यहां एक्सपर्ट डॉक्टर तैनात होंगे। वहीं, 50 बेड का स्पेशल आईसीयू बनाया गया है। पांच मंजिली पूरी इमारत एयरकंडीशन होगी। तीन बेड पर दो नर्स और आईसीयू में एक बेड पर एक नर्स रहेगी। खास बात यह है कि ट्रॉमा सेंटर में मोबाइल एंबुलेंस होंगे, जो सोशल नेटवर्किंग साइट से भी जुड़े रहेंगे। सोशल नेटवर्किंग पर मरीज की कंडीशन पता चलने के बाद एंबुलेंस को तत्काल वहां भेजा जाएगा। इसके साथ ही फस्र्ट एड की भी जानकारी दी जाएगी।
बता दें प्रधानमंत्री 28 जून को दोपहर 3.10 बजे लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट (बाबतपुर) पहुंचेंगे। उनकी आगवानी प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेंगे। इस दौरान स्वागत को राज्यपाल राम नाइक के साथ केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहेंगे। पीएम की यात्रा के दौरान यातायात में कोई बाधा न उत्पन्न हो इसके लिए लंका क्षेत्र में सड़क किनारे चारों तरफ बैरिकेटिंग लगाया गया है। लंका चैराहे को चारों तरफ से बैरिकेटिंग से घेरा गया है। चैराहे से ट्रामा सेंटर गेट तक सड़क के दोनों तरफ बैरिकेटिंग लगाया गया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत बीएचयू में ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। मकसद है कि इस सेंटर से यूपी, बिहार और झारखंड के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर में कुल बेड- 334 है। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी, रजिस्ट्रेशन, सिटी स्कैन, रेडियोलॉजी, रिसेप्शन, एनाउंसमेंट केबिन की व्यवस्था की गयी है। जबकि फस्र्ट फ्लोर पर ओटी, सेकेंड फ्लोर पर आईसीयू, थर्ड और फोर्थ फ्लोर पर वार्ड, फिफ्थ फ्लोर पर विशेष अधिकारी केबिन व कांफ्रेंस रूम बनाया गया है।
ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के लिए फाउंटेन पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा रॉक गार्डन की भी प्लानिंग है। बीएचयू अस्पताल से भविष्य में अंडर ग्राउंड रोड बनाने की योजना भी है। इसके अलावा 6 इमरजेंसी वार्ड, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 3 एडवांस मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, एक एडवांस इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर, 50 इमरजेंसी आईसीयू बना है। इस ट्रॉमा सेंटर की खासियत है कि इसमें हर फ्लोर पर मेडिकल गैस लाइन पाइप लाइन सिस्टम, एनेस्थीसिया गैस सप्लाई सिस्टम, ऑटो ऑपरेटेड फायर फाइटिंग सिस्टम, 2500 वाट का डीजल जेनरेटर इमरजेंसी पॉवर बैकअप, 250 वाट का यूपीएस अनकट बिजली सप्लाई लगाया गया है। ओटी, आईसीयू और इमरजेंसी डिजास्टर मैनेजमेंट फैसलिटी और एडवांस एंबुलेंस के अलावा रोबोटिक सर्जरी की भी सुविधाएं मुहैया कराई गयी है। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ के लिए हर फ्लोर पर अलग स्थान सुरक्षित किया गया है। न्यूरो सर्जरी, जनरल सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, इमरजेंसी के लिए 44 एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम अलग अलग विभागों में व्यवस्था की गयी है। 480 पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ की भी तैनाती की गयी है।


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