अल जजीरा ने जर्मनी से आग्रह किया है कि वह उसके पत्रकार अहमद मंसूर को तुरंत रिहा कर दे। अहमद मंसूर को मिस्र के अधिकारियों की मांग पर बर्लिन हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया है। मंसूर, अल जजीरा की अरबी सेवा के लिए काम करते हैं। उन्हें बर्लिन के टीगल हवाईअड्डे पर शनिवार को उस समय हिरासत में ले लिया गया था, जब वह बर्लिन से दोहा जाने के लिए कतर एयरवेज के विमान में सवार हो रहे थे।
फोन पर हुई बातचीत में मंसूर ने अल जजीरा से कहा कि वह सोमवार तक हिरासत में रहेंगे। सोमवार को उन्हें जर्मनी में एक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पर उनके मामले पर फैसला होगा। काहिरा की एक अदालत ने 2014 में मंसूर को उनकी अनुपस्थिति में 15 साल जेल की सजा सुनाई थी। उन पर 2011 में तहरीर चौक पर एक वकील को यातना देने का आरोप था। मंसूर ने हालांकि अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था।
अक्टूबर 2014 में इंटरपोल ने उनके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने के मिस्र के आग्रह को खारिज कर दिया था। अल जजीरा नेटवर्क के कार्यवाहक निदेशक मुस्तफा सौग ने कहा, "मिस्र के अधिकारियों द्वारा पत्रकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में हर कोई जानता है। हमारा नेटवर्क अरब का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला नेटवर्क है और इसी का खामियाजा उठा रहा है।" मुस्तफा ने कहा, "अहमद मंसूर अरब के सर्वाधिक सम्मानित पत्रकारों में से एक हैं और उन्हें जल्द से जल्द रिहा कर देना चाहिए।"

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