बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
छतरपुर/27 जून/जिले में अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखकर कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-21 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07682-248546 है। कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर ने तत्काल प्रभाव से बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिये तीन पालियों में अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी है। अधिकारी-कर्मचारी नियत समय पर कक्ष में उपस्थित होंगे एवं ड्यूटी के दौरान प्राप्त होने वाले निर्देष एवं सूचनाओं की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदान करेंगे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में प्रातः 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रथम पाली में पंचायत समन्वय अधिकारी बृजेन्द्र जोषी 9575093754, सहायक ग्रेड-2 संतोष कुमार विष्वकर्मा 8223862259 तथा भृत्य अच्छे लाल सौर 9179941872 की ड्यूटी लगायी गयी है। इसी तरह दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे की द्वितीय पाली में पंचायत समन्वय अधिकारी कमलेष कुमार वर्मा 9424674862, सहायक ग्रेड-3 बी के षर्मा 9806671391 एवं भृत्य राम प्रसाद रैकवार 9981295245 की ड्यूटी निर्धारित की गयी है। इसी तरह तृतीय पाली में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक की अवधि में पंचायत समन्वय अधिकारी कल्याण सिंह गौड़ 9977863738, तकनीषियन राजेष षर्मा 9425880021 तथा भृत्य मुहम्मद इष्हाक 7869365375 की ड्यूटी नियत की गई है।
पंचायत सचिव एवं पीएसओ निलंबित
छतरपुर/27 जून/कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों एवं पंचायत समन्वय अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिसके तहत छतरपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैगुवां के पंचायत सचिव महादेव प्रसाद रिछारिया को निलंबित कर नैगुवां पंचायत का अतिरिक्त प्रभार मौराहा के पंचायत सचिव संतोष कुमार तिवारी को सौंपा गया है। इसी तरह बृजपुरा पंचायत सचिव राम षरण रिछारिया को निलंबित करने की कार्यवाही की गयी है। सचिव के निलंबन के बाद बृजपुरा का अतिरिक्त प्रभार पंचायत समन्वय अधिकारी कमलेष वर्मा को सौंपा गया है। ग्राम पंचायत गठेवरा के सचिवीय प्रभार में भी परिवर्तन किया गया है। अब अतनियां पंचायत सचिव राम नरेष षर्मा को गठेवरा ग्राम पंचायत का सचिवीय प्रभार दिया गया है। पूर्व में गठेवरा का अतिरिक्त सचिवीय प्रभार मौराहा पंचायत सचिव संतोष कुमार तिवारी को सौंपा गया था। इसी तरह मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिषन की नोडल अधिकारी प्रतिमा मिश्रा द्वारा विगत् दिनों जनपद पंचायत छतरपुर में समीक्षा बैठक ली गयी थी। बैठक में पंचायत समन्वय अधिकारी माधव प्रसाद अहिरवार द्वारा ग्रामीण आवास मिषन का कार्य न करने के संबंध में मना किया गया एवं नोडल अधिकारी श्रीमती मिश्रा से दुव्र्यवहार किया जाकर अपषब्दों का प्रयोग किया गया। अतः श्री अहिरवार को महिला अधिकारी से बहस करने के कृत्य एवं पदीय कत्र्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है। निलंबन के बाद श्री अहिरवार का मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय गौरिहार नियत किया गया है।
किडनी ट्रांसप्लांट एवं उपचार हेतु राषि स्वीकृत
छतरपुर/27 जून/म0प्र0 भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा संचालित चिकित्सा सहायता योजना के अंतर्गत राजनगर तहसील के ग्राम लखेरी निवासी श्रमिक लीलाधर पाल तनय मतैया पाल को स्वयं के किडनी प्रत्यारोपण एवं उपचार के लिये 1 लाख 80 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राषि स्वीकृत की गई है। उक्त सहायता राषि संभागायुक्त राज कुमार माथुर ने कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर की अनुषंसा पर स्वीकृत की है।
मऊसहानियां के जगत सागर में हुआ बाढ़ आपदा का माॅक ड्रिल, कलेक्टर एवं एसपी ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
छतरपुर/27 जून/म0प्र0 षासन के निर्देषों के अनुसार जिले में आपदा प्रबंधन के लिये जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के निर्देषन में होमगार्ड कार्यालय छतरपुर द्वारा नौगांव विकासखण्ड के अंतर्गत स्थित मऊसहानियां के जगत सागर तालाब में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिये माॅक ड्रिल किया गया। कलेकटर डाॅ. मसूद अख्तर एवं पुलिस अधीक्षक श्री ललित षाक्यवार ने मौके पर पहुंचकर माॅक ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने होमगार्ड के जवानों को आवष्यक दिषा-निर्देष भी दिये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेट्रोल से चलने वाली नाव को अपने समक्ष तालाब में चलवाकर देखा। कलेक्टर एवं एसपी स्वयं भी नाव में सवार हुये और उन्होंने आवष्यक दिषा-निर्देष दिये। उन्होंने बाढ़ से लोगों को बचाने के लिये उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे टायर, ट्यूब, बोतल, चारपाई, रस्सा आदि की भी ट्रायल अपने समक्ष में करवायी। कलेक्टर डाॅ. अख्तर ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं होमगार्ड सैनिकों को निर्देषित करते हुये कहा कि बाढ़ आने पर संबंधित स्थान पर तत्काल पहुंचें। इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं करें। उन्होंने कहा कि नाव को रखने के लिये स्थान चिन्हित कर लिये जायें, जिससे आवष्यकता पड़ने पर तुरंत नाव को उपयोग में लिया जा सके। उन्होंने बाढ़ संभावित जिले के सभी 85 गांव का डाटाबेस पहले से ही तैयार कर लेने के निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि तैराकों की सूची एवं उनके मोबाइल नंबर ले लिये जायें। लोगों को जागरूक करने की पूरी कोषिष कर ली जाये। नदी-नाले चढ़े हों तो वहां से लोगों को नहीं निकलने दिया जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिये पुल एवं पुलियों पर नाका लगाने की तैयारी कर ली जाये। उन्होंने उपलब्ध सभी संसाधनों का बाढ़ के दौरान अधिकतम उपयोग करने के निर्देष दिये। पुलिस अधीक्षक श्री षाक्यवार ने भी विभिन्न दिषा-निर्देष दिये। इस अवसर पर जिला सेनानी होमगार्ड श्री करण सिंह, कंपनी कमांडर श्री बी पी नामदेव, मछुआ समितियों के सदस्य, पत्रकारगण आदि उपस्थित थे।
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