महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय टीम के बांग्लादेश के खिलाफ पहली बार श्रृंखला गंवाने के बाद कहा है कि उनके कप्तानी छोड़ने से अगर टीम के प्रदर्शन में सुधार होता है वह खुशी से ऐसा करने के लिए तैयार हैं। भारत को शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में रविवार को खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही मेजबान बांग्लादेश ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। पहले मैच में भारत को 79 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
इस साल विश्व कप से ठीक पहले आस्ट्रेलिया दौरे पर त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इसके बाद टीम विश्व कप खिताब भी बचाने में नाकाम रही और उसे सेमीफाइनल में चैम्पियन आस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के खिलाफ भारत के खराब प्रदर्शन पर जब संवाददाता सम्मेलन में धौनी से पूछा गया कि क्या वह इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए कप्तान पद छोड़ने को तैयार हैं, भारतीय कप्तान ने कहा, "हां, अगर ऐसा होता है कि मुझे हटाने से भारतीय क्रिकेट में सुधार आने लग जाए और जो भी बुरा हो रहा है उसके लिए जिम्मेदार मैं हूं तो निश्चित तौर पर इस पद से अलग हो जाऊंगा।"
धौनी के अनुसार, "आखिरकार आप भारत को जीतते हुए देखना चाहते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि कप्तान कौन है। मैं कभी कप्तान बनने की पंक्ति में खड़ा नहीं था। यह मेरे लिए एक जिम्मेदारी है और मैंने इसे स्वीकार किया। अगर वे मुझे यह जिम्मेदारी वापस लेना चाहते हैं तो मैं तैयार हूं।" गौरतलब धौनी वर्ष-2007 से भारतीय टीम के कप्तान हैं। उस साल वेस्टइंडीज में हुए विश्व कप के पहले दौर से भारतीय टीम के बाहर होने के बाद राहुल द्रविड को हटाकर धौनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। धौनी के नेतृत्व में भारतीय टीम टी-20 विश्व कप, विश्व कप-2011 और चैम्पियंस ट्रॉफी-2013 जीतने में कामयाब रही। साथ ही भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में भी शीर्ष स्थान हासिल करने में कामयाब रही।

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