गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब प्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक दिवस का अनशन करेगा। भोपाल के संपादक श्री मनोज बर्मा के हमलाबरो को आज तक पुलिस पता नहीं लगा सकी। आखिर पत्रकारों की सुरक्षा कैसी होगी।
भारत के इतिहास में आजादी के पूर्व गणेश शंकर विधार्थी जी को भी देश के अपराधिओं ने 23 मार्च 1931 को गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। शहीद गणेश शंकर विधार्थी जी ने देश के पत्रकारों को लिखने के साथ साथ बलिदान होने की प्रेरणा दी थी। आजादी के बाद कितने पत्रकार शहीद हुए उनकी गिनती पुलिस रिकार्ड में होगी , लेकिन जिस प्रकार शांहजहांपुर के सोशल मिडिया पत्रकार जगेन्द्र सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर देश प्रदेश के पत्रकारों को चेतावनी दे गए , उनकी भस्म ठंडी नहीं हो सकी थी की मध्य प्रदेश के बालाघाट [कटंगी ] के पत्रकार संदीप कोठारी का अपहरण कर जिन्दा जलाने की घटना मध्य प्रदेश सरकार को चुनौती दे रही है। जिस पर गणेश शंकर विधार्थी पेस क्लब मध्य प्रदेश ने अपनी चिंता ब्यक्त करते हुए संगठन के माध्यम से पत्रकारों के हितो के लिए भोपाल इसके बाद राजपथ दिल्ली में एक दिवस का अनशन करने का निर्णय लिया है।
देश के कोने कोने से पत्रकार निंदा प्रस्ताव पारित कर रहे ,शोक सभाएं हो रही ,श्रद्धांजलि दी जा रही है। लेकिन देश व प्रदेशो के पत्रकारों भारत सरकार या प्रदेश सरकारों पर पत्रकारों की सुरक्षा ,उनके बीमा ,उनके परिवारो के पालन पोषण ,पत्रकारों के बच्चो के जीवन यापन की कहीं चर्चा नहीं हो रही है। गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब मध्य प्रदेश -प्रांतीय अध्यक्ष [संतोष गंगेले ] में प्रदेश के पत्रकारों की ओर से भारत सरकार व प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन देने जा रहा हूँ , जिसमे पत्रकारों के हितो व पत्रकारों के परिवार वालों के हितो की रक्षा के लिए अनेक मांग रख रहा है जिसे सरकार को स्वीकार करना होगीं अन्यथा 4 जुलाई 15 को प्रदेश के जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा।

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