झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर (27 जून) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 27 जून 2015

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर (27 जून)

जब तक प्रकृर्ति एवं पुरूष का संयोग नही होता तब तक महाकाय पैदा नही होता है- पण्डित पौराणिक
  • उमापति दरबार में नौ दिवसीय देवी भागवत कथा का हुआ समापान, भंडारा प्रसादी का किया गया आयोजन 

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झाबुआ---श्री उमापति महादेव मंदिर विवेकानंद कालोनी में शनिवार को श्री देवी भागवत कथा के समापन के अवसर पर नवदुर्गा के नवें स्वरूप  के नीमित्त नवचण्डी महायज्ञ का प्रातः 10 से 12-30 बजे तक  आयोजन किया गया  तथा पण्डित भगवती प्रसाद अग्निहौत्री उज्जैन के द्वोरा विधि विधान से  यजमान  मनोज भाटी एवं मोहनलाल व्यास से सपत्नीक पूर्णाहूति सम्पन्न करवाई जाकर यज्ञ भगवान की महामंगल आरती एवं अनुष्ठान संपन्न करवाये गये । यज्ञ की समाप्ति के साथ ही पण्डित प्रेम नारायण पुराणिक द्वारा  देंवी भागवत की संगीत मय कथा  प्रस्तुत करते हुए कहा कि  राजा परीक्षित  जो  महाभारत युूद्ध के बाद उत्तराधिकारी थे ने  कहा कि देवी भागवत के श्रवण के बाद उद्धार होना निष्चित हैे । पण्डित पौराणिक ने देवी महिमा का बखान करते हुए कहा कि शास्त्रों में या देवी सर्व भूतेषु शक्ति रुपीणी संस्थिना नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः ऐसा बिज मंत्र है जिससे देवी का पूरा सरंक्षण मिलता है । उन्होने आगे कहा कि जब तक प्रकृर्ति एवं पुरूष का संयोग नही होता तब तक महाकाय पैदा नही होता है । भागवत वह सूर सरिता है जिसका जितनी बार श्रवण किया जावे हर बार नया प्रसंग मालुम होता है और तृप्ति नही होती है । पण्डित पौराणिक ने सत्यवान सावित्री कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान का अनुष्ठान हर घर में होना चाहिये । गायत्रीमंत्र का उच्चारण पुरी श्रद्धा एवं विष्वास के साथ मन से होना चाहिये जिससे उसकी सकारात्मक उर्जा हर साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है । गायत्री मंत्र अपने आप में स्वयं देवी स्वरूपा है । भगवत कथा वह अमृत है जिससे मानव के जीवन में आमुलचूल बदलाव आता है । सत्संग का जादू हर मानव को जीने की कला सिखाता है । पण्डित पौराणिक ने कथा के समापन के अवसर पर कहा कि ’’ लगा सको तो फुललगाओं,कांटे लगाना ना सिखों, जला सकों तो दीप जलाओं, दीप बुझाना मत सिखों ।’’उन्होने भागवन कथा के माहत्म्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देवी भागवत कथा के श्रवण मनन करने से अष्वमेघ यज्ञ का लाभ मिलता है । भागवत ऐसी गंगा है जिसे जहां भी बुलाया जावे वो जन कल्याण के लिये स्वतः चल कर आजाती है ।देवी भागवत कथा वेदों का सार है और इस ज्ञान गंगा में डूबकी लगाने से तन,मन और आत्मा तो पवित्र होती ही है, मोक्ष के द्वार भी खुल जाते है । , दोपहर  3 बजे कथा के समापन के साथ ही विधि विधान से पोथी पूजन का आयोजन  सम्पन्न हुआ और महामंगल आरती  की गई । पिछले नौ दिनों से  उमापति महादेव के दराबार में देवी भागवत कथा का बडी संख्या में महिलाओं ने योग दान दिया ।  कार्यक्रम के संचालक शरत शास्त्री ने बताया कि झाबुआ नगर के इतिहास में पहली बार किसी आध्यात्मिक महिला मंडल ने पिछले तीन सालों से प्रतिमाह अल्प राषि संकलित करके इस भव्य आयोजन को सम्पन्न करवा कर पुरुषोत्तम मास में  नगर में जन कल्याण की भावना से प्रेरित होकर देवी भागवत कथा सम्पन्न करवाई । इस अवसर पर उमापति महादेव मंदिर समिति द्वारा नौ दिवसीय कथा में सक्रिय सहयोग करने वालों को व्यासपीठ पर बिराजित पं. पौराणिक के कर कमलों से श्रीमदभागवत जी एक एक पुस्तक उपहार प्रसादी के रूप  में देकर करीब 61 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया । इस अवसर पर भागवत कथा समापन के अवसर पर दोपहर 3-30 बजे से मंदिर परिसर में भंडारा प्रसादी का भी आयोजन किया गया जिसमें बडी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भंडारा प्रसादी प्राप्त की ।कथा के समापन दिवस पर पूरा मंदिर खचाखच भर गया और श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाद बैठ कर कथा का रसास्वादन लिया । महिलाओं ने भक्ति में भाव विव्हल होकर भजनों पर नृत्य भी किये । श्री  देवी भागवतजी कथा के समापन अवसर पर  उमापति महादेव मंदिर से हाउंसिंग बोर्ड कालोनी स्थित श्री अम्बे माताजी के मंदिर तक शोभायात्रा के साथ तथा ढोल ढमाकों के साथ पोथी जी को ले जाया गया जहां भागवत जी के विश्राम का अनुष्ठान पूर्ण किया गया ।  नौ दिनों तक संगीत मय देवी भागवत कथा में इलेक्ट्रीक आर्गन पर ईष्वरभाई उज्जैन ने अपनी संगीता प्रतिभा को लोहा मनवाया वही गा्रम गुंदीकला के प्रेम कथोरिया ने ढोलक पर कर्णप्रिय संगत दी वही भजन गायकी रघुभाई जहागीरपुर वालें ने प्रस्तुत करके नौ दिनों तथा आध्यात्म एवं संगीत का बेजोड अवसर उत्पन्न किया ।खेमराज मालु धुलेट वाले ने भी अपनी निषुल्क सेवायें देकर आयोजन में सराहनीय सहयोग दिया । उमापति महादेव मंहिला मंडल द्वारा जन सहयोग से आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन  को सफल बनाने में शरतषास्त्री, राधा सोंलंकी, रानी परमार, विद्यादेवी व्यास, षिवकुमारी सोनी, मधुसुदन शर्मा, मनोज भाटी, रमेषचन्द्र पण्ड्या,  अषोक शाह, अनिल नायक, ष्यामाबाई  घनष्याम बेरागी,आषाकालानी,श्रीमती रघुवंषी,श्रीकिषन माहेष्वरी,रूकमणी सोनी, गीतादेवीषाह, रवि नायक, अजय पंवार, श्रीमती संतोष सक्सेना, निर्मल परमार, भवानीबाई्र नागर, संजय सोनी, जयदीष सूर्यवंषी, लिावती मसाणिया, कला गेहलोत,स्नेहलता रावल, आदि का सक्रिय सहयोग रहा ।

दि नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित झाबुआ की संचालक मंडल की बैठक थांदला मे

झाबुआ---दि नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित झाबुआ जिसका कार्यक्षैत्र झाबुआ एवं आलिराजपुर दो जिले है की संचालक मंडल की बैठक बैंक के अध्यक्ष एवं भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेषाध्यक्ष श्री लक्ष्मीनारायणजी पाठक की अध्यक्षता मे संजय कालोनी थांदला पर दिनांक 29 जून 2015 सोमवार को 12.30 बजे आयोजित की जा रही है । बैंक प्रबंधक श्री प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बैंक के कार्य क्षैत्र विस्तार तथा अंषधारियो को जोड़ने तथा अमानत संग्रहण के लिये इस माह की बैंक की संचालक मंडल की बैठक 29.06.2015 सोमवार को दषहरा मैदान के पीछे स्थित संजय कालोनी थांदला के कार्यालय पर रखी गई है । इसमे संचालक मंडल द्वारा थांदला के समस्त अंषधारियो को नवीन अंष प्रमाण पत्र भी वितरित किये जायेंगे । इसलिये थांदला के अंषधारियो से निवेदन किया जा रहा है कि वे अपने ज्ञल्ब् अर्थात स्वयं के परिचय तथा पते के प्रुफ एवं फोटो जमा कर अपना अंष प्रमाण पत्र प्राप्त करे तथा बैंक की गतिविधि से जुड़कर बैंक की योजनाओं का लाभ प्राप्त करे ।

नषामुक्त जिला बना कर ही भूरिया जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जासकती है -षिवगंगा प्रमुख महेष शर्मा
नगर के सामाजिक संगठनों ने सामूहिक रूप  से भूरिया जी को दी श्रद्धांजलि 

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झाबुआ---आसरा परमार्थिक ट्रस्ट के तत्वावधान में दीवंगत सांसद  दिलीपसिंह भूरिया को श्रद्धाजंलि देने के लिये नगर की करीब दो दर्जन से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने एकत्रित होकर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शोकसभा का आयोजन शुक्रवार को  पैलेस गार्डन पर सायंकाल 7 बजे से किया गया ।षोकसभा कोसंबोधित करते हुए षिवगंगा प्रमुख महेषषर्मा ने कहा कि  जिले को पूर्णतः नषे से मुक्त करके ही स्वर्गीय भूरिया को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जासकती है । इसके लिये सभी को एकजूट होकर नषामुक्त जिला बनाने का अभियान चलाना चाहिये । जिससे भूरियाजी के सपनों का झाबुआ जिला सुखमय एवं समृद्धिषाली बन सकेगा । इतिहासकार प्रो. के के त्रिवेदी ने कहा कि भूरियाजी के सादगी पूर्णजीवन को लोगों के लिये आदर्ष का केन्द्र था । इतने बडे पद पर रहने के बाद भी उन्हे किसी प्रकार का घमंड नही था । छोटा हो या बडा सभी के कार्य  वे बडी गंभीरता से करते थे । डा. विक्रांत भूरिया ने  भूरियाजी के राजनैतिक आचरण की प्रसंषा करते हुए कहा कि काजल की कोठरी मे रहते हुए वे पूरी तरह बेदाग रहे ।वे हमेषा पक्ष और विपक्ष दोनों की सुनने के बाद ही किसी निर्णय पर पहूंचते थे,ऐसे आचरण वाले राजनीति में बिरले ही होते है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं भूरिया जी के बालमित्र मांगीलाल सोलंकी ने कहा कि सांसद भूरिया अपने बातों के धनिव्यक्ति थे वे जो भी वादा करते उसे पूर्णतः निभाते थे । इतने बडे पद पर पहूंचने के बाद भी वे अपने बचपन के दोस्तो सादगी पूर्ण तरिके से मिलना नही भूलते थे । सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष निर्मल अग्रवाल ने कहा कि  भूरियाजी को संबंधों को निभाना बखुबी आता था । बडा हो या छोटा जिनसे भी संबंध बन जाते वे अमीट हो जाते । समाजसेवी यषवंत भंडारी ने कहा कि भूरियाजी जेसा नेता मिलना अब संभव नही है ईमानदार दंबंग एवं आदिवासी समाज के लिये हमेषा लडने वाला जिले  का गौरव चलागया है । इसकी भरपाई भविष्य में दिखाइ्र नही दे रही है । संकल्प ग्रुप की भारती सोनी ने भूरियाजी के उदारवादी व्यवहार का उदाहरण देते हुए कहा कि पहली बार जिले से  दिल्ली संसद की कार्यवाही देखने गई कोई महिला का गौरव भूरियाजी ने ही मुझे दिलाया था । पेंषनर एसोसिएषन के अध्यक्ष रतनसिंह राठोर ने कहा कि जिले से दबंग लिडरषीप का समापन हो गया है । भूरियाजी का विकल्प कोई नजर नही आने वाला है । रोटरी क्लब की ओर से श्रद्धांजलि देते हुए मनीषव्यास ने कहा कि भूरियाजी भेदभाव रहित राजनीति करते थे  वे हमेषा याद आते रहेगें । बार एसोसिएषन के वीरेन्द्र मोदी ने भूरियाजी की शालिनता की प्रसंषा करते हुए कहा कि विरोधियों को भी वे गले लगा लेते थे । दिल्ली में विरोध करने गये उस पर भी भूरिया जी हमे गले लगा लिया था । राठौर समाज के कन्हैयालाल राठोर ने भूरियाजी के निधन को एक अस्मरणीय क्षति बताया । उपभोक्ता हितैषीमंच के जयेन्द्र बैरागी ने अपनी रचना के माध्यम से उनकी दबंगता का लोगों को पाठ पढाया । रोटरी क्लब आजाद के संजय कांठी ने कहा कि राजनेता के अलावा वे एक समाजसेवी के रूप  में भी जाने जायेगें । अपने साथियों को हमेषा साथ में लेने का जज्बा कूट कूट कर भरा था । मध्यप्रदेष षिक्षक संघ के अनिल कोठारी ने  भूरियाजी को याद करते हुए जिले के 7 हजार षिक्षकों की ओर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । गायत्री षक्ति पीठ के घनष्याम बेैरागी ने बताया कि  भूरिया जी ने उन्हे सुरक्षा का पाठ माछलिया मे पढाया । पहली बार नौकरी मे जाने पर माछलिया के नाम से घबराहट होती थी वह उन्होने दूर की । पूजारी संघ के ओमप्रकाष बैरागी ने कहा कि  भूरिया जी धार्मिक कार्यो में मदद कियाकरते थे । आजाद साहित्य परिषद के शरतषास्त्री ने कहा कि भूरिया जी माछलिया के शेर थे  आदिवासियों की भलाई मे उन्होने अपना जीवन समर्पित कर दिया । कार्यक्रम का प्रारंभ  दिवगंत सांसद दिलीपसिंह भूरिया के चित्र पर नगर की सभी सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूपसे पुष्पाजंलि अर्पित कर किया ।श्रद्धांजलि सभा में पतजलि योग समिति के रविराज राठौर, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के नंदकिषोर पंवार, अजय रामावत, राजेष नागर , नीमासमाज के लक्ष्मीनारायण शाह,व्यापारी संघ के कमलेष पटेल, पंकज मोगरा, गायत्री शक्तिपीठ की नलीनी बैरागी, श्रीमती निगम,सुदाम मंडल के कमलेष जायसवाल,राजाराम कटारा, रतनसिंह डावर,मीडिया से  राजेन्द्र सोनी सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि बडी संख्या में उपस्थिति थे । कार्यक्रम का संचालननीरजसिंह राठौर ने किया । समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौनरख कर भूरियाजी को श्रद्धांजलि अर्पित की ।

निरंतर योग करने से शुगर से मुक्ति संभव है-श्री बिल्लोरे

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झाबुआ--सरस्वती षिषु मंदिर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री बलीराम बिल्लोरे ने मधुमेह षिविर मेंआये लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि  योग को दिनचर्या का हिस्सा बना लेना चाहिये  निरन्तर योग करनेवाले व्यक्ति को कभी कोई रोग नही हो सकता है । योग से ब्लडप्रेषर एवं मधुमेह जेसी बीमारियों को आसानी से काबु मे किया जा सकता है । योग क्रिया करते समय श्वास को छोडने व ग्रहण करने की शेैली पर विषेष ध्यान देना चाहिये तभी सही योग माना जासकता है । ज्ञातव्यहै कि स्थानीय पैलेस गार्डन पर  बेंगलोर योग अनुसंधान संस्थान एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान मे मधुमेह मुक्त भारत बनाने के लिये  षिविर का आयोजन 21 जून से 28 जून तक किया जारहा हेै जिसमें नगर के करीब  5 दर्जन से अधिक लोगों द्वारा योगाभ्यास किया जा रहा है । षिविर में योग प्रषिक्षण का कार्य रविराज राठौर एवं यषपाल ठाकुर द्वारा रोजाना लोगों को दिया जारहा है । षिविर का मुख्य लक्ष्य पूरे देष से मधुमेह बीीमारी को पूर्णतः खत्म करने का है जिसके फलस्वरूप झाबुआ नगर में इस षिविर का आयोजन किया जारहा है । प्रतिदिन प्रातः 6 से 8 बजे तक षिविर में योग के गुर सिखाये जारहे है इनमें मधुमेह से संबंधित मण्डूकासन,पद्मासन, पष्चिमासन,प्राणायाम,जिनमें भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम विलोम, कपालभाती जैसे सरल आसनों के माध्यम से  लोगों को रोग मुक्त होने की कला से निपूण किया जारहा हे । कार्यक्रम में नगरपालिका पूर्व उपाध्यक्ष विजय चैहान, महिपाल रुनवाल, भूपेन्द्र कोठारी, दिलीपकुष्वाह, नीरजसिंह राठौर, किषोरसिंह परिहार, नरेन्द्रसिंह राठौर, राजू बेन, मंगला राठोर, साधना चैहान, का सहयोग निरंतर मिल रहा है । मधुमेह रोग के उपचार हेतु योग के अलावा क्या क्या सावधानिया जीवन मे रखना चाहिये ,इस बारे में बलिराम बिल्लोरे गजेन्द्रसिंह चन्द्रावत द्वारा लोगों की जागृति के लिये पांच मिनट का विषय का षिक्षा सत्र भी आयोजित हो रहा है जिससे लोगों मधुमेह रोग से मुक्त कराने में  आसानी रहेगी । 28 जून को समापन अवसर पर मधुमेह रोगियों का रक्त परीक्षण भी कियाजावेगा । डाक्टरों की एक विषेष टीम प्रातः 8 से दोपहर 12 बजे तक रक्त परीक्षण का कार्य करेगी ।

 बकरिया चराते जंगल मे किया बलात्कार 
         
झाबुआ--- फरियादी ने बताया कि वह बावड़ी जंगल में आरोपी प्रकाश पिता ज्ञानसिंह भिलाला निवासी बावडी के साथ बकरियां चरा रही थी। तभी आरोपी ने जबरन पकडकर जमीन पर पटक दिया व बलात्कार किया बाद में भाग गया। प्र्रकरण में थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्र0 438/15, धारा 376 भादवि 3/4 लै0अप0संर0अधि0 2012 का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
  
शादी करने का झांसा देकर करता रहा बलात्कार
        
झाबुआ---फरियादी ने बताया कि वह कानवन रोड पेटलावद भागीरथ के मकान में किराये से रहती थी, आरोपी दिनेश पिता सुकराम डामोर, निवासी पत्थरपाड़ा का औरत बनाने का प्रलोभन देकर लगातार खोटा काम करता रहा, बाद में शादी करने से मना कर दिया व बताने पर जान से मारने की धमकी दी। प्र्रकरण में थाना पेटलावद में अपराध क्र0 260/15, धारा 376,506 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

स्कुल से घर लोटते नाबालीग का अपहरण 
        
झाबुआ---फरियादिया अकरम पिता खुमसिंह मेडा, उम्र 26 वर्ष निवासी पानकी ने बताया कि लडकी उम्र 05 वर्ष स्कूल गई थी। स्कूल से वापस अपने धर आते समय आरोपी मंगू पिता मानसिंह डामोर, निवासी धाधलपुरा का जबरन पकडकर ले गया। प्र्रकरण में थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्र0 435/15, धारा 363 भादवि 3/4 लै0अप0संर0अधि0 2012 का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

सर्प दंश से मोत

फरियादी गुड्डू पिता नाथु खराडी, उम्र 30 वर्ष निवासी चेनकावानी ने बताया कि मृितका कु0 मीरा पिता गुड्डू खराडी, उम्र 10 वर्ष निवासी चेनकावानी की सांप के काटने से मृत्यु हो गयी। थाना रायपुरिया में मर्ग क्र0 25/15, धारा 174 जा0फौ0 का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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