सीईओ जिला पंचायत श्री तोमर ने किया निमार्ण कार्यो का निरीक्षण
- गुणवत्ता ठीक न पाये जाने पर नयी निर्माण सामग्री तैयार करायी गई
खण्डवा 24 जून,2015 - मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अमित तोमर ने बुधवार को ग्राम पंचायत बोरगांव, कोरगला, पांजरिया, सिरपुर बड़गांव गुर्जर का भ्रमण कर वहां रोजगार गांरटी योजना व एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन योजना के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत बोरगांव में नवनिर्मित स्टापडेम का निरीक्षण कर स्टापडेम की दीवार पर योजना व निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी लिखने व फिनिशिंग कार्य करने के निर्देश दिये गये । ग्राम पंचायत कोरगला में बकरी पालन के महिला स्व सहायता समूहों के प्रशिक्षण में सम्मिलित होकर समूहों को समूह संचालन के बारे में समझाया। साथ ही उन्हें समय पर ऋण अदायगी व समूह में लाभ के वितरण एवं समूह को अन्य गतिविधियों से किस प्रकार जोड़ा जाये इसकी जानकारी भी दी गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तोमर ने ग्राम पंचायत पांजरिया में वाटरशेड अंतर्गत निर्मित स्टापडेम का निरीक्षण किया तथा कार्य की गुणवत्ता अच्छी पाये जाने पर खुशी जाहिर की गई। पांजरिया में ही मनरेगा अंतर्गत निर्मित पुलिया का निरीक्षण भी उन्होंने किया तथा पुलिया में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सही न पाये जाने के कारण कार्य स्थल पर उपस्थित रहकर उपयोग आ रही सामग्री को हटवाया गया एवं अपने सामने रेत व सीमेंट का नया मिश्रण बनवाकर लगवाया। ग्राम पंचायत पांजरिया में मनरेगा अंतर्गत निर्माणाधीन खेत सड़क का निरीक्षण कर सड़क पर रोलर चलाकर उसे समतल करने के निर्देश दिये गये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तोमर ने सिरपुर ग्राम पंचायत में ई पंचायत कक्ष में व्यवस्थाएं अधूरी पाई जाने के कारण सचिव लछीराम तिरोले पर नाराजगी व्यक्त की एवं एक सप्ताह में ई पंचायत कक्ष में फर्नीचर व्यवस्था, बिजली व्यवस्था व पुताई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तोमर ने ग्राम पंचायत बड़गांव गुर्जर में शौचालयों का निरीक्षण भी किया एवं निर्देश दिये कि सभी शौचालयों में योजना का विवरण लिखा जाये व ओवरहेड टेंक एवं वाशबेसिन लगाये जायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि शौचालय निर्माण में कच्चे आवास धारियों, इंदिरा आवास के हितग्राहियांे व गरीब व्यक्तियों को प्राथमिकता से लाभ दिया जाये। सीईओ श्री तोमर ने सहायक यंत्री मनरेगा को निर्देश दिये कि कार्य स्थल पर कार्य की तकनीकी स्वीकृति, मस्टर आदि सामग्री अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहनी चाहिये। भ्रमण के दौरान मनरेगा योजना के परियोजना अधिकारी श्री प्रमोद त्रिपाठी व वाटरशेड के परियोजना अधिकारी श्री राजेन्द्र कोसरिया भी उपस्थित थे।
बाल सुरक्षा माह के तहत ग्राम चिकढालिया में बच्चों का किया गया टीकाकरण
खण्डवा 24 जून,2015 - मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अवस्या ने बताया कि 16 जुलाई तक आयोजित होने वाले बाल सुरक्षा माह के तहत् पुनासा के ग्राम चिकढालिया में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामीन ए का घोल व आयरन सिरप पिलाई गई तथा बच्चों का टीकाकरण भी किया गया एवं ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य शिक्षा भी दी गई । इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता उर्मिला उईके साथ ही सुपरवाईजर मण्डलोई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा तथा ग्राम की महिलाएं उपस्थित थी ।
पंधाना में हुई 3 मि.मी. वर्षा
खण्डवा 24 जून,2015 - गत 24 घंटो में जिले में औसतन 1 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसमें खण्डवा तहसील में 0 मि.मी., पंधाना तहसील में 3 मि.मी. व नया हरसूद में 0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। अधीक्षक भूअभिलेख ने बताया कि इस वर्ष अब तक खण्डवा में 227 मि.मी., नया हरसूद में 69 मि.मी. व पंधाना में 203 मि.मी. वर्षा हो चुकी थी। गतवर्ष 23 जून तक खण्डवा में 12 मि.मी., नया हरसूद में 13 मि.मी. व पंधाना में 0 मि.मी. वर्षा हो चुकी थी।
स्कूल बसों की शिकायतों के निराकरण के लिये जिला-स्तरीय समिति बनेगी
खण्डवा 24 जून,2015 - प्रदेश में स्कूल बसों के संचालन एवं किराया आदि के संबंध में शिकायतों के निराकरण के लिये जिला-स्तरीय समितियों के गठन का निर्णय राज्य शासन ने लिया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए है। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित होने वाली जिला-स्तरीय समिति के सचिव जिले के पुलिस अधीक्षक होंगे। समिति के सदस्यों में जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल बस संचालकों, विद्यालयों एवं पालकों के 2-2 प्रतिनिधि होंगे। इनका नामांकन कलेक्टर करेंगे। जिला परिवहन अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति जिले के विद्यालयों के वाहनों के संचालन एवं किराये आदि के संबंध में आने वाली शिकायतों का परीक्षण कर जरूरी फैसले लेगी।
एन्ड्रायड मोबाइल से अब मिलेगी हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति खरीदने की सुविधा
खण्डवा 24 जून,2015 - मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय तथा व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के इच्छुक व्यक्तियों की सुविधा और सुरक्षा के लिये एमपी ऑनलाइन के सहयोग से वेब पोर्टल एवं एन्ड्रायड मोबाइल फोन पर ई-ऑफर की व्यवस्था शुरू की जा रही है। संपत्ति खरीदने की यह सुविधा दुनिया भर में रोजाना 24 घंटे उपलब्ध करवायी जायेगी। वेब पोर्टल एवं एन्ड्रायड मोबाइल फोन पर ई-ऑफर की व्यवस्था से संपत्ति खरीदने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। किसी भी आवेदक की कोई भी जानकारी अन्य कोई व्यक्ति, ऑफर खुलने तक नहीं देख सकेगा। ऑफर भी केवल मंडल द्वारा अधिकृत अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से ही खोले जा सकेंगे। इस व्यवस्था से संपत्ति खरीदने के लिये इच्छुक व्यक्ति को वेब पोर्टल www-mphousing-in अथवा mponline-gov-in पर जाकर अपना पंजीयन करवाकर वहाँ दर्शायी गई संपत्तियों के ऑफर्स में से अपनी मनपसंद संपत्ति का ऑफर दर्ज करना होगा। संपत्ति का चयन करते ही, वहाँ आवेदन फार्म मिलेगा जिसे भरकर, ऑनलाइन ही आवेदन की फीस और धरोहर राशि जमा करवायी जा सकेगी। आवेदक को पंजीकृत मोबाइल फोन पर ऑफर दर्ज होने की जानकारी सहित आवंटित बिड-आईडी प्राप्त होगी। इस बिड आईडी के माध्यम से पोर्टल अथवा एन्ड्रायड फोन पर आवेदक अपना ऑफर भरेगा। इसके बाद मंडल द्वारा बिड खोलने पर ऑफर सिस्टम में सबसे अधिक ऑफर डालने वाले का नाम प्रदर्शित करेगा। इन सभी को उनके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस द्वारा इसकी सूचना दी जायेगी। ऑफर सिस्टम के द्वारा असफल ऑफरकर्ता को उनके बेंक खातों में नेट बेंकिंग के माध्यम से राशि वापस की जायेगी। ई.डब्ल्यू.एस. और एल.आई.जी. मकान खरीदने के इच्छुक व्यक्तियों के लिये मंडल के मैदानी कार्यालयों में ऑफलाइन व्यवस्था एक वर्ष के लिये पूर्ववत जारी रखी जायेगी। इच्छुक व्यक्ति सुविधा के लिये हेल्पलाइन नम्बर 0755-4019400 पर प्रातरू 8.30 से रात्रि 10 बजे तक सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
महर्षि दधीचि पुरस्कार के लिए 5 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित
खण्डवा 24 जून,2015 - राज्य में निःषक्तजनों के कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों व संस्थाओं को पुरस्कृत करने के लिये राज्य शासन द्वारा महर्षि दधीचि पुरस्कार प्रदाय किया जाता है। मध्यप्रदेष महर्षि पुरस्कार निःषक्तता के 4 श्रेणियां- श्रवणबाधित, अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित, मानसिक मंदता के क्षेत्र में पृथक-पृथक दिया जाता हैै। जिसमें प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रूपये, तृतीय पुरस्कार 25 हजार रूपये एवं प्रषस्ति पत्र दिया जाता है। महर्षि दधीचि पुरस्कार वर्ष 2015-16 के लिए मध्यप्रदेष में ऐसे व्यक्ति या संस्थाओं जिन्होंने यथा श्रवणबाधित, अस्थिबाधित, दृष्टिबाधित, मानसिक मंदता श्रेणी के निःषक्तजनों के सामाजिक पुनर्वास, शैक्षणिक उत्थान और उनके सषक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य किया हो से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अन्तिम तिथि 5 अगस्त को समय सायं 5 बजे तक रहेगी। ये आवेदन पत्र उक्त तिथि एवं समय के पूर्व आयुक्त, सामाजिक न्याय संचालनालय (1250) तुलसीनगर, पुराना कृषि भवन, भोपाल के पते पर प्राप्त हो जाना चाहिए। निर्धारित तिथि व समय के पश्चात् प्राप्त आवेदन पत्र मान्य नहीं किए जायेंगे। पुरस्कार सम्बन्धी विस्तृत जानकारी एवं मापदण्ड आयुक्त, सामाजिक न्याय संचालनालय एवं जिले के उप संचालक, सामाजिक न्याय के कार्यालय में एवं विभाग की वेबसाईट www.socialjustice.mp .gov.in पर देखे जा सकते है। आवेदन पत्र का प्रारूप विभाग की वेबसाईट- www.socialjustice.mp .gov.in से डाउनलोड कर प्राप्त किया जा सकता है।
आँगनवाड़ी के बच्चों को सोम, बुध व शुक्रवार को मिलेगा 100-100 मि.ली. दूध
खण्डवा 24 जून,2015 - आगामी 1 जुलाई से सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को मीठा-सुगंधित दूध मिलेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आँगनवाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में दूध देने की घोषणा गत दिवस की थी। आँगनवाड़ी में दूध वितरण के लिये राज्य शासन ने जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय संयुक्त संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास एवं कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टर डॉ. एम.के. अग्रवाल ने बताया कि आगामी 1 जुलाई से आँगनवाड़ी में दिये जाने वाले दूध की वितरण व्यवस्था के संबंध में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि स्वीटेंड फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर का प्रदाय मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा किया जायेगा। महासंघ विकासखण्ड-स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को मिल्क पाउडर देगा। यहाँ से मिल्क पाउडर संबंधित एजेंसी अथवा स्कूल तक पहुँचाया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्र में पूरक पोषण प्रदाय करने वाले स्व-सहायता समूह के जरिये ही दूध वितरण होगा। जहाँ साँझा चूल्हा कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह द्वारा पोषण आहार दिया जा रहा है, वहाँ दूध वितरण इसी के जरिये होगा। शहरी क्षेत्र में आँगनवाड़ी केन्द्रों को मिल्क पाउडर जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास को सीधे दिया जायेगा। इन अधिकारियों को बच्चों की संख्या के मान से पाउडर की माँग अग्रिम रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला एवं जनपद पंचायत को बतानी होगी। नाश्ते से एक घंटे पहले सभी बच्चों को 100-100 एम.एल. दूध दिया जायेगा। दूध और पानी के माप के उपकरण महासंघ देगा। स्व-सहायता समूह दूध तैयार करते समय स्वच्छता मानकों का पूरा ध्यान रखेगा। स्वच्छ पानी को उबालकर गुनगुना पानी रहने तक ठंडा करने के बाद निर्धारित मात्रा में मिल्क पाउडर मिलाकर दूध तैयार करेगा और केन्द्र स्थल पर दूध और नाश्ता एकसाथ पहुँचायेगा। दूध तैयार होने के एक घंटे के अंदर बच्चों को देना होगा ताकि वह खराब न हो।
रमजान माह में समय से आधा घण्टे पहले कार्यालय छोड़ने की रहेगी अनुमति
खण्डवा 24 जून,2015 - मध्यप्रदेश शासन समान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देष अनुसार रमजान माह में रोजे प्रारंभ होने के दिनांक से रोजे समाप्त होने के दिनांक तक प्रदेश के सभी शासकीय व अर्द्धशासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को कार्यालय समय समाप्त होने के आधा घण्टे पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति रहेंगी।
अभिलेख सुरक्षित रखने के लिये नागरिकों को मिली डिजिटल लॉकर की सुविधा
खण्डवा 24 जून,2015 - पेपरलेस शासन की अवधारणा को मूर्त रूप देने डिजिटल लॉकर सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा के माध्यम से हरेक नागरिक को शासकीय क्लाउड पर आवश्यक स्पेस उपलब्ध हो सकेगा। इसमें महत्वपूर्ण अभिलेख-शैक्षिक प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि की स्केन्ड या डिजिटल प्रति सुरक्षित रखी जा सकेंगी। भारत सरकार द्वारा नागरिकों के अभिलेखों के सुगम संधारण एवं प्राप्ति के लिए डिजिटल लॉकर सुविधा प्रारंभ की गई है। वर्तमान में नागरिकों को अनेक अवसर पर उनके महत्वपूर्ण अभिलेखों की भौतिक प्रतियाँ प्रदाय करना होती है। इन अभिलेखों के उपयुक्त संधारण के साथ उनकी प्रामाणिकता की जाँच भी चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। इस योजना का उददेश्य नागरिकों को शासकीय क्लाउड पर निर्धारित स्थान देकर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। साथ ही भौतिक अभिलेखों के प्रयोग को न्यूनतम करना, नागरिकों के अभिलेखों को उनके द्वारा ई-हस्ताक्षर कर प्रामाणिक अभिलेख को इलेक्ट्रॉनिक रूप में ऑनलाइन संधारित करने की सुविधा देना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।
ऐसे मिलेगी डिजिटल लॉकर सुविधा
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए नागरिकों को ूूूwww.digitallocker.gov.in , <http://www-digitallocker-gov-in> अथवा www.digilocker.gov.in <http://www.digilocker.gov.in> पर अपने आधार नंबर की सहायता से स्वयं पंजीयन करना होगा। पंजीयन के पूर्व नागरिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका मोबाइल नंबर आधार के साथ संबद्ध हो चुका है। डिजिटल लॉकर सुविधा का लाभ लेने के लिए नागरिकों को डिजिटल लॉकर में पंजीयन के लिए आधार नंबर एवं आधार से एकीकृत मोबाइल नंबर आवश्यक है। आधार नंबर की प्रविष्टि कर लॉगइन करना होगा। आधार से एकीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा जिसकी प्रविष्टि के बाद e-KYC (e - Know your client) के जरिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा नागरिक के पहचान की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद नागरिक अपने डिजिटल लॉकर में विभिन्न प्रमाण-पत्र जारीकर्ताओं द्वारा जारी प्रमाण-पत्र एवं अभिलेख के यूआरएल देख सकेंगे। नागरिकों द्वारा उनके निजी अभिलेख के यूआरएल अनुरोधकर्ताओं को उनके ई-मेल पर भेजे जा सकेंगे।

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