सरकार थमा रही प्यास से तड़पते पर्वतीय क्षेत्र के ग्रामीणों को महज थोथी घोषणाओं का झुनझुना, हुजूर ! हमें घोषणाएं नहीं, पीने का पानी चाहिए
- पौडी जिले में करीब आधा दर्जन योजनाओं की है घोषणा, कोई भी मुकम्मल नहीं, पुरानी योजनाएं तोड रही हैं दम
- अब तो प्रवासी भी गांव में रुकने से करने लगे हैं परहेज
देहरादून, 24 जून । राज्य में सर्वाधिक पेयजल किल्लत वाले जिलों में शुमार पौडी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात ये हैं कि पहले ही पलायन से खाली होते जा रहे जिले के गांव पेयजल संकट के चलते वीरान खंडहरों में तब्दील होते जा रहे हैं। नतीजा है कि पानी के संकट को देखते हुए प्रवासी भी गांवों में रुकने से परहेज करने लगे हैं। सरकार की ओर से गांवों में पेयजल मुहैय्या कराने के लिए जिले में आधा दर्जन से अधिक पंपिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण की घोषणा भी की गई है, जिनमें से एक निर्माणाधीन भी है। लेकिन न तो प्रस्तावित योजनाओं पर काम शुरू हो पा रहा है और न ही निर्माणाधीन योजनाओं के जल्द पूरा होने की उम्मीद है। प्राकृतिक जलस्रोतों के सूखने के कारण पौडी जिले की अधिकांश ग्रेविटी आधारित पेयजल योजनाएं दम तोडने लगी हैं। ऐसे में अब पंपिंग योजनाएं ही एकमात्र विकल्प शेष रह गया है। सरकार के स्तर पर जिले में आधा दर्जन से अधिक पंपिंग पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव विचाराधीन हैं। जिले में कोला पातल, ढिक्वाल गांव, चिनवाडी डांडा, चैबट्टाखाल आदि योजनाओं के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं। इनमें से कोलापातल योजना का शिलान्यास भी कर दिया गया है। लेकिन अन्य योजनाओं की फाइलें अभी शासन स्तर पर हिचकोले खा रही हैं। जिले में सर्वाधिक पेयजल किल्लत से जूझ रहे कल्जीखाल विकासखंड के मनियारस्यूं पूर्वी व पश्चिमी पट्टियों के लिए प्रस्तावित चिनवाडी डांडा पंपिंग योजना भी एक दशक से लंबित है। वर्ष 2009 में पेयजल और संसाधन विकास निगम की द्वितीय निर्माण शाखा पौडी ने करीब 22 करोड का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन गत वर्ष शासन ने इसे पुनरीक्षित करने का निर्देश देते हुए नया प्रस्ताव बनाने को कहा गया। निर्माण शाखा पौडी के अधिषाशी अभियंत एसपी पेटवाल ने बताया कि पेयजल निगम ने 26 करोड का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
नहीं जारी हो पा रहा है बजट
सूबे के पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की माने तो चिनवाडी डांडा योजना सहित अन्य योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। लेकिन चिनवाडी योजना पर कुछ तकनीकी अडचन आने के कारण इसे तकनीकी कमेटी के पास भेजा जा रहा है। बाद में आगे की कार्रवाही होगी। अन्य प्रस्तावित योजनाओं पर भी अंतिम कार्रवाई की बात मंत्री ने की। लेकिन कब निर्माण शुरू होगा, इसका स्पष्ट जवाब मंत्री के पास नहीं है। वहीं करीब तीस करोड की कोला पातल योजना का शिलान्यास तो कर दिया गया है। लेकिन इसके लिए महज पचास लाख की टोकन मनी जारी की गई है। जाहिर है कि ऐसे में कार्य का जल्द शुरू होना संभव नहीं है। अन्य योजनाओं का भी कमोवेश यही स्थिति है।
निर्माणाधीन योजनाओं की गति मंथर
बीते छह सालों से निर्माणाधीन भैरवगढ़ी पंपिंग योजना का निर्माण कार्य अधर में लटका होने से द्वारीखाल क्षेत्र के साथ लैंसडौन छावनी क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्ति मिलना मुश्किल लग रहा है। वहीं कोट विकासखंड के लिए निर्माणाधीन डांडा नागराजा पंपिंग योजना की लाइन का निर्माण भी वन अधिनियम के जंजाल में फंस गया है। इससे इस योजना का निर्माण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
थोथी घोषणाओं से ग्रामीण निराश
चिनवाडी पंपिंग योजना के लिए दो दशक से संघर्षरत मनियारस्यूं संघर्ष समिति के प्रवक्ता जगमोहन सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा द्वारा इस योजना की घोषणा कर दी थी। लेकिन अभी तक यह शासन की फाइलों के ढेर में अटकी हुई है। ऐसे में ग्रामीण निराश होने लगे हैं।
भूकंप और बारिश के साथ उत्तराखंड में मानसून ने दी दस्तक, भूकंप से ‘थर्राए’ टिहरी और उत्तरकाशी
देहरादून,24 जून। देर रात उत्तरकाशी और टिहरी जिले में भूकंप के झटकों से स्थानीय लोग सहम गए। राज्य मौसम विभाग ने पुष्टि करते हुए बताया कि रात टिहरी और उत्तरकाशी में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। विभाग के अनुसार भूकंप का केंद्र टिहरी जिले के थत्यूड़ में पाया गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। इधर मौसम विभाग की ओर से 25 के बाद अगले 48 घण्टों में गढ़वाल और कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए स्थानीय लोगों से अलर्ट रहने को कहा है। वहीं बुधवार की तड़के करीब 2 बजे उत्तरकाशी और टिहरी में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। धरती डोलने का अहसास होने पर लोगों ने घर से बाहर का रूख किया। चंद सैकेण्डों तक रहे झटकों ने लोगों में भय बढ़ाकर रख दिया। आपदा प्रबंधन विभाग भी इन झटकों के बाद चैकस हो गया। वहीं मौसम विभाग का कहना कि हल्के झटके आते रहते हैं। रात दोनों स्थानों में आए भूकंप के झटकों से जानमाल के नुकसान की खबर न होना राहत की बात मानी जा रही है। वहीं उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि झटका मामूली था, पर लोगों ने महसूस किया। कहीं कोई नुकसान की खबर नहीं है। उत्तरकाशी भूकंप की दृष्टि से जोन चार व पांच में है। वर्ष 19991 में उत्तरकाशी जिला विनाशकारी भूकंप झेल चुका है। उस दौरान 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था। तब हजारों मकान ध्वस्त हो गए थे। उस दौरान सात सौ लोगों की मौत हो गई थी और दो हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मंगलवार से राज्य में मौसम में शुरू हुआ बदलाव आज भी बना रहा। मौसम विभाग का कहना कि जैसे कण्डीशन बन रहे हैं, उससे अगले 2 से 3 दिन में राज्य में मानसून आने की उम्मीद तेज हुई है। मौसम विभाग का कहना कि आज से 27 जून तक राज्य में अधिकांश स्थानों पर हल्की व मध्यम बारिश और कहीं कहीं मध्यम दर्जे की बारिश का दौर चलने लगेगा। जबकि 25 से अगले 48 घण्टों तक राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मानसून आने की संभावनाओं को देखते हुए सूबे की सरकार ने जिलाधिकारियों को मौसम विभाग की ओर से मौसम को लेकर दी गई जानकारी को हल्के में न लेने के आदेश दिए हुए हैं। वहीं सरकार की ओर से मिले निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारियों की ओर से बारिश की स्थिति में किसी भी किस्म की आपात स्थिति से निपटने के लिए साजो सामान के इंतजामात कर लिए जाने का दावा किया गया है। बुधवार को राज्य में सुबह की शुरूआत अधिकांश स्थानों पर गुनगुनी धूप से हुई। धूप निकलने के चंद मिनटों बाद ही आसमान में बादल छाने शुरू हो गए। दस बजते बजते राज्य में अधिकांश इलाकों में बारिश व बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश को लेकर मौसम विभाग का कहना कि 24 से 27 तक राज्य में अनेक स्थानांे पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। कहीं कहीं मध्यम से अधिक बारिश होने के आसार भी बन रहे हैं। 25 के बाद अगले 48 घण्टों तक कुछ स्थानों पर विशेषकर गढ़वाल परिक्षेत्र के उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग और पौड़ी और कुमाऊं परिक्षेत्र के पिथौरागढ़ और नैनीताल में मध्यम से अधिक और तेज बारिश के आसार बन रहे हंै। वहीं आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। जबकि मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद बीती 2013 जून माह में केदारनाथ में आई आपदा जैसे हालातों के मददेनजर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
25 के बाद अगले 48 घण्टों तक उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग और पौड़ी और पिथौरागढ़ व नैनीताल में मध्यम से अधिक और भारी बारिश हो सकती है। कण्डीशन बन रहे हैं, अगले 2 से 3 दिन में राज्य में मानसून के पहुंचने की उम्मीद है।’ डा. आनन्द कुमार शर्मा, निदेशक राज्य मौसम केंद्र।
विधानसभा अध्यक्ष ने वर्षा को लेकर जिलाधिकारियों को किया अलर्ट
प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने वर्षा के मौसम को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों व विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं। कुंजवाल ने विशेष रूप से राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि बर्षात के मौसम को देखते हुए समय पर सभी व्यवस्थायें दुरूस्त रखें। उन्होंने कहा कि वर्षात में मोटर मार्गों में मलुवा आने से कई मार्ग अवरूद्ध होने के कारण यातायात अवरूद्ध रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को पर्याप्त मात्रा में बर्षात में डोजरों की व्यवस्था करने तथा मार्गों में मलुआ आने पर उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था सुनिश्चित करें साथ ही खाद्य विभाग को सभी खाद्यान्न गोदामों में पर्याप्त मात्र में खाद्यान्न का भण्डारण करने का निर्देश देते हुए जल निगम और जल संस्थान को ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पेयजल में क्लोरीन नियमित रूप डालते हुए जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे बर्शात के मौसम में सभी अधिकारियों को अलर्ट करते हुए किसी भी प्रकार की घटना से निपटने हेतु हर समय मुस्तैद रहने हेतु निर्देशित करने को कहा है। तथा किसी भी प्रकार की घटना घटित होने पर प्रभावितों को तत्काल हर सम्भव सहायता करने हेतु सभी अधिकारियों को सामूहिक रूप से कार्य करने को कहा है।
धार्मिक स्थलों में निशुल्क शौचालयों के निर्माण की व्यवस्था करे केन्द्रः रावत
देहरादून,24 जून(निस)। धार्मिक स्थलों में निशुल्क शौचालयों के निर्माण व रखरखाव के लिए केंद्र स्तर से विŸाीय व्यवस्था की जाए। शहरी क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया जाए। बेंगलुरू में स्वच्छ भारत मिशन के लिए नीति आयोग के तहत गठित मुख्यमंत्रियों के उपसमूह की तृतीय बैठक में प्रतिभाग करते हुए उŸाराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश को वर्ष 2019 तक ‘‘खुले में शौच की प्रथा से मुक्त’’ करने के चुनौतिपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए विŸाीय व्यवस्था सुनिश्चत की जाए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि शौचालयों के अनुश्रवण व रखरखाव के काम को केवल मदिर व मेला समितियों व स्थानीय निकायों के जिम्मे नहीं छोड़ा जा सकता है। अधिकांश तीर्थयात्री ‘‘भुगतान व प्रयोग करें’’ वाले शौचालय के शुल्क को वहन करने में असमर्थ होते हैं। स्थानीय निकायों के पास भी इतने बड़े पैमाने पर निशुल्क संचालन व रखरखाव के लिए संसाधन नहीं होते हैं। इनके लिए विŸाीय सहायता का प्राविधान किया जाना चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान के लिए उŸाराखण्ड में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर से चमोली व बागेश्वर जिलों को दो वर्षों में संतृप्त किए जाने की योजना है। राज्यों के स्तर से प्रयासों को केंद्रित करने के लिए राज्यों को अनटाईड फण्ड दिए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने स्वच्छ भारत मिशन में बजट को बढ़ाने के साथ ही इसे समय से जारी किए जाने पर बल देते हुए कहा कि सभी स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का एक जैसा संचालन व रखरखाव का स्थायी माॅडल संभव नहीं है। इसलिए कुछ स्थानों पर क्राॅस सब्सिडी का प्राविधान करने पर विचार किया जाए। स्वच्छ भारत अभियान में औद्योगिक व कारपोरेट घरानों का सहयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए औद्योगिक घरानों को ग्राम पंचायतों व वार्डों का आवंटन किया जा सकता है। जिला स्तर पर अभियान की सघन समीक्षा के लिए जिलाधिकारी की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि में स्वच्छता के पैमाने को शामिल किया जाना चाहिए। कागजों के उपयोग को कम करने, पुनः उपयोग करने व रिसाईकिल उपयोग को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उŸाराखण्ड में बच्चों को प्रारम्भ से ही स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ब्लाॅक व जिला स्तर विद्यालयों में स्वच्छता विषयक निबंध प्रतियोगिता, पेंटिंग व वाद विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के मस्तिष्क में स्वच्छता की संकल्पना को विकसित किया जा रहा है। उŸाराखण्ड में ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय विहीन प्रत्येक परिवार को शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने व तकनीकी जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि स्वच्छता अभियान को गति प्रदान करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, बिजली, पानी व गैस बिलों, बस टिकिटों, राशन कार्ड इत्यादि पर स्वच्छता संबंधी संदेशों के अंकन कराने से निश्चित रूप से अच्छा प्रभाव पड़ेगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को शहरी क्षेत्रों में प्राथमिकता देने के साथ ही आवश्यक प्रशिक्षण, क्षमता विकास व कम लागत की तकनीक विकसित किए जाने की आवश्यकता है। अपशिष्ट के संग्रहण व निस्तारण का पर्यवेक्षण गहनता से किया जाना चाहिए। निजी उद्यमियों की सहायता से कूड़े कचरे से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थानहवला, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, नीति आयोग के सीईओ सिन्धुश्री खुल्लर सहित अन्य राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
आपदा राहत घोटाले ने खोली सरकार की कलईः आनंद सिंह राणा
देहरादून,24 जून(निस)। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (सीपीआई) के प्रदेश सचिव आनंद सिंह राणा ने कहा कि आपदा राहत घोटाला सामने आने के बाद प्रदेश की कांगे्रस सरकार की कलई खुल गयी है। यदि सरकार को अपनी इज्जत बचानी है तो उन्हे इस मामले में तत्काल सीबीआई जांच करानी चाहिए। बुधवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाकपा के राज्यसचिव ने कहा कि केदारनाथ आपदा के मामलों में घोटाले के आरोप महज राजनीकि नहीं है बल्कि यह किसी आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा मांगी गयी सूचना से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पुख्ता तौर से सिद्ध होता है कि यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार के पर्दाफाश होने के उपरान्त सरकार की ईमानदारी की नकाब पूरी तरह से उतर गई है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 15सालों की मुख्य उपलब्धि अगर कोई रही है तो वह सिर्फ यह कि कभी कांग्रेस और कभी भाजपा के सत्तासीन होने पर एक दूसरे के समय के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में दोनों ने मित्र-विपक्ष की भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आपदा घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का नैतिक साहस और हिम्मत मुख्यमंत्री को दिखाना चाहिए। भाकपा नेता ने कहा कि भाजपा विरोध की राजनीति का नाटक कर रही है असल में वह भी भ्रष्टाचार के सवालों पर सरकार की साझीदार बनी हुई है। जिससे प्रदेश की जनता आहत और राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।
महिला से छेड़छाड़ मामले में आइएएस ने मांगी लिखित माफी
देहरादून,24 जून(निस)। महिला से बदसलूकी के मामले में बुधवार को महिला आयोग के समक्ष आरोपी आइएएस ने उपस्थित होकर महिला से लिखित माफी मांगी। उधर, महिला ने भी छेड़छाड़ की बात से इंकार किया। रेसकोर्स निवासी एक महिला ने नेहरू कॉलोनी थाना में शनिवार को तहरीर देकर आइएएस व तीन अन्य लोगों पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। आरोप है कि थाने में उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस पर उसने महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग को दी गई शिकायत में महिला ने घटना का खुलासा करते हुए बदसलूकी करने वालों में एक अपर सचिव स्तर के अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों के शामिल होने की बात कही। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। सोमवार को मीडिया में मामला उछला तो पुलिस की नींद टूटी और वह मंगलवार सुबह से जांच में जुट गई। महिला आयोग के बुलाए जाने पर बुधवार की दोपहर अपर सचिव विनय शंकर पांडे महिला आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। करीब एक घंटे चली काउंसलिंग के दौरान उन्होंने घटना पर खेद व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने महिला से लिखित रूप में माफी मांगी। वहीं, प्रारंभिक जांच में पुलिस इस मामले को संपत्ति विवाद से जुड़ा होना मान रही है।
बम की सूचना से आइएसबीटी में हड़कंप
देहरादून,24 जून(निस)। बुधवार को अंतरराज्यीय बस अड्डे (आइएसबीटी) परिसर में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। आनन फानन में पार्किंग स्थल से वाहनों को हटा दिया गया। इस दौरान बम निरोधक दस्ते समेत पूरे तामझाम के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में पता चला कि यह पुलिस का मॉक ड्रिल है। बुधवार को करीब दोपहर 12 बजे आइएसबीटी के पार्किंग स्थल पर बम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां से बसों को हटा दिया गया। साथ ही एक घंटे तक बसों का संचालन आइएसबीटी के बाहर से ही किया गया। मौके पर डॉग स्क्वॉड व बम निरोधक दस्ते के साथ ही फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। इस दौरान मैदान में रखे गत्ते के डब्बे में बस को निष्क्रिय करने में दस्ता जुट गया। करीब एक घंटे बाद जैसे ही वहां हल्का धमाका हुआ तो मौके पर मौजूद लोगों में अफरातरफरी मच गई। इसी बीच एसएसपी पुष्पक ज्योति ने माइक से घोषणा की कि यह मात्र रिहर्लसल है। लोग भयभीत न हों। इस पर लोगों को पता चला कि ये पुलिस की मॉक ड्रिल थी। दून पुलिस की इस कार्यशैली से लोगो में गुस्सा भी देखा गया। लोग भीड़भाड़ वाले इलाके में मॉक ड्रिल पर सवाल उठा रहे थे।
फिल्म नीति का लेकर रणजीव रावत ने ली बैठक
देहरादून,24 जून(निस)। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत की अध्यक्षता में प्रस्तावित उत्तराखण्ड फिल्म नीति के संबंध मे चर्चा की गई। श्री रावत ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से प्रदेश में पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत एवं पुरातात्विक धरोहरों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए राज्य की फिल्म नीति का होना जरूरी है। इस नीति को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जायेगा। श्री रावत ने कहा कि प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इसे सूक्ष्म लद्यु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की नीति के साथ जोड़ा जाय, ताकि इससे अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध होने के साथ ही आर्थिक श्रोत विकसित हो सकें। प्रदेश के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य का देश व दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करने में भी इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस फिल्म नीति के संबंध में एक सप्ताह के अन्दर एक बार सभी संबंधित विभागों की संयुक्त रूप से महानिदेशक सूचना की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाय। उसके बाद शासन स्तर पर आयोजित बैठक में प्रस्तावित प्राविधानों को अंतिम रूप देते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित फिल्म नीति के तहत फिल्म विकास परिषद का भी गठन किया जायेगा, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे तथा राज्य की क्षेत्रीय भाषाएं, हिन्दी फिल्मों से जुड़े फिल्मकार व विषय विशेषज्ञो की इसमें सदस्य नामित किया जायेगा। बैठक में सचिव सूचना मो. शाहिद, महानिदेशक सूचना विनोद शर्मा, अपर सचिव अक्षत गुप्ता, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट्ट, अपर निदेशक पर्यटन ए.के.द्विवेदी, अपर निदेशक सूचना डाॅ. अनिल चन्दोला, संयुक्त निदेशक राजेश कुमार, सहायक निदेशक एम.पी.कैलखुरी, नितिन उपाध्याय, उत्तराखण्ड फिल्म एवं टी.वी. प्रोग्राम प्रोडयूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव पैन्यूली व दीपक नागलिया आदि उपस्थित थे।
एटीएम से हजारों की नकदी उड़ाई
देहरादून, 24 जून(निस)। कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जाना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। चोरों ने उनके घर पर धावा बोलकर दो एटीएम कार्ड चुराकर उससे हजारों की नगदी उड़ा ली है। मिली जानकारी के अनुसार प्रेमनगर क्षेत्र के ठाकुरपुर निवासी विकास पोखरियाल ने पे्रमनगर थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ अपने घर से दो एटीएम कार्ड चुराकर एटीएम से 76700 रूपये निकालने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया है। विकास पोखरियाल के अनुसार वह पिछले दिनों 5 जून को किसी कार्यवश बाहर गये थे। जब वह 20 जून को वापस आये तो उन्हे पता चला कि किसी ने उनके घर से उनकी मां व भांजी का एटीएम कार्ड चुरा लिया है। इस पर जब वह बैंक एटीएम बंद कराने पहुंचे तो उन्हे पता चला कि किसी ने उनकी मां व भंाजी के एटीएम का इस्तेमाल करते हुए 76700 रूपये निकाल लिये है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
मसूरी को ईको सेंसेटिव जोन में शामिल करने की कवायद तेज
मसूरी, 24 जून(निस)। सर्वोच्च न्यायालय के निर्दश पर मसूरी को ईको सेंसेटिव जोन में शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। जिसको लेकर उप वन संरक्षक मसूरी वन प्रभाग डा. धीरज पांडे ने मसूरी के इस्टेट स्वामियों के साथ वार्ता की व ईको सेंसेटिव जोन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। केबिनेट में आने के बाद मुख्यमंत्री रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजी जायेगी। मसूरी वन प्रभाग कार्यालय में डीएफओ डा. धीरज पांडे ने इस्टेट स्वामियों के साथ ईको संेसेटिव जोन को लेकर बैठक की व इसकी पूरी जानकारी दी। मसूरी का बाहरी हिस्सा ईको सेंसेटिव जोन में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की सीमा के बाहर शहरी क्षेत्र में 100 मीटर के क्षेत्र को इससे मुक्त रखा गया है। जानकारी देते हुए बताया कि भू स्वामियों के साथ बैठक सकारात्मक रही। जिन्हें ईकोे सेंसेटिव जोन के बारे में पूरा बताया गया। उन्होेंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने ईको जोन अनिवार्य किया है लेकिन जनता की सुविधा को देखते हुए इसमें शिथिलता दी गई है। जो नेशनल पार्क व वाइल्ड लाइफ सीमा में 100 मीटर तक लागू नहीं होगा। वहीं इसमें ऐसा कोरिडोर छोड़ा जायेगा ताकि जानवरों को आने जाने में परेशानी न हो सके। उपवन संरक्षक डा. धीरज पांडे ने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन लागू होने पर विकास योजनाओं को लागू करने में कोई बाधा नहीं आयेगी न ही कोई योजना प्रभावित होगी। जो एनओसी किसी योजना के लिए पहले ली जाती थी उसके साथ ईको सेंसेटिव जोन की एनओसी लेना जरूरी किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है कि हवाई क्षेत्र में 10 किमी पर ईको सेंसेटिव जोन लागू किया जाय जिसमंे कुछ नहीं बचता लेकिन विरोध के बाद जनता की परेशानी को देखते हुए इसमें रियायत दी गई है। केवल प्रदूषण वाले उद्योगों को छोड़ कर कोई योजना इससे प्रभावित नहीं होगी। ईको सेंसेटिव जोन की बैठक में शामिल भू स्वामी डीके जैन का कहना है कि ईको सेंसेटिव जोन को लेकर यह पहली बैठक है इसमें आगे क्या होगा कहा नहीं जा सकता। एक माह में सुझाव व आपत्ति देने का समय दिया गया है। लेकिन यह निश्चित है कि इसके लागू होने से परेशानी आयेगी। क्यों कि पहले ही मसूरी में कई प्रकार के प्रतिबंध लगे हैं और उसमें यह भी हो जायेगा तो परेशानी तो होगी ही। प्राइवेट स्टेट की काफी भूमि इसमें आ जायेगी। जबर खेत नेचर रिजर्व की निदेशक सीजल वोहरा ने कहा कि ईको सेंसेटिव जोन पर स्टेट स्वामियांे से चर्चा की गई कि इससे आने वाले समय में क्या परेशानी होने वाली है, इस पर भू स्वामियों को शंका है, लेकिन उन्होनंे यह भी कहा कि प्राइवेट इस्टेट वाले जबर खेत नेचर पार्क की तर्ज पर पार्क बना सकते हैं इसमें ईको सेंसेटिव जोन होने के बाद भी परेशानी नहीं होगी केवल पक्का निर्माण नहीं कर सकते। इससे प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित कर रोजगार के साधन बनाये जा सकते हैं व पर्यटन भी बढे़गा। ईको सेंसेटिव जोन लागू होने पर मसूरी के प्राइवेट इस्टेटों एवं आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों की 2055.99 हेक्टेयर भूमि इसके अंतर्गत आ जायेगी।


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