पंचायते एवं निकाय आर्थिक स्त्रोत बढ़ाएं-श्री कोठारी
- आयोग सार्थक सुझावो से सरकार को अवगत कराएगा
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह कोठारी एवं आयोग के सदस्य श्री डीआरएस चैधरी और श्री मलय कुमार राय ने आज विदिशा जिला मुख्यालय पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत और निकायो के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों से विचार विमर्श किया। इससे पहले विदिशा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत हांसुआ में पहुंचकर पंचायतो के प्रबंधनो और आय के स्त्रोतो का जायजा लिया। आयोग के अध्यक्ष श्री कोठारी ने पंचायतो एवं निकायो के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षो से कहा कि आय के स्त्रोत बढ़ाने के उपायो पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार के माध्यम से दी जाने वाली राशि पर ही निर्भर नही रहने की समझाईंश दी। श्री कोठारी ने कहा कि पंचायते एवं निकायों के जनप्रतिनिधिगण क्षेत्रीय रहवासियों के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल, पहुंच मार्ग सहित अन्य मुहैया कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आयोग को जो जन सार्थक एवं पंचायतो और निकायों को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के सुझाव प्राप्त हुए है उन सुझावों से आयोग शीघ्र ही शासन को अवगत कराएगा ताकि उनके संबंध में शासन स्तर पर अतिशीघ्र आदेश जारी हो सकें। आयोग के सदस्य श्री चैधरी ने राज्य वित्त आयोग के बेसिक कार्यो को रेखांकित किया। उन्होंने केन्द्रीय 14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के प्रमुख बिन्दु जिसमें समाहित फार्मूला के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के लिए जो राशि मुहैया कराई जाएगी वह ग्रांट 90ः10 की होगी। नब्बे प्रतिशत राशि पहले प्रदाय की जाएगी उक्त राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद ही शेष दस प्रतिशत जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि नवीन व्यवस्थाओं के अंतर्गत अब सीधे ग्राम पंचायतों और निकायों के खातों में दो किश्तो में राशि क्रमशः जून एवं अक्टूबर में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के बाद जिन पंचायतों अथवा निकायों के द्वारा आडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नही की जाएगी उन्हें किसी भी प्रकार के ग्रांट की राशि मुहैया नही कराई जाएगी। पिछले दो वर्षो की आडिट रिपोर्ट संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने शासन से मिलने वाली राशि सदुपयोग करने की अपेक्षा संबंधितों से व्यक्त की। आयोग के सदस्य श्री राय ने कहा कि आयोग का उद्वेश्य है कि स्थानीय स्तर पर पंचायतों एवं निकायों के प्रतिनिधियों को किस प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है से अवगत होकर उनके निराकरण हेतु कार्यवाही करना है।
मदवार आवंटन
वर्तमान में पंचायतों को जो राशि आवंटित की जा रही है उसमें मदवार की जानकारी अंकित नही रहती है इस कारण से किस कार्य पर राशि खर्च की जानी है कि दुविधा बनी रहती है। आयोग अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी आवंटन में मदवार जानकारी अंकित की जाए से शासन को अवगत कराया जाएगा।
शुल्को में स्थानीय अंश मिले
आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों से अनेक जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उनके क्षेत्रों में अनेक गौण खनिजों की खदाने है जिसकी रायल्टी ली जा रही है किन्तु पंचायतों को उसकी राशि नही मिल रही है अतः शुल्कों में स्थानीय अंश दिलाया जाए इसी प्रकार क्षेत्रों की मदिरा दुकानो से होने वाली आमदनी में से भी कुछ अंश संबंधित निकाय, पंचायतों को दिलाया जाने का सुझाव दिया गया। उक्त सुझावों पर अमल लाने के लिए आवश्यक कार्यवाही के प्रस्ताव से अवगत कराने का आश्वासन दिया गया। विदिशा विधायक श्री कल्याण सिंह दांगी ने सुझाव रखा की पंचायतों में बिजली बिल की वसूली का कार्य पंचायतों को सौंपा जाए। वसूली राशि में से कुछ अंश पंचायतों को भी दिया जाए। अनेक सदस्यों ने जनपद पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए सार्थक निर्णय लेने का आव्हान किया। कुरवाई विधायक श्री वीर सिंह पवार ने कहा कि कुरवाई नगर पंचायत में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए जाने हेतु पृथक से बजट आवंटित किया जाए। विदिशा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामदेवी ने पंचायतों के अधूरे कामो को पूर्ण कराने के लिए राशि की मांग की। सांसद प्रतिनिधि श्री रमेश यादव ने निकाय के अंतर्गत आय के स्त्रोत बढ़ाने के क्रियान्वित उपायो को रेखांकित किया। उन्होंने निकाय क्षेत्र में बिल्डर्स द्वारा अवैध काॅलोनियां पर कसावट लाने के उपाय जाने। इसके अलावा उन्होंने पैट्रोल और गैस ऐजेन्सियों को मिलने वाले कर में से कुछ हिस्सा निकाय को मिले का सुझाव रखा। विदिशा जनपद पंचायत के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई उक्त बैठकों में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी एवं समस्त जनपदों के, निकायो के अध्यक्ष के अलावा कलेक्टर श्री एमबी ओझा, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ श्री चन्द्रमोहन मिश्र के अलावा समस्त जनपदों एवं निकायों के अधिकारी मौजूद थे।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को
विशेष मासिक नेशनल लोक अदालत का आयोजन 27 जून को किया गया है उक्त लोक अदालत जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तरीय न्यायालयों में एक साथ आयोजित की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री रंजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित मासिक नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना, दावा प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। जिला रजिस्ट्रार एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आलोक मिश्रा ने जानकारी उपलब्ध कराते हुए बताया कि शनिवार को आयोजित होने वाली मासिक नेशनल लोक अदालत के लिए खण्ड पीठो का गठन किया जा चुका है। सभी पक्षकारों को लोक अदालत की सूचना प्रेषित की जा चुकी है। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण के लिए न्यू इंडिया इंश्योंरेस कंपनी, आॅरिएंटल इंश्योंरेस कंपनी, नेशनल इंश्योंरेस कंपनी, यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी एवं समस्त प्रायवेट बीमा कंपनियों के अधिकारियों तथा उनके अधिवक्ताओं के साथ दो बार प्री-सिंटिग की जा चुकी है।
अमानक उर्वरक प्रतिबंधित
उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला को भेजे गए नमूना अमानक स्तर का पाया जाने पर उसके क्रय-विक्रय और परिवहन पर अनुज्ञापन अधिकारी के द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेश में उल्लेख है कि मै श्री राम फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स नई दिल्ली का उर्वरक एसएसपी 16 प्रतिशत लाट व बेच नम्बर के केपीएल (पी) 2014-15 का नमूना प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित धतूरिया से लिया गया था जो प्रयोगशाला में विश्लेषण उपरांत अमानक स्तर का पाया गया है। पूर्व उल्लेखित उर्वरक एवं लाट और बेच नम्बर का जिले में क्रय विक्रय, भण्डारण एवं परिवहन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है।
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