मोदी और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 25 जून 2015

मोदी और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को भारत के सबसे अंधकारमय समय में से एक करार देते हुए भारतीय लोकतंत्र को कुचलने को लेकर आज कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि सत्ता की लालसा के कारण 40 साल पहले देश को जंजीरों में जकड़ दिया गया था और जेल में तब्दील कर दिया गया था। आपातकाल के 40 साल पूरा होने के मौके का तत्कालीन इंदिरा नीत कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल करते हुए मोदी ने कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र प्रगति की कुंजी है और लोकतांत्रिक आदर्शों और लोकाचार को मजबूत बनाने के लिए सब कुछ किया जाना चाहिए। मोदी ने ट्वीट किया कि भारत के सबसे अंधकारमय समय में से एक आपातकाल के 40 साल पूरा हो रहे हैं जब तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने लोकतंत्र को कुचल दिया था।


देश में 25 जून, 1975 को आपातकाल घोषित किया गया था और यह 21 मार्च, 1977 तक जारी रहा। इस अवधि को नागरिक स्वतंत्र के निर्मम दमन के तौर पर देखा जाता है और इस दौरान इंदिरा गांधी के कदम का विरोध करने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। मोदी ने कहा, एक जीवंत लोकतंत्र प्रगति की कुंजी है। आगे अपने लोकतांत्रिक आदर्शों और लोकाचार को मजबूत बनाने के लिए जो भी संभव है, हम वो करें।

प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि 1975 में आज के ही दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल का लाखों लोगों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा, हमें उन लाखों लोगों पर गर्व है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया और उनके प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि हमारा लोकतांत्रिक तानाबाना सुरक्षित रहे। मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए कहा, जेपी के आहवान से प्रेरित पूरे भारत में बहुत सारे पुरूषों और महिलाओं ने हमारे लोकतंत्र की सुरक्षा के आंदोलन में नि:स्वार्थ भाव से भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कहा, व्यक्तिगत तौर पर, आपातकल कई स्मृतियों को वापस लाता है। नौजवान के रूप में हमने आपातकाल विरोधी आंदोलन के दौरान बहुत कुछ सीखा। उन्होंने कहा, आपातकाल लोकतंत्र की बहाली के एक लक्ष्य के लिए लड़ रहे नेताओं और संगठनों के व्यापक आयाम के साथ जुड़कर काम करने का बड़ा अवसर था।

मोदी ने स्मार्ट सिटी मिशन, पुनरुद्धार के लिए अटल मिशन और शहरी परिवर्तन एवं सभी के लिए आवास मिशन की शुरुआत के मौके पर भी आपातकाल का हवाला दिया। उन्होंने कहा, कोई भी भारत के इतिहास में 25-26 जून को नहीं भूल सकता। 40 साल पहले सत्ता की लालसा के लिए देश को जंजीरों में जकड़ दिया गया था और उसे जेल में बदल दिया गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा, जेपी के नेतत्व में संपूर्ण क्रांति के सपने से जुड़ते हुए लाखों देशभक्त जेल में थे। अखबार के दफ्तरों को बंद कर दिया गया था और रेडियो पर वही प्रसारण होता था जो तत्कालीन सरकार चाहती थी। बिहार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण का राष्ट्रीय स्मारक बनाने का फैसला करने वाली केंद्रीय कैबिनेट की कल अध्यक्षता करने के एक दिन बाद मोदी ने कहा कि स्मारक देश के लोकतंत्र प्रेमी नागरिकों को हमेशा प्रेरित करेगा। स्मारक बनाने के कैबिनेट के फैसले पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह इस देश के लोकतंत्र प्रेमियों और नागरिकों के लिए हमेशा प्रेरणा और मार्गदर्शन का काम करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आपातकाल को भारत के इतिहास के सबसे अंधकारमय समय में से एक करार दिये जाने के बाद कांग्रेस ने आज सरकार पर देश में अघोषित आपातकाल लागू करने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, केन्द्र में काम कर रही सूट बूट की सरकार ने एक तरह से देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है। और लालकृष्ण आडवाणी जैसे पार्टी के नेताओं ने इसी तरह की राय और आशंका जाहिर की है। उन्हें नेतृत्व पर भरोसा नहीं कि देश में आपातकाल घोषित नहीं किया जायेगा।

शोभा ओझा ने साथ ही कहा कि इसी तरह भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने अपनी राय जाहिर की है कि उनकी पार्टी के बुजुर्ग नेताओं को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा इसलिए यह स्पष्ट रूप से जाहिर करता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहीं न कहीं स्वीकार किया है कि अघोषित आपातकाल लागू किया गया है। ललित मोदी प्रकरण पर सरकार के खिलाफ हमले तेज करते हुए ओझा ने कहा कि यह भाजपा का असली चेहरा है। वे भ्रष्ट एवं भगोड़ों की मदद करते हैं। वे वसुंधरा राजे जैसे लोगों को संरक्षण देते हैं, ताकि उनकी सचाई देश के अधिकारियों के समक्ष नहीं आ पाये।

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