
चुनाव आयोग ने बिहार में सितंबर में होने वाले चुनाव को देखते हुए इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा के कड़े उपाय बरतने, स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने और मतदान कक्ष में वोटिंग मशीन के चारों तरफ सुरक्षित घेराबंदी करने का निर्देश दिया है। आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन को भेजे पत्र में कहा है कि स्ट्रांग रूम में रखी जाने वाली वोटिंग मशीन की कड़ी सुरक्षा की जाये और उस रूम में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं तथा यह भी सुनिश्चित किया जाये कि स्ट्रांग रूम से मतदान कक्ष तक ये ईवीएम सुरक्षित पहुंचे।
पत्र में कहा गया है कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों की चौबीसों घंटे पर्याप्त रूप से निगरानी की जाये तथा प्रशिक्षण के लिए प्रयुक्त किए जाने वाली मशीन को उसी परिसर में अलग स्ट्रांग रूम में रखा जाये। स्ट्रांग रूम को सीलबंद करते समय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रह सकते हैं और वे अपनी ओर से भी सील लगा सकते हैं। इसके लिए राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर की मान्यता प्राप्त पार्टियों को लिखित रूप में अग्रिम सूचना दी जाये।
स्ट्रांग रूम में प्रवेश द्वार एक ही हो और उस पर दोहरा ताला लगा हो। उसकी एक चॉबी निर्वाचन अधिकारी को तथा दूसरी चॉबी सहायक निर्वाचक अधिकारी को दी जाये। स्ट्रांग रूम की खिड़की आदि भी इस तरह सील हो कि कोई उनके भीतर न पहुंच पाए। स्ट्रांग रूम में 24 घंटों सीसीटीवी लगा हो तथा वहां अग्निशामक भी हो। सुरक्षाकर्मी के पास एक लॉग बुक भी हो, जिसमें स्ट्रांग रूम के भीतर प्रवेश करने वाले व्यक्ति का नाम, समय लिखा हो और वह कितने देर तक वहां रहा, उसका भी विवरण हो। स्ट्रांग रूम में पर्यवेक्षक, जिला चुनाव अधिकारी, राजनीतिक दलों के एजेंट आदि ही प्रवेश पा सकते हैं।
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