- अभी तक प्रोग्रामिंग में सुधार नहीं किया गया
गया।इलेक्ट्राॅनिक प्रक्रिया द्वारा आधार कार्ड बनाया जाता है।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण,भारत सरकार की देखरेख में प्रोग्रामिंग किया गया है। आधार कार्ड बनाने वाले आॅपरेट जैसे ही पिन कोड इंटर करते हैं। वैसे ही दीनापुर कम खगौल आ जाता है। इसके कारण आधार कार्ड बन जाता है आधारहीन। बैंक वाले स्वीकार ही नहीं करते हैं।
इस ओर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण,भारत सरकार को जानकारी दी गयी। लाख प्रयास करने के बाद भी प्रोग्रामिंग में सुधार नहीं किया गया। आॅपरेटरों के द्वारा पिन कोड इंटर करते ही खामियां झलक जाता है। मान न सम्मान में तेरा मेहमान की तरह आधार कार्ड में दीनापुर कम खगौल आ ही जाता है। नवीनतम जानकारी के अनुसार 10 जुलाई 2015 तक व्याप्त खामियों को दूर नहीं किया गया। एक शख्स ने 1416/77574/1189 की संख्या से आधार कार्ड बनाया है। इससे साबित होता है कि प्रोग्रामिंग में व्याप्त खामियों को दूर नहीं किया गया है।
आधार कार्ड में दीनापुर-कम खगौल आ जाने से व्यक्तियों को आधारहीन साबित कर देता है। सरनामा में दीनापुर-कम खगौल आते ही आधार कार्ड महत्वहीन हो जाता है। अब तो बैंक वाले आधार कार्ड को स्वीकार ही नहीं करते हैं।अब तो आधार कार्डधारकों को जले पर नमक छिड़कने का कार्य आधार कार्ड बनाने वाले डालने लगे हैं।आधार कार्ड में आए त्रटियों को सुधारने के नाम पर 150 रूपए गडक जाते हैं। और तो और नया कार्ड बनाने के नाम पर 100 रू.हड़प ले रहे हैं। पहले आधार कार्ड बनाएं हैं। मगर तकनीकी खामियां आ जाने के बाद आधार कार्ड नहीं बनने पर सलाह देते हैं कि फिर से आधार कार्ड बना ले लें।
पश्चिमी दीघा ग्राम पंचायत में आधार कार्ड केन्द्र खोला गया है। रामानंद भवन के द्वितीय तल पर स्थित है। आधार कार्ड केन्द्र का बैनर देखकर लोग आते हैं। केन्द्र के आॅपरेटरों के द्वारा जरूर ही बातचीत में मोहने वाला अंदाज है। अंत में कहते हैं कि पिताजी के साथ आ जाए और 100 रू. साथ लेते आइएगा। नया कार्ड बनवाने में 100 रू. और त्रुटियों को दूर करने में 150 रू. ले रहे हैं। मगर राशि लेने के बाद रसीद नहीं दे रहे हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण,भारत सरकार के द्वारा निर्मित आधार कार्ड को नियमित ढंग से प्रेषित नहीं करने से मजबूरी में लोग इंटरनेट से आधार कार्ड निकलवाने को बाध्य हो रहे हैं। इंटरनेट से आधार कार्ड निकलवाने की कीमत 60,50 और 40 रू. लेते हैं। त्रुटियों को शु़िद्धकरण करने की कीमत 25 रू. है। बिहार विघालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा के प्रवेश -पत्र में आयु अंकित है। जिसे प्रेषित करने में अमान्य कर दिया जाता है। इसको लचीला बनाने की जरूरत है।
आलोक कुमार
गया

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