जदयू-राजद गठंबधन चाहता है कि बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव एक चरण में होना चाहिए . पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में छह चरण में मतदान हुआ था. राज्य में इस बार सत्ता पाने के लिए जदयू-राजद गठंबधन और भाजपा नीत एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला है . जदयू नीत गठबंधन को लगता है कि यदि चुनाव कई चरणों में होता है तो हफ्तों चलने वाले चुनाव प्रचार अभियान में धन और संसाधन के मामले में संपन्न भाजपा को लाभ मिल सकता है . इसलिए जदयू नीत गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल कल निर्वाचन आयोग जाएगा और राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान कराने की मांग करेगा .
जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने दावा किया कि बिहार चुनाव, जो संभवत: अक्तूबर और नवंबर में होगा, ‘‘अत्यधिक खर्चीला’’ चुनाव होगा, जिसमें भाजपा नीत प्रतिद्वंद्वी गठबंधन ‘‘बेतहाशा खर्च’’ कर सकता है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले गठबंधन को आशंका है कि भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने के लिए त्यौहारों के समय स्थिति का ‘‘सांप्रदायीकरण’’ कर सकती है .
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन सप्ताहों में दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ जैसे त्यौहार पड़ेंगे. दशहरा और मोहर्रम एक ही दिन पड़ रहे हैं . भाजपा और इससे जुड़े संगठन राजनीतिक कारणों से स्थिति का सांप्रदायीकरण कर सकते हैं. हम इस अवधि के आसपास मतदान नहीं चाहते. सबसे अच्छा होगा कि एक ही दिन में चुनाव संपन्न करा लिया जाए.’’

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