मंदसौर (मध्यप्रदेश) की खबर (25 जुलाई) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 25 जुलाई 2015

मंदसौर (मध्यप्रदेश) की खबर (25 जुलाई)

चंबल नदी से जिले के हर शहर, कस्बे और गांवों को पानी मुहैया कराने की तैयारी
  • विधायक श्री सिसौदिया एवं कलेक्टर श्री सिंह ने जल निगम ंके अधिकारियों को
  • चंबल नदी से जिले ंके हर गांव को पानी मुहैया कराने ंके लिये योजना बनाने को कहा

mandsaur news
मंदसौर 25 जुलाई 2015/ जिले की जीवनरेखा ंके रूप में पहचानी जाने वाली चंबल नदी का पानी मन्दसौर जिले ंके हर शहर/कस्बों और गांव-गांवं तक पहुंचाने की तैयारी अब नये सिरे से प्रारंभ हो गई है। प्रयास यह है कि चंबल नदी ंके पानी से सभी को पेयजल मुहैया कराया जायें। मन्दसौर विधायक श्री यशपाल सिंह सिसौदिया और कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने आज जल निगम ंके अधिकारियों ंके साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर गहन विचार विमर्श किया और जल निगम व पीएचई ंके अधिकारियों को इस दिशा में कार्ययोजना बनाने को कहा। विधायक श्री सिसौदिया ने कहा कि चंबल नदी के पानी पर जिले ंके हर नागरिक का समान हक है। अतः किसी को भी इस हक से वंचित न रखा जायें और पूरे जिले ंके हर गांव-गांव तक चंबल का पानी पहुंचाने ंके लिये एक ही मापदण्ड से वृहद कार्ययोजना बनाई जायें। विधायक श्री सिसौदिया व कलेक्टर श्री सिंह ने पीएचई द्वारा तैयार किये गये टोपोग्राफी मैप का अवलोकन कर विभाग ंके की प्लान का गहराई से अध्ययन किया और जल निगम ंके अधिकारियों को पीएचई ंव जल संसाधन विभाग के साथ सामन्जस्य स्थापित कर इस दिशा में जल्द से जल्द वृहद कार्ययोजना प्रस्ताव बनाने को कहा। मालूम हो कि गांधीसागर बांध का डेड स्टोरेज लेवल 525 एमसीएम है,ं जबकि मन्दसौर जिले की जल आवश्यकता मात्र 40.25 एमसीएम ही है। अतः जिले की आवश्यकता से कई गुना अधिक पानी गांधीसागर बांध/चंबल नदी में उपलब्ध है। इसलिये चंबल नदी से जिले ंके हर गांव को पेयजल मुहैया कराया जा सकता है। इससे जिले ंके सभी अंचलों में पेयजल आपूर्ति समस्या का एक स्थाई निराकरण हो सकेंगा। आज की बैठक इसी संदर्भ में रखी गई थी। बैठक में जल निगम ंके अधिकारी श्री मुदगल, कन्सलटेंट फर्म ंके अधिकारी, जल संसाधन विभाग ंके कार्यपालन यंत्री श्री अरविन्द खरें, लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग ंके प्रभारी कार्यपालन यंत्री एवं अन्य अधिकारीगण भी मौजूद थेे। बैठक में मन्दसौर जिले ंके ग्रामों ंके लिये गांधीसागर बांध पर आधारित समूह जलप्रदाय योजना ंके बारे में बताया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ंके मंदसौर खण्ड द्वारा प्रारंभिक आंकलन ंके पश्चात गांधीसागर सतही जलस्त्रोत पर आधारित मंदसौर जिले ंके 493 ग्रामों की समूह जलप्रदाय योजना चिन्हांकित की गई। जिसकी प्रारंभिक लागत 653 करोड़ रू. आंकलित की गई है। मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित भोपाल द्वारा इस समूह जलप्रदाय योजना ंके लिये मेसर्स एनएसएस एसोसिएट्स हैदराबाद को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने हेतु कंसलटेंट फर्म नियुक्त किया है। कंसलटेंट फर्म द्वारा इस माह 7 जुलाई को प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण दे दिया गया है। इसमंें मन्दसौर जिले ंके 511 ग्राम सम्मिलित किये गये है। इसमें भानपुरा विकासखण्ड ंके 84 गांव, गरोठ विकासखण्ड ंके 194 गांव तथा सीतामऊ विकासखण्ड ंके 233 गांव सम्मिलित किये गये है। यह योजना वर्ष 2046 की रूपांकित जनसंख्या 922711 को 70 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन प्रदाय हेतु बनाने की प्रक्रिया में है। इस हेतु वर्ष 2046 में कच्चा पानी 44.72 मिलियन क्यूबिक मीटर वार्षिक जल की आवश्यकता आंकलित की गई है। इस योजना की प्रारंभिक लागत  890 करोड़ रू. आने की संभावना है। इस योजना ंके अंतर्गत गांधीसागर बांध ंके समीप इंटकवेल बनाकर 900 मि.मी. व्यास ंके डीआई पाईप से 82.85 एमएलडी का राॅवाटर पम्पिंग मेन तथा 1.5 किलो मीटर दूरी पर 82 एमएलडी का जलशोधन संयंत्र बनाया जायेगा। इस संयंत्र से 3.70 कि.मी. दूरी पर एक मास्ट बेलेंसिंग रिजरवाॅंयर तथा विभिन्न दूरियों पर 6 ब्रेेक प्रेशर टेंक प्रस्तावित किये गये हैं। इस योजना में 100 मि.मी व्यास से लेकर 1400 मि.मी. ंके कुल 655 किलोमीटर पाईपों का उपयोग होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ंके समक्ष इस समूह जलप्रदाय योजना ंके प्रस्तुतीकरण ंके दौरान कंसलटेंट फर्म को गांधीसागर बांध से लगे नीमच जिले ंके मनासा, नीमच एवं जावद विकासखण्डों ंके लगभग 200 ग्रामों को भी इस योजना में अतिरिक्त रूप से सम्मिलित किये जाने का भी तकनीकी परीक्षण कर इसी प्रस्ताव में सम्मिलित करने हेतु निर्देशित किया गया है। इस योजना का संर्वेक्षण अभी चल रहा है।  

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