- तलवारबाजी में राष्ट्रीय स्तर के चैम्पियन है होशियार सिंह
- बीमार पत्नी का हाल जानने के लिए कुछ देर के लिए बैठा था महिला कोच में
उत्तर प्रदेश में एकबार फिर रेलवे पुलिस जीआरपी का गुंडावर्दी सामने आया है। महज 200 रुपये के लिए चलती ट्रेन से फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खिलाड़ी की गलती बस इतनी थी कि वह बीमारी से ग्रसित अपनी पत्नी का हाल जानने कुछ देर के लिए महिला कोच में आकर बैठ गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने जीआरपी के दो सिपाहियों रामविलास और राजेश समेत तीन लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जबकि परिवारीजन जीआरपी के सिपाहियों के खिलाफ हत्या की रपट दर्ज करने की मांग कर रहे है। वाकया कासगंज का है।
तलवारबाजी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होशियार सिंह अपनी पत्नी ज्योति सिंह और मां शशि के साथ अपने 7 माह के बेटे युवराज का मुंडन कराकर पैसेंजर ट्रेन से कासगंज से मथुरा लौट रहे थे। होशियार ने मां और पत्नी को महिला कोच में बैठा दिया और खुद आकर जनरल कोच में बैठ गए। ट्रेन चलने के कुछ देर बाद ही पत्नी ने उन्हें फोन कर तबीयत खराब होने की जानकारी दी। सिकन्दरा रोड स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर जब वे पत्नी और मां के पास महिला कोच में पहुंचे, तो वहां मौजूद रेलवे पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें कोच से उतरने के लिए कहा. इस पर होशियार ने पत्नी की तबीयत खराब होने की बात कहते हुए अपने को तलवारबाजी का राष्ट्रीय खिलाड़ी बताया। लेकिन आरोप है कि सिपाहियों ने उनसे महिला कोच में बैठे रहने के लिए 200 रुपये की मांग की। इसी पर गरमागरम बहस धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि सिपाहियों ने होशियार सिंह को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उनकी सिकंदरा रोड स्टेशन पर ही मौत हो गई।

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