सिर्फ सरकार से ही राज्य का विकास संभव नहीं। सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। निःस्वार्थ भाव से इस जिम्मेवारी को निभाने के लिए सभी को आगे आना होगा। क्या पक्ष, क्या विपक्ष। सबका एक ही ध्येय होना चाहिए राज्य का विकास। व्यापारी राज्य की आन व शान हैं। चुस्त-दुरूस्त सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार सुरक्षित झारखण्ड निर्माण के प्रति भी कृतसंकल्प है।
संथाल परगना में विकास की बयार बहेगी। इसे कोई रोक नहीं सकता, क्योंकि जनता विकास चाहती है और विकास के लिए जनता ने हमें सत्ता दी है। मदनपुर दुमका में दिन गुरुवार को 220/132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन व 220 केवी, दुमका-रूपनारायणपुर विद्युत संचरण का लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि संताल परगना के सभी छः जिलों में 180 मेगावाट बिजली आपूर्ति बहाल होगी और 15 सितम्बर से पाकुड़ ग्रीड सब स्टेशन के चालू होने पर 350 मेगावाट बिजली जनता को मिलेगी। मधुपुर ग्रीड सब स्टेशन 15 अगस्त तक चालू हो जाएगा। इस तरह समयबद्ध तरीके से उर्जा की समस्या को दूर कर लिया जाऐगा। उन्होनें कहा वर्ष 2019 तक 2400 मेगावाट बिजली तथा 2022 तक 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। एन0टी0पी0सी0 के अलावा टी0वी0एन0एल0 के एक और यूनिट के माध्यम से बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होनें कहा पिछले 14 वर्षांे में बिजली उत्पादन व उसके वितरण व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हमारी सरकार बिजली मुहैया तो कराऐगी ही विद्युत उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाऐगा।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा मदनपुर सब स्टेशन क्षेत्र के 10 गांवों के युवकों ने बिजली के लिए अपनी मांग रखी है जो जायज है। अटल ग्रामीण विद्युतिकरण योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य दिन शुक्रवार से ही शुरू कर दिया जाऐगा। इन गावों में इस योजना के तहत विद्युत आपूर्ति की जाएगाी। उन्होंने कहा पिछले 14 वर्षों से झारखण्ड विद्युत की समस्याआंे से जूझ रहा है। बिजली विभाग की उदासीनता भी जग जाहिर रही है, किन्तु अब माहौल बदल गया है। समयबद्ध तरीके से कार्य होगा और सरकार का कोई विभाग जनमुद्दों पर उदासीन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि विकास के लिए सब मिल कर काम करें। विपक्ष की भूमिका भी विकास के लिए सकारात्मक हो। राजनीति व सत्ता का ध्येय विकास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा संथाल परगना की बदहाली को बहुत करीब से देखा व महसूस किया है। इस क्षेत्र की समस्याओं पर मैनें संकल्प लिया था यदि सत्ता में आऊँगा तो संथाल परगना का कायाकल्प करुँगा।
मुख्यमंत्री ने कहा 15 अगस्त 2015 से 12000 पोषण सखी की बहाली तथा सितम्बर माह तक प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति व अस्पतालों में डाॅक्टरों की बहाली कर दी जाऐगी। 15 नवम्बर तक इन्टर व महा विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालयों में जीम की व्चवस्था तथा प्रत्येक बच्चियों के बीच टैबलेट का वितरण किया जाऐगा ताकि वे व्यवस्था से जुड़ सकें। उन्होनें कहा प्रत्येक क्षेत्र में विकास के कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा। अशिक्षा के साथ-साथ महिलाओं में व्याप्त कुपोषण को दूर करना उनका ध्येय है। अनुसुचित जनजाति ग्रामीण विकास योजना के तहत 4000 गांवों में सम्पूर्ण विकास कार्य किया जाएगा। अनुसुचित जनजाति स्वयं सहायता समूहों को 2-2 लाख रू0 तथा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनो बदलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा जीवन में कुछ करने का ध्येय लेकर सबको देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री, डाॅ0 लोईस मरांडी, श्रम मंत्री राज पलिवार कृषि एवं पशुपालन मंत्री रणधीर सिंह, पूर्व उप मुख्य मंत्री स्टीफन मरांडी तथा जामा की विधायक सीता सोरेन ने भी सभा को संबोधित किया और इस लोकार्पण को संथाल परगना के हित में एक अविस्मरणीय पहल बताया।
इस अवसर पर उर्जा के प्रधान सचिव, एस0के0जी0 राहटे, संचरण के मुख्य महा प्रबंधक सुनिल कुमार, संताल परगना के आयुक्त, एल0 खियांग्ते, पुलिस उप महानिरीक्षक व दुमका के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक इस अवसर पर मौजूद थे। इससे पूर्व दिन मंगलवार को फौजदारी बाबा बासुकिनाथ धाम में नवनिर्मित टाटा नगर बासुकिनाथ मंडली धर्मशाला के बासुकि वाटिका के उद्घाटन के बाद मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था सिर्फ सरकार से ही राज्य का विकास संभव नहीं। सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। निःस्वार्थ भाव से इस जिम्मेवारी को निभाने के लिए सभी को आगे आना होगा। क्या पक्ष, क्या विपक्ष। सबका एक ही ध्येय होना चाहिए राज्य का विकास। मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा बैद्यनाथधाम, वासुकिनाथधाम, मलूटी व पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिलान्तर्गत तारापीठ की संस्कृति की झलक देश-विदेश में दिखलाने के लिये एक टूरिस्ट सर्किट का निर्माण कराया जाऐगा। यह टूरिज्म सर्किट लगभग 125 कि0मी0 का होगा। चतरा से पतरातु तक को जोड़े जाने की कवायद पर सचिव, टूरिज्म को निदेश दिये गए हैं। सभी वर्ग के लोगांे से अपनी सोच व्यापक करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सुशासन व जनसेवा के लिए राजनीति कर रहे हैं। उन्हें पद की कोई चिन्ता नहीं। सूबे में भाजपा सरकार के 05 वर्षों के कार्यकाल में ही जरमुण्डी को अनुमण्डल व मधुपुर को जिला बनाने की दिशा में कार्य किया जाऐगा। मुख्यमंत्री ने कहा व्यापारी राज्य की आन व शान हैं। चुस्त-दुरूस्त सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य सरकार सुरक्षित झारखण्ड निर्माण के प्रति भी कृतसंकल्प है। उन्हांेने टाटा नगर बासुकीनाथ मंडली को बधाई देते हुए कहा कि स्वैच्छिक संस्थाएँ हमारे समाज के विकास की आत्मा है। प्राचीन काल से ही सामाजिक कार्यों की संस्कृति इस देश में देखी जा रही। स्वैच्छिक संस्थाएँ ही कुआँ-तालाब, प्याउ इत्यादि का निर्माण कर सामाजिक कार्यों में अपनी भूमिका अदा किया करती थीं। यह भारतीय परम्परा भी है कि हम अपनी आय का दसवाँ हिस्सा परोपकार मंे खर्च करें। श्री दास ने कहा सुन्दर भवन निर्माण में धन दान करने वालों के साथ-साथ भवन को बनाने वाले मजदूरों द्वारा किये गये श्रम को भी नमन करना चाहिए। उन्होनें कहा हमारे अधिकारी पूर्ण समर्पण व निष्ठा के साथ काम करें। गैर इरादतन भूल होती है तो उसे माफ किया जा सकता है, किन्तु जान-बूझकर किया गया अपराध या भ्रष्टाचार माफी योग्य नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए डायल-181 की व्यवस्था शुरू की गई है। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्याओं से संबंधित निराकरण के लिये इए नम्बर पर डायल कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक मंगलवार को वे सीधे आम आदमी से जुड़ जाते हैं तथा उनकी समस्याओं को सुनते व उसका हल निकालने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा किसी भी रुप में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे हटाया जाएगा, किन्तु सरकार किसी के आशियाने को उजाड़ने से पहले उनके पूनर्वास की जाऐगी, तभी उन्हें उक्त स्थल से हटाया जाऐगा। उन्होनें कहा, झारखण्ड को देश का अग्रणी राज्य है। इस निमित्त सबों को अपने-अपने हितों कि कुर्बानी देनी होगी। उन्होनें कहा राज्य हित सर्वप्रथम है।
जरमुण्डी विधायक बादल पत्रलेख व मधुपुर विधायक राज पालिवार द्वारा जरमुण्डी को अनुमण्डल व मधुपुर को जिला बनाए जाने की माँग पर मुख्यमंत्री ने कहा पाँच वर्षों के कार्यकाल में सिर्फ मधुपुर व जरमुण्डी को ही नहीं अपितु सूबे के कई ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें अनुमण्डल व प्रखण्ड बनाएजाने की जरुरत है जिसे पूरा किया जाऐगा। आरएसएस सर संघ चालक मोहन भागवत व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रिय रहे इन्दौर से बासुकिनाथ पहुँचे सत्यनारायण मौर्य की प्रस्तुति पर मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्र निर्माण व विश्वगुरु के रुप में भारत को देखने की लालसा के लिये उनके द्वारा किये जा रहे कार्य काफी सराहनीय हैं। एक प्रखर वक्ता व चित्रकार सत्यनाराण आर्य ने चित्रकला व अपने वक्तव्यों से पूरी सभा में समा बाँध दिया था। विशिष्ट अतिथि के रुप में सभास्थल पर मौजूद सूबे की समाज कल्याण मंत्री डाॅ0 लोईस मरांडी ने कहा सेवा सबसे बड़ा धर्म है। मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। यह जरुरी नहीं की कोई बड़ा धर्मशाला बनाकर ही समाज की सेवा की जाय, गरीब, भूखे-नंगों के लिये छोटी-छोटी झोपड़ी बनाकर भी ईश्वर का आर्शीवाद प्राप्त किया जा सकता है। श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा परोपकार की भावना सबसे उपर होनी चाहिए। रघुवर सरकार द्वारा किया जा रहा कार्य काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा इस सरकार के कार्यकाल में ही अनुमण्डल मधुपुर को जिला व जरमुण्डी को अनुमंडल बनाया जाऐगा ऐसा विश्वास है। ऐसी उनकी इच्छा भी है।
जरमुण्डी के काॅग्रेसी विधायक बादल पत्रलेख ने लिक से हटकर अपने संबोधन में कहा कि झारखण्ड के विकास के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास जी की प्रतिबद्धता के वे बड़े कायल हैं और इसके लिये वे उन्हें बधाई देते है। जरमुण्डी को अनुमंडल बनाने की माँग श्री बादल ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा समाज का विकास व लोगों की सेवा के लिए उन्होनें अपना सबकुछ त्याग दिया है। टाटानगर बासुकिनाथ मंडली धर्मशाला के उद्घाटन के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डाॅ0 लुईस मरांडी, श्रम एवं नियोजन मंत्री राज पलिवार, विधायक बादल पत्रलेख के अलावे जिले के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक विपुल शुक्ला, वरीय पदाधिकारीगण तथा टाटा नगर वासुकिनाथ मंडली धर्मशाला के अध्यक्ष आर0बी0सिंह, सचिव कैलाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल, संयुक्त सचिव सुरेश अग्रवाल, इन्दर अग्रवाल, प्रकाश मेहता, नन्दकिशोर अग्रवाल, सुबोध सिंह व ट्रस्टी सागरमल अग्रवाल के साथ टाटा नगर से सैकड़ों कार्यकत्र्ता मौजूद थे।
(अमरेन्द्र सुमन)



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