जी हां, सलमान ने ट्वीट कर जिस तरह हमदर्दी जताई उससे सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि आखिर देशद्रोही याकूब पर वह क्यों मेहरबान है? क्या वह नहीं जानते इससे उनकी बेल खारिज हो सकती है? क्या वह नहीं जानते है कि 1993 के धमाके में 257 लोगों की जान चली गयी थी। इसके लिए याकूब को न्यायिक प्रक्रिया की हर दहलीज पर दोषी ठहराया गया है। तो किस बिहाफ पर सलमान उसे बेगुनाह साबित करना चाहते है। क्या इसकी गंभीरता को उन्हें जानकारी नहीं?
भड़काऊ भाषण देकर मजहब की सियासत करने वाले मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा याकूब की फांसी पर सवाल खड़ा करने की बात तो समझ में आती है, जिसमें उन्होंने कहा, अगर फांसी देनी है तो सबको दो लेकिन पाकिस्तानी बच्ची के सच्चे मददगार का रोल निभा वाहवाही बटोर रहे सलमान खान की तरफदारी तो बिल्कुल नहीं। माना एमआईएम को सियासत करनी है तो वह अपने बेजा फायदे के लिए अन्य नेताओं को तरह बेलगाम हो सकते है, लेकिन क्या सलमान निर्दोष व कसूरवार के बीच फर्क नहीं समझते। 257 लोगों के जान लेने वाले 1993 मुंबई धमाका का दोषी याकूब मेनन की फांसी का न सिर्फ वे विरोध कर रहे है बल्कि उसके बेगुनाह होने का सर्टीफिकेट तक जारी कर डाला। उन्होंने लिखा, एक निर्दोष आदमी का मरना इंसानियत का मरना है। जबकि टाडा कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने याकूब ने दोषी पाया है। हालांकि भारी भरकम विरोध पर सलमान खान ने माफी तो मांग ली, लेकिन सवाल बड़ा तो है ही कि उनका बयान अनजाने में नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
खासकर उस दौर में जब सलमान खुद अपराधी है और बेल पर जेल से बाहर है। क्या उन्हें नहीं मालूम इससे उनकी बेल खारिज करने के लिए याचिका दाखिल हो सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि यह माफी या ट्वीट को उन्होंने अपने पिता के कहने पर हटाया है, खुद ऐसा कह रहे है। मतलब साफ है वह अपने बयान पर अडिग है। इसके लिए उन्हें कोई पछतावा नहीं है। यहां जिक्र करना जरुरी है कि सलमान ने शनिवार की रात एक ट्वीट में लिखा, टाइगर को फांसी दो। टाइगर को उसके भाई के लिए फांसी दी जा रही है। अरे! टाइगर कहां है? टाइगर को पकड़ो। टाइगर को फांसी दो, उसके भाई को नहीं। जबकि याकूब को मुंबई बम विस्फोटों का दोषी ठहराया गया और उसे 3० जुलाई को फांसी दी जानी है। मुंबई के सिलसिलेवार विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 712 अन्य घायल हुए थे। याकूब इस घटना के मुख्य आरोपियों में से एक टाइगर मेमन का भाई है। टाइगर आज तक फरार है। सलमान के कमेंट से इस केस से जुड़े सरकारी वकील उज्जवल निकम भड़क गए हैं। उन्होंने सलमान पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा कि सलमान खान का बयान आपत्तिजनक है। निकम ने कहा, सलमान अपनी लोकप्रियता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वह कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। सलमान किस सबूत के आधार पर ऐसा कह रहे हैं? इससे 257 लोगों की हत्या का दोषी के प्रति सहानुभूति पैदा होगी। हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी पहले ही याकूब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा चुके हैं।
(सुरेश गांधी )

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