मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाला मामले पर दिल्ली से कवरेज करने के लिए आए 'आज तक' न्यूज चैनल के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत की जांच की जिम्मेदारी विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। अक्षय सिंह की शनिवार को झाबुआ के मेघनगर में उस समय तबीयत बिगड़ी गई थी, जब वे व्यापमं घोटाले की संदिग्ध आरोपी नम्रता के परिजनों का साक्षात्कार ले रहे थे। नम्रता का शव संदिग्ध हालत में मिला था। अक्षय को मेघनगर के सरकारी व निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां से उन्हें गुजरात के दाहोद स्थित अस्पताल स्थांतरित कर दिया गया। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह और उनकी सरकार दुख की इस घड़ी में अक्षय के परिजनों के साथ है। अक्षय का गुजरात के दाहोद जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम हुआ। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। मौत की वजह अंतिम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
इधर, शिवराज ने कहा कि व्यापमं मामले की उच्च न्यायालय के पर्यवेक्षण (मॉनीटिरिंग) में एसआईटी की देखरेख में विशेष कार्य बल (एसटीएफ ) जांच कर रहा है, इस जांच से सरकार का कोई लेना देना नहीं है। मौत किसी की भी हो, दुखद होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अक्षय की मौत की जांच के लिए एसआईटी को पत्र लिख रहे हैं तथा उनसे आग्रह करेंगे कि मौत के कारणों की जांच करे।

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