बिहार : छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण एवं बेरोजगारी चरम पर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 3 अगस्त 2015

बिहार : छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण एवं बेरोजगारी चरम पर

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सरकार के छात्र विरोधी नीतियों के कारण पटना सहित पूरे बिहार के छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण एवं बेरोजगारी चरम पर है। प्रतिवर्ष लाखों छात्र-छात्राएँ अपनी बेहतर भविष्य निर्माण के लिए सुदूर गांव-कस्बों से पटना आते हैं। लेकिन सरकारी छात्रावासों की संख्या कम होने के कारण छात्र-छात्राओं को सहारा निजी लाॅज ही बन जाता है। कई मकानों में ‘‘नाॅट एलाउ फाॅर स्टूडेन्ट्स’’ का बोर्ड लगाकर छात्रों को हिकारत की नजर से देखा जाता है वहीं लाॅज संचालक विद्यार्थियों से अधिक पैसा उगाहने के लिए हर दूसरे, तीसरे माह तरह-तरह के फरमान जारी करते हैं। छात्रों द्वारा रूम रेंट देने कमंे किसी कारणवश एक से दो दिन देरी होने पर लाॅज संचालकों द्वारा रूम खाली करो की धमकी, गाली, मारपीट जैसी अमानवीय व्यवहार आम बात बन गई है। वहीं निजी गल्र्स हाॅस्टलों की स्थिति नाकरीय के साथ-साथ भयावह भी है, गल्र्स हाॅस्टलों के एक रूम में तीन से चार बेड लगाया जाता है और प्रति बेड चार चार से पाँच हजार रुपया वसूला जाता है। हद तो तब हो जाती है जब उसे अपने रूम में खाना नहीं बनाने दिया जाता है। जहाँ मजबूरन उसी हाॅस्टल के मेस का खाना, खाना पड़ता है चाहे खाना कैसा भी बना हो! इसके साथ ही कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है, जिसे शब्दों ब्याँ करना मुश्किल है। बेरोजगारी के कारण आत्महत्या को हमारे नौजवान विवश हो रहे हैं। सरकारी नौकरी किसी सपने से कम नहीं है। वे मजबूर होकर प्राईवेट नौकरी करने के लिए भटक रहे हैं। किसी तरह नौकरी मिल भी जाती है तो उनको सिर्फ तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। वहीं छात्रों के अभिभावक अपना जमीन- जायदाद बेच या गिरवी रख खेती-मजदूरी अथवा आधा पेट खाकर अपने नौनिहालों को पढ़ाई-लिखाई हेतु पैसा व्यवस्था कर भेजते हैं। उनका मेहनत से अर्जित पैसा लाॅज संचालकों द्वारा बेरहमी से लूट लिया जाता है। काँफ्रेंस को संबोधित करते हुए पटना महानगर सचिव सुशील उमाराज ने कहा कि-
अनुमानतः पटना में 15 लाख से अधिक छात्र-छात्राएँ निजी लाॅज में रहते हैं। आवश्यकता है इन सभी छात्रों के लिए सरकारी छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए एवं रूम रेंट कन्ट्रोल एकट बने जिससे मनमाने तरीके से बढ़ रहे रूम रेंट पर लगाम लगाई जा सके तथा छात्र-छात्राओं के आर्थिक एवं मानसिक शोषण से मुक्त किया जा सके।अगामी 5 अगस्त को 11 बजे दिन से पटना के गांधी मैदान से हजारों छात्र राजभवन में शामिल होंगे। इस आंदोलन को लेकर ।प्ैथ् से जुड़े छात्र लगातार संपर्क अभियान, हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ सभा कर व्यापक संख्या में छात्रों को गोलबंद कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं का भी काफी सहयोग मिल रहा है जो 5 अगस्त के राजभवन मार्च में देखने को मिलेगा। काँफ्रेंस में उपस्थित मुख्य रूप से महेश कुमार, रणजीत पंडित, राजकपूर, शैलेश मिश्रा, संदीप कुमार, रौशन कुमार आदि थे।

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