अमानक उर्वरक का विक्रय प्रतिबंधित
बड़वानी 03 अगस्त/जाॅच रिपोर्ट में अमानक पाये गए इन्सेक्टिसाइड इण्डिया लिमिटेड उधमपुर का उर्वरक इमिडाक्लोप्रिड 17ण्80ःैस् बेच नम्बर न्0077 का विक्रय जिले में प्रतिबंधित किया गया है। उप संचालक कृषि अजीतसिंह राठौड़ से प्राप्त जानकारी अनुसार उर्वरक का नमूना श्री नाथ कृषि सेवा केन्द्र ठीकरी से लिया गया था। जिसकी जाॅच गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भोपाल में करवाया गया था। इस रिपोर्ट में उर्वरक के अमानक पाये जाने पर उन्होने अनुज्ञापन अधिकारी की हेसियत से व उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 26 में प्रदत्त शक्तियो का प्रयोग करते हुए धारा 19 (ए) के तहत अमानक घोषित उर्वरक स्कंध को तत्काल प्रभाव से जिले में क्रय/विक्रय/भण्डारण/स्थानान्तरण पर प्रतिबंध लगाया है।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य में आत्मा डोलती है जबकि अंग्रेजी नृत्य में शरीर-जान्हवी बेहरा
बड़वानी 03 अगस्त/सोमवार को स्पिक मैके बड़वानी के द्वारा आयोजित ओड़ीसी नृत्य की प्रशिक्षण कार्यशाला में हरसुख दिगम्बर जैन कान्वेंट स्कूल व कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल बड़वानी की बालिकाओ को संबोधित करते हुए जान्हवी बेहरा ओड़ीसी कलाकार ने बताया कि शास्त्रीय नृत्य भारत के प्राचीन पारंपरिक नृत्य है, जो हजारो सालो से इस देश में चल रहे है। फिल्मी संगीत व नृत्य हम दो चार दिन में भूल जाते है, परन्तु शास्त्रीय नृत्य में भारत की आत्मा बसती है। अंग्रेजी डांस में शरीर डोलता है, लेकिन शास्त्रीय नृत्य में आत्मा डोलती है। शुभम पैलेस में कार्यक्रम के प्रारंभ में सरस्वती पूजन हरसुख दिगम्बर जैन स्कूल के उपाध्यक्ष नरेश काला, प्राचार्य श्री सहाय के साथ-साथ जितेन्द्र जैन, मीना जैन, गुरमीतसिंह गांधी, ओमप्रकाश जैन द्वारा किया गया।कार्यक्रम में स्पिक मैके के स्थानीय संयोजक अनिल जोशी ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत व संस्कृति के निःशुल्क प्रचार-प्रसार के लिए यह संस्था कार्य कर रही है। उन्होने बताया कि कल मंगलवार को इसी प्रकार का कार्यक्रम 10 बजे वैष्णवी विद्या विहार बड़वानी में तथा दोपहर 12 बजे से कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल अंजड़ में होगा।
उच्च शिक्षा विभाग की हुई वीडियो कांफें्रसिंग
बड़वानी 03 अगस्त/सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग की वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से कार्यो की समीक्षा की गई। एनआईसी बड़वानी के माध्यम से इस वीडियो कांफें्रसिंग में शहीद भीमा नायक महाविद्यालय के प्राचार्य पीएस कापसे सहित जिले में संचालित अन्य महाविद्यालयो के प्राचार्यो ने भी भागीदारी की। वीडियो कांफें्रसिंग के दौरान जिले के शासकीय महाविद्यालयो में आनलाईन प्रवेश की स्थिति, विद्यार्थियो को प्राचार्य मैडल प्रदान करने की जानकारी, महाविद्यालयो में वेब वेव बेस उपस्थिति की स्थिति, स्थानान्तरित अधिकारियो-कर्मचारियो को कार्य मुक्त किया जाना, महाविद्यालयो में नेक मूल्यांकन की कार्यवाही की समीक्षा की गई।
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