मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार विकास कार्यो के लिये 2.95 लाख रूपये मंजूर
मंदसौर 3 अगस्त 15/ विधानसभा क्षेत्र क्र.- 225 मल्हारगढ़ के विधायक श्री जगदीश देवड़ा की अनुशंसा पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार विकास कार्यो के लिये 2 लाख 95 हजार रूपये मंजूर किये गये है। कलेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने इन विकास कार्यो के प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी कर दिये हैं। इस संबध्ंा में जारी आदेशानुसार मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम काचरिया देव में विद्युत मोटर एवं पाईप क्रय ंके लिये 75 हजार रूपये, ग्राम बाग्या मंे 1400 फिट पाईप क्रय एवं खुदाई कार्य हेतु 60 हजार रूपये, ग्राम उमरिया में 7.5 एचपी मोटर, 200 मीटर केबल, 25 पाईप स्टार्टर क्रय ंके लिये 1 लाख 35 हजार रूपये तथा ग्राम उदपुरा में 75 एमएम पाईप क्रय करने ंके लिये 25 हजार रूपये, इस प्रकार इन चार कार्यो के लिये कुल 2 लाख 95 हजार रूपये मंजूर कर दिये गये है। इस कार्यो के लिये निर्माण/कार्य एजेंसी भी नियुक्त कर दी गई है।
तीन पीडि़तों को 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर
मंदसौर 3 अगस्त 15/ मल्हारगढ़ तहसील क्षेत्र में हुई तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में मृतकों ंके निकटतम परिजनों को कुल 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गयी है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के तहत दी गई इस सहायता में मल्हारगढ़ तहसील ंके ग्राम भागी पिपल्यिा निवासी श्री दिलीप सिंह पिता श्री प्रेमसिंह की कुएं मंे गिरने से मृत्यु हो जाने ंके कारण मृतक के पिता श्री प्रेमसिंह वल्द कालूसिंह को एक लाख रूपये, ग्राम ढि़कन्या निवासी श्री भोपालसिंह पिता भंवरसिंह राजपूत की सर्पदंश से मृत्यु हो जाने ंके कारण मृतक की पत्नी ंश्रीमती विमलकुंवर पत्नी स्व. भोपालसिंह को 50 हजार रूपये तथा ग्राम काचरिया कदमाला निवासी कुमारी सोना पिता राजमल कलार की सर्पदंश से मृत्यु हो जाने ंके कारण मृतका के पिता श्री राजमल वल्द मोहनलाल कलार को 50 हजार रूपयेे, इस प्रकार तीनो प्रकरणों में कुल 2 लाखरूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गयी है। एसडीओ (राजस्व) मल्हारगढ़ ने आर्थिक सहायता मंजूरी आदेश जारी कर दिये हंै।
संकुल प्रभारी विद्यार्थियों ंके स्थायी जाति प्रमाण पत्र ंके संबंध में 7 अगस्त तक दें जानकारी
मंदसौर 3 अगस्त 15/ राज्य शासन ंके निर्देशानुसार 15 अगस्त ं2015 के पूर्व जिले ंके समस्त छात्र-छात्राओं ंके जाति प्रमाण पत्र बनाये जाना हैं। इस संबंध में संकुल प्रभारी प्राचार्यो द्वारा कार्यवाही की जा रही है। इस संदर्भ में एसडीएम मंदसौर ने अनुविभाग क्षेत्र ंके सभी संकुल प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे 7 अगस्त तक समस्त छा़त्र-छात्राओं ंके जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन पत्र तैयार कर सम्बंधित तहसीलदार/नायब तहसीलदार ंके हस्ताक्षर कराकर संबंधित लोक सेवा केन्द्र में अनिवार्य रूप से जमा करें और इस आशय की संपूर्ण जानकारी निर्धारित प्रारूप में एसडीएम कार्यालय को भी अवगत करायें।
विश्व स्तनपान सप्ताह का तीसरा दिन
मंदसौर 3 अगस्त 15/ एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना मंदसौर शहर अन्तर्गत आॅगनवाडी वार्ड क्रं 13 केंन्द्र कं्रं 01 बालागंज में स्तनपान सप्ताह अन्तर्गत धात्री माता के घर पर लोक संगीत का कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओ को माॅ के दुध का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री विक्रमसिंह चैहान पर्यवेक्षक श्रीमति निलोफर मंसुरी तथा स्वास्थय सुपरवाईजर श्रीमति कान्ता भण्डारी उपस्थित रहै। परियोजना अधिकारी श्री विक्रमसिंह चैहान द्वारा बताया गया कि माॅ का पहला दुध बच्चे के लिये पहला टीका है तथा माॅ को छः माह तक केवल स्तनपान ही कराना चाहिये माॅ के दुध के अलावा बच्चे को कुछ नही देना चाहिये छः माह बाद बच्चे को स्तनपान के अलावा उपरी आहार भी देना चाहिये। पर्यवेक्षक श्रीमति निलोफर मंसुरी ने बताया कि बच्चे के जन्म के तुरन्त बाद स्तनपान शुरू कर देना चाहिये क्योकि माॅ का पहला पीला गाढा दुध बच्चे के लिये रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का काम करता है। यह पहले तीन दिन तक आता है जो बच्चो को बिमारीयो से लडने में मदद करता है। स्वास्थ पर्यवेक्षक श्रीमति कान्ता भण्डारी ने भी माॅ के दुध का महत्व बताया। कार्यक्रम में आंगनवडी कार्यकर्ता श्रीमति रीना लौहार कविता गवली तथा सहायिका इषरथ बी उपस्थित थी। वार्ड क्रमाक 17 केंन्द्र कं्र 02 पर भी स्तनपान सप्ताह के अन्तर्गत धात्री माता के घर पर लोक संगीत का कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में पर्यवेक्षक सुश्री किरण मण्डलोई तथा कार्यकर्ता श्रीमति किरण सोनी सहायिका उषा कार्यक्रर्ता आदि उपस्थित थी।
प्रेरणा पुरस्कार : पात्र दम्पत्ति को यदि पहली संतान बालक है तो 10 हजार रूपये और यदि बालिका है तो मिलेंगे 12 हजार रूपये
मंदसौर 3 अगस्त 15/ कम उम्र में विवाह एवं गर्भधारण, अधिक संतानों की उत्पत्ति एंव संतानों ंके मध्य कम फासला न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु का बढ़ाता है, अपितु इनके स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर पर भी विपरीत प्रभाव डालता है। शासन व प्रशासन इस विषय में काफी गंभीर हंै। इनके लिए महिला एंव बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना, स्वागतम् लक्ष्मी योजना, गोद भराई, मंगल दिवस, अन्न प्राशन, लाडो अभियान, जननी सुरक्षा योजना, जननी एक्सप्रेस योजना एवं जननी शिशु सुरक्षा योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिनके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे है। किन्तु आज भी जनजागरण की जरूरत है। जिन लोगों द्वारा शासन व प्रशासन की भावनाओं ंके अनुरूप दायित्वपूर्ण मातृत्व का अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया है, उनको प्रोत्साहित करना भी अति आवश्यक है, ताकि ऐसे व्यक्तित्व समाज ंके लिए प्रेरणा ंके स्रोत बन सकें। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनसंख्या स्थिरता कोष से ऐसे दम्पत्तियों को प्रोत्साहित करने ंके लिए एक प्रेरणा पुरस्कार ंस्थापित किया गया है। इस पुरस्कार के तहत दायित्वपूर्ण मातृत्व व पितृत्व का आदर्श प्रस्तुत करने वाले दम्पत्ति को 19 हजार रूपये तक की धनराशि राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) ंके रूप में प्रदाय की जायेगी तथा प्रेरणा पुरस्कार का प्रशस्ति पत्र भी दिया जायेगा। जिससे न केवल दम्पत्ति को नगद लाभ प्राप्त हेागा, अपितु मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में भी सुधार आयेगा। इससे लोग अधिक से अधिक परिवार नियोजन ंके स्थायी एवं अस्थाई साधनों का उपयोग करने ंके लिये प्रेरित होंगे। वर्तमान मंे परिवार नियोजन ंके कई स्थायी एवं अस्थायी साधन प्रचुर मात्रा में जगह-जगह सहज ही उपलब्ध है। जिनका उपयोग कर गर्भधारण को स्थायी व अस्थायी तौर पर रोका जा सकता है। जिसके लिये व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की अत्यंत जरूरत है। परिवार नियोजन ंके अस्थायी एंव स्थायी साधनों को अपनाने वाले हितग्राहियों को मजदूरी मुआवजा, नगद प्रोत्साहन एवं अन्य प्रोत्साहनो (ग्रीन कार्ड, मुफ्त ईलाज, शिक्षण शुल्क में माफी आदि) का प्रावधान भी शासन द्वारा किया गया है।
पे्ररणा पुरस्कार ंके प्रावधान - इस पुरस्कार ंके लिये ऐसे दम्पत्ति पात्र होंगे, जिनमें महिला की 19 वर्ष आयु पूर्ण करने ंके पश्चात विवाह हुआ हो एवं पहली संतान का जन्म विवाह ंके दो वर्ष बाद हुआ हो। ऐसे दम्पत्ति को इस पुरस्कार ंके तहत, यदि पहली संतान बालक है, तो 10 हजार रू. एंव यदि पहली संतान बालिका है तो 12 हजार रूपये दिये जायेंगें तथा दूसरी संतान का जन्म पहली संतान ंके जन्म ंके तीन वर्ष बाद हुआ हो। वहीं दम्पत्ति द्वारा दूसरी संतान ंके जन्म ंके एक वर्ष ंके अंदर ही स्थायी परिवार नियोजन साधन अपना लिया गया हो। ऐसे दम्पत्ति को अतिरिक्त पुरस्कार राशि ंके रूप में दूसरी संतान यदि बालक है तो 5 हजार रूपये तथा दूसरी संतान यदि बालिका है तो 7 हजार रूपये राशि ंके राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) प्रदाय किये जायेंगे। इस योजना का लाभ केवल गरीबी रेखा ंके नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार (बीपीएल फेमिली) को ही प्रदान किया जायेगा।
पुरस्कार हेतु पात्रता की शर्ते - दम्पत्ति गरीबी रेखा ंके नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार ंके सदस्य हो, महिला की उम्र 30 वर्ष से अधिक न हो, विवाह ंके समय लड़की ने 19 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, पहली संतान विवाह ंके दो वर्ष ंके पश्चात हुई हो, दूसरी संतान पहली संतान ंके तीन वर्ष बाद हुई हो। दूसरी संतान ंके जन्म ंके एक वर्ष ंके अंदर दम्पत्ति ने स्थायी परिवार नियोजन अपना लिया हो।
पुरस्कार हेतु आवश्यक दस्तावेज - गरीबी रेखा ंके नीचे जीवन यापन करने का प्रमाण पत्र, मां का जन्म प्रमाण पत्र, विवाह का पंजीयन प्रमाण पत्र, पहली संतान का जन्म प्रमाण पत्र, दूसरी संतान का जन्म प्रमाण पत्र, स्थायी परिवार नियोजन का प्रमाण पत्र (शासकीय चिकित्सालय), चरित्र प्रमाण पत्र। पात्र दम्पत्ति इन सभी प्रमाण पत्रों की छायाप्रतियां राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मंदसौर को प्रस्तुत कर सकतें है। इस योजना ंके संदर्भ में कलेक्टर श्री स्वंत्रत कुमार सिंह ने सीएमएचओ, जिला कार्यकम अधिकारी, महिला व बाल विकास विभाग तथा जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ ग्रामस्तरीय एवं खण्डस्तरीय अमले को निर्देशित करें कि वे लोगों को परिवार नियोजन ंके स्थायी साधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु प्रेरित करें तथा आदर्श प्रस्तुत करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने ंके लिए प्रेरणा पुरस्कार ंके लिये नाम भी प्रस्तावित करें।

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