गरीबी उन्मूलन में चीन का अनुभव उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उदाहरण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 1 अगस्त 2015

गरीबी उन्मूलन में चीन का अनुभव उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उदाहरण


china-role-modal-to-remove-poverty
चीन और दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) गरीबी उन्मूलन के मुद्दे से संयुक्त रूप से निपट रहे हैं, और इस काम में चीन के गरीबी उन्मूलन के अनुभव को क्षेत्र की अन्य उभरती अर्थव्यव्स्थाओं के लिए मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि वे इसका अनुसरण कर सकें। सामाजिक विकास और गरीबी उन्मूलन पर इस सप्ताह लाओ में आयोजित नौवें आसियान-चीन फोरम के दौरान लगभग 150 नीति निर्माताओं, पेशेवरों और विशेषज्ञों ने गरीबी उन्मूलन पर अपनी जानकारी साझा की।  वियानतियान में 'फाइनेंशियल इनोवेशन फॉर पॉवर्टी रिडक्शन' विषय पर आयोजित इस फोरम में अर्थव्यवस्था के हासिये पर मौजूद लोगों के लिए बचत, ऋण और बीमा सहित प्रमुख वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के रास्ते में खड़ी चुनौतियों पर कई दृष्टिकोण से चर्चा की गई। इस चर्चा में पिछले कुछ दशकों में चीन में घटी गरीबी को केंद्र में रखा गया।

चीन के अधिकारी होंग तियानयून ने सम्मेलन के उद्घानट सत्र को संबोधित किया। होंग पॉवर्टी एलिवेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ चाइना (एलजीओपी) समूह के उपनिदेशक भी हैं।  उन्होंने कहा कि चीन अभी भी विकासशील देश बना हुआ है, लेकिन गरीबी मिटाने और विकास में कठिनाई से अर्जित अपने अनुभव वह इस क्षेत्र के अन्य देशों के साथ साझा करने का इच्छुक है। होंग ने कहा, "हमारे प्रयासों की वजह से ही हमने गरीबी में दबी अपनी लगभग 60 करोड़ आबादी कम कर दी है और चीन विश्व का पहला देश है, जिसने गरीबी में रह रही अपनी आधी आबादी को बाहर निकालने में सफलता हासिल की है।" पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के एक शोधकर्ता यू ली ने फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि यदि नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए तो कम आय वाले लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए बनाई गई वित्तीय योजनाओं के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

कोई टिप्पणी नहीं: