पटना, 02 जुलाई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की बिहार राज्य परिषद के सचिव सत्य नारायण सिंह के नेतृत्व में पार्टी के एक जाँच दल ने खगडि़या जिले के परबत्ता थानान्तर्गत दोरावरपुर पंचायत के नया गाँव षिरोमणि टोला की तांती बस्ती में दबंगों द्वारा कहर ढाये जाने की घटना के षिकार लोगांे की दषा-दुर्दषा का मौके पर अध्ययन करने के उपरांत निम्नलिखित प्रेस वक्तव्य जारी किया:-
27 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे दो-ढाई सौ लोगों ने लाठी-डंडे से लैष होकर खगडि़या जिला के परबत्ता थानान्तर्गत दोरावरपुर पंचायत के नया गाँव षिरोमणि टोला स्थित तांती बस्ती पर हमला बोल दिया जहाँ तांती समुदाय के करीब 100 परिवार बसे हुए थे, जिनकी आबादी करीब छः सौ की है जिसमें से 400 लोग बाजाप्ता मतदाता भी हैं। हमलावरों ने प्रायः सभी तांती परिवारों को अपना निषाना बनाया, बड़े पैमाने पर लूटपाट मचाई, घर-घर में घूस कर जो भी सामने आये उनकी जमकर पिटाई की, महिलाओं के साथ छेड़खानी की, लात मार-मार कर एक महिला का तो गर्भपात तक करा डाला, घरों के खपड़े फोड़-फाड़ दिए और लाखों रुपये के सोना चांदी के जेवरात, नकदी, गाय, बकरी, टीवी, मोटर साइकिल वगैरह लूट कर ले गये। दर्जनों चापाकलों को तोड़ दिया, साइकिलें लूट ली और घर से बक्से तोड़ जमीन जायदात के कागजात तक उठा ले गये। उपद्रवियों ने पुलिस के साथ भी मारपीट की। पूरे मामले में अबतक पुलिस ने तीन मुकदमें दर्ज कर तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया है।
मामले की जड़ में एक लड़का और एक लड़की का प्रेम प्रसंग बताया जाता है। अनंत शर्मा (वल्द सीताराम शर्मा) नामक युवक, जो कि तांती जाति का है, को भूमिहार जाति की लड़की फूल कुमारी (वल्द बहादुर चैधरी) से स्कूल में पढ़ने के दरम्यान ही प्यार हो गया। परंतु दोनों की शादियां अलग-अलग हो गयी। लड़का तो एक बच्चे का बाप भी है जकि लड़की की शादी कोई पाँच महीने पूर्व बेगूसराय जिले के हेमरा गाँव में हुई थी। जानकारी मिली कि लगभग तीन महीने पूर्व लड़की ने लड़के को बुलाया और उसके साथ घर छोड़कर भाग निकली। इधर आकर उन्हें पंजाब से बरामद किया गया, तो लड़की ने कोर्ट में लड़के के पक्ष में अपना बयाना दिया जिसे उसके परिजनों व स्वजातीय लोगों ने पसंद नहीं किया और बदले की कार्रवाई के रूप में तांती टोला पर हमला बोलकर जबर्दस्त उत्पात मचाया। पूरे तांती टोले पर दहषतगर्दी का ऐसा आलम छाया कि लोग बाग घर छोड़कर भाग गये और अब वहाँ वापस लौटकर बसना भी नहीं चाहते बल्कि अलग अपने पुनर्वास की व्यवस्था चाहते हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जाँच दल ने कम से कम 27 घरों पर दस्तक दी, पता चला कि सभी लोग भाग कर बगल के पंचायत गोरियासी के मध्य वि़द्यालय में बनाये गये कैम्प में पनाह लिए हुए हैं। जाँच दल को यह भी पता चला कि सरकार/प्रषासन की ओर से दवा-दारू के अलावे प्रत्येक परिवार को महज एक-एक किलो चूड़ा, चना, शक्कर मुहैय्या कराया गया है जो एक मजाक की तरह लगता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने मांग की है कि:-
स्थायी पुलिस कैम्प की व्यवस्था की जाए, डर के भागे लोगों को वापस बुलाया जाए, आतंक के माहौल से निकलकर जो लोग अन्यत्र बसना चाहते हैं उनके पुनर्वास की मुनासिब व्यवस्था की जाए, पीडि़त परिवारों को राहत के तौर पर तत्काल कम से कम एक-एक क्विंटल चावल, दाल, आटा, कपड़ा आदि मुहैय्या कराया जाए और पीने के पानी के लिए चापाकलों की व्यवस्था की जाय। लोग-बाग की करीब एकाध करोड़ रू॰ की संपत्ति लूटी गयी है, क्षतिग्रस्त की गयी है, इसलिए उसकी क्षतिपूत्र्ति की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाए, सभी दोषियों को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें कठोर दंड दिए जाएं और शांति समिति का गठन कर स्थिति सामान्य करने में समाज के सभी तबकों का सहयोग सुनिष्चित किया जाए।
जाँच दल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह के अलावे पार्टी की अंचल परिषद के सचिव कैलाष पासवान, जिला कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार शर्मा, सुंदरी देवी जिला परिषद सदस्य सुबोध राय तथा राज्य कंट्रोल कमीषन सदस्य विपिन चन्द्र मिश्र, एडवोकेट शामिल थे।

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