जिसका डर था बेदर्दी वही बात हो गई, मामला बलात्कार के बाद गर्भपात का
- एक डीएसपी ने गलत, दूसरे ने सही करार दिया केस , आईजी का हस्तक्षेप
नरकटियागंज(पश्चिम चंपारण) नरकटियागंज स्थित शिकारपुर थाना और उसके अधिकारी क्या क्या गुल खिलाते है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब तीन वर्ष पहले की घटना को अन्य अनुमंडल पदाधिकारी ने असत्य करार देकर फ़ाइल बंद करा दिया था, उसे दूसरे एस डी पी ओ ने अपने पर्यवेक्षण मे सत्य करार दिया है। क्या है मामला चाँदनी देवी खातून के साथ बलात्कार और उसके बाद उसके गर्भपात का है। जिसमे रुपये के अनुसार पुलिस क्या क्या गुल खिलाती है वह सामने है। पीड़िता ने एसडीपीओ के पर्यवेक्षण के उपरांत बंद केस की फ़ाइल दुबारा खुलवाया आई जी से न्याय की गुहार लगाई, तब जाकर मामला सामने सही पाया गया। उल्लेखनिय है कि पुलिस महानिरीक्षक तिरहुत प्रक्षेत्र मुजफ्फरपुर के ज्ञापाँक 620 (पी)/सी आर दिनांक 13 अप्रैल 15, ज्ञापांक 1228/सी आर दिनांक 8 अप्रैल 12 को निर्देशित 4 विंदुओ पर मांगी गई रिपोर्ट की समीक्षा 6 अप्रैल 15 को पुनः की गई। इसके पूर्व मे अनुसंधान का पर्यवेक्षण प्रतिवेदन एसडीपीओ नरकटियागंज ने मामले को असत्य पाकर उसमे अंतिम प्रतिवेदन 371/14 18 सितंबर 14 को समर्पित कर दिया गया था। पुनः उस मामले की जांच कर उसके पर्यवेक्षण मे मामला सही पाया गया है। जिसके अनुसार सभी तथ्यो को ध्यान मे रखकर शिकारपुर थाना कांड संख्या 196/14 दफा 376, 313, 34 के नामजदो अमजद अली, रबड़ा खातून, शेख आरिफ़, शेख मोटर, शेख नसीम, शेख मुटुर की गिरफ्तारी और गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति मे कुर्की जप्ति की कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है। अब देखना यह है कि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश का अनुपालन शिकरपुर पुलिस कितने दिनो मे करती है। अथवा अन्य मामलो की माफिक इस मामले मे भी एसडीपीओ पर भारी साबित होंगे प्रभारी ।

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