बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लाख प्रयास कर लें बिहार से बाहर रह रहे लाखों प्रवासी बिहारी उनके झांसे में नहीं आने वाले हैं। श्री मोदी ने यहां कहा कि देश के अन्य राज्यों खास कर भाजपा शासित प्रदेशों में लाखों प्रवासी बिहारी आज न केवल वहां सुख-चैन के साथ रह कर रोजी-रोटी कमा रहे हैं बल्कि मान-सम्मान के साथ जीवन बसर भी कर रहे हैं। वे वहीं बिहारी हैं जिन्हें लालू-राबड़ी के जंगल राज के दौरान बिहार छोड़ कर बाहर जाने के लिए विवश होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब वे किसी भी कीमत पर बिहार में एक बार फिर जंगल राज पार्ट-2 आने देने के लिए तैयार नहीं है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, और छत्तीसगढ़ में हुए विकास का वहां गए बिहारी न केवल साक्षी बने हैं बल्कि उसका सीधा लाभ भी आज उन्हें मिल रहा है। बढ़िया कानून-व्यवस्था, अच्छी सड़कें, 24 घंटे बिजली, साधन सम्पन्न स्कूल और अस्पतालों आदि की सुविधा से वे वहां लाभान्वित हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित किसी भी राज्य में किसी बिहारी के साथ कोई भेदभाव या अपमान की अब तक एक भी घटनाएं नहीं घटी हैं जबकि असम जहां कांग्रेस का शासन है वहां बिहारी आज भी पीटे और अपमानित किए जा रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि श्री लालू प्रसाद यादव से गठबंधन करके बिहार को एक बार फिर जंगल राज की ओर धकेलने के श्री नीतीश कुमार के प्रयास से प्रवासी बिहारियों में जबरदस्त गुस्सा है। इस गुस्से से बचने के लिए ही श्री कुमार की बैठकों और सभाओं में प्रवासी बिहारियों के काले कपड़े और महिलाओं-युवतियों के काले दुपट्टे तक उतरवाये जा रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि प्रवासी बिहारियों का श्री कुमार से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। इसी का नतीजा है कि दो साल पहले दिल्ली में 20 हजार से ज्यादा बिहारियों की सभा को सम्बोधित करने वाले श्री कुमार की हाल में दिल्ली में हुई सभा में बमुश्किल चार सौ बिहारी भी नहीं जुट पाये । उन्होंने कहा कि ये सारे प्रवासी बिहारी अपने परिजनों को अभी से ही पोस्टकार्ड लिख कर नीतीश-लालू के महागठबंधन के प्रति आगाह कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव में वे सभी बिहार आयेंगे और विकास के लिए भाजपा गठबंधन के पक्ष में वोट करेंगे । उन्होंने कहा कि वैसे भाजपा अलग-अलग राज्यों में सम्मेलन भी आयोजित करने जा रही है जिसके जरिए प्रवासी बिहारियों को न केवल बिहार के वर्तमान राजनीतिक हालात से अवगत कराया जायेगा बल्कि विकास और कानून के राज के लिए भाजपा गठबंधन के पक्ष में वोट करने की उनसे अपील भी की जायेगी।

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