वेस्टइंडीज के पूर्व महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि बेहतरीन गेंदबाजी और बल्लेबाजों के लगातार फटाफट क्रिकेट खेलने के कारण उनकी बल्लेबाजी शैली प्रभावित हुयी है और वे खेल केे सबसे पुराने प्रारूप टेस्ट मैचों में बड़े स्कोर नहीं बना पा रहे हैं। पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज रिचर्ड्स ने कहा ,“ मौजूदा समय में बल्लेबाज लगातार क्रिकेट के फटाफट प्रारूप ट्वंटी-20 में व्यस्त हैं और उनकी बल्लेबाजी इसकी आदी हो गयी है। वह धैर्य और तकनीकी के साथ बड़ी पारियां खेलना भूल गये हैं। वर्ष भर खेले जाने वाले ट्वंटी-20 क्रिकेट के बाद जब बल्लेबाज टेस्ट खेलने के लिये उतरते हैं तो वह इससे तालमेल नहीं बैठा पाते।”
उन्होंने कहा,“ इस वर्ष खेले गये 23 टेस्ट मुकाबलों में आठ मुकाबलों में स्कोर 150 रहा है जबकि 17 टेस्ट मैचों में नतीजा निकला है। इन मैचों में अधिकतर मैच पांच दिनों से भी कम अवधि में समाप्त हो गये हैं। नतीजों के हिसाब से भले ही ये आंकड़े ठीक लगते हों लेकिन कम अवधि में समाप्त होते यह मैच क्रिकेट के इस पुराने प्रारूप के भविष्य के लिये अच्छे नहीं कहे जा सकते।” उन्होंने एशेज का ताजा उदाहरण देते हुये कहा कि एशेज में अभी तक खेले गये सभी चारों टेस्ट चार दिनों के भीतर ही समाप्त हो गये जिनमें से अंतिम दो टेस्ट तो तीन दिन में ही समाप्त हो गये। इनमें आस्ट्रेलिया का एक पारी में बनाया गया 60 रन का स्कोर भी शामिल है।

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