कृषि मंत्री राधा मोहन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 3 अगस्त 2015

कृषि मंत्री राधा मोहन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

राज्यसभा के उपसभापति पी जे कुरियन ने आज कहा कि किसानों से जुड़े एक सवाल के जवाब को लेकर कुछ सदस्यों द्वारा कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है जो विचाराधीन है।  

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ललित मोदी प्रकरण में उन पर लगाये जा रहे आरोपों की जवाबी प्रतिक्रिया पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विशेषाधिकार हनन को लेकर चल रही तीखी नोक झोक के बीच जनता दल यू के के.सी. त्यागी ने कहा कि कृषि मंत्री ने भी विशेषाधिकार का हनन किया है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा था कि किसानों की आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग और उनका नपुंसक होना है। श्री त्यागी ने कहा कि इससे उनकी और उनके किसान समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। श्री राधा मोहन को सदन में बुलाकर पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने किसानों के बारे में असंवेदनशील शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया। 

समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल ने भी इस बारे में अपने नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि इस गैर जिम्मेदाराना जवाब के लिए कृषि मंत्री को सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।  इस पर श्री कुरियन ने कहा कि सदस्यों के इस आशय के नोटिस मिले हैं और सभापति इन पर विचार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्री ने किसानों की आत्महत्या के बारे में पूछे गये एक सवाल के लिखित जवाब में कहा था कि किसानों की आत्महत्या के कारणों में प्रेम प्रसंग और नपुंसकता भी शामिल है। उनके इस जवाब की राजनीतिक दलों और संगठनों ने आलोचना की थी और इसे लेकर विवाद भी चल रहा है। 

कोई टिप्पणी नहीं: