जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में गुरुवार को सभी बड़े अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। कश्मीर में हुर्रियत के बड़े नेताओं के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। 23-24 अगस्त को दोनों देशों के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) की मीटिंग के दिन ही पाकिस्तान हाईकमिश्नर ने कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं को भी न्योता दिया था। इसके बाद मोदी सरकार ने कहा था कि उचित कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर की सरकार के इशारे पर पुलिस ने अलगाववादी नेता यासिन मलिक, मीरवाइज उमर फारुक, सैयद अली शाह गिलानी को हाउस अरेस्ट कर दिया है। इन नेताओं को पाकिस्तान हाईकमिश्नर ने फोन कर 23 अगस्त को दिल्ली बुलाया था।
इस मुद्दे पर पूर्व डिप्लोमैट जी पार्थसारथी ने बुधवार को कहा था कि पाकिस्तान सिर्फ दुनिया को दिखाने के लिए बात करना चाहता है, उसकी मंशा किसी नतीजे पर पहुंचने की नहीं है। लेकिन वे बातचीत बंद करने के खिलाफ हैं। उन्होंने अलगावादी नेताओं को जेल में बंद कर मीटिंग में शामिल होने से रोकने का सुझाव दिया था।

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