नयी दिल्ली 19 नवंबर, न्यायमूूर्ति ए के माथुर की अध्यक्षता में गठित सातवें वेतन आयोग ने आज अपनी रिपोर्ट केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में औसतन 16 प्रतिशत, भत्तों में 63 प्रतिशत और पेंशन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की गयी है। रिपाेर्ट में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए प्रति माह जबकि एपैक्स पदों के अधिकारियों का वेतन प्रति माह दो लाख 25 हजार रुपए तथा कैबिनेट सचिव और उनके समकक्ष अधिकारियों का वेतन दो लाख 50 हजार रुपए प्रति माह करने की सिफारिश की गयी है। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वित्त वर्ष 2016-17 में सरकारी खजाने पर एक लाख 2100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह कुल सकल घरेलू उत्पाद व्यय का 0.65 प्रतिशत होगा। आयोग ने पूर्व सैैनिकों की तर्ज पर केंद्र सरकार के समस्त कर्मचारियों को ‘एक रैंक एक पेंशन’ देने की भी सिफारिश की है। आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2016 से लागू होंगी। कर्मचारियों के मूल वेतन में औसतन 14.27 प्रतिशत की वृद्धि होगी। वेतन का निर्धारण 2.57 प्रतिशत फिटमेंट के फार्मूले के अाधार पर किया जाएगा। कर्मचारियों को तीन प्रतिशत की सालाना वृद्धि दी जाएगी। सैन्य कर्मियों की मिलिट्री सर्विस पे 6000 रुपए से बढाकर 15000 रुपए प्रति माह की गयी है। सेना में नर्सिंग शाखा के कर्मचारियों को इस मद में 10500 रुपए प्रति माह दिया जाएगा। सातवें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट 18 महीने में सौंपने के लिए कहा गया था। यह समय सीमा पूरी होने पर आयोग ने गत अगस्त में चार महीने का और समय मांगा था। इन सिफारिशों से केंद्र सरकार के 47 लाख सेवारत कर्मचारियों और 52 लाख पेंशन भोगियों को लाभ होगा।
आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र बलों के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने की सिफारिश की है। आयोग ने बडा कदम उठाते हुए वेतन निर्धारण में पे बैंड और ग्रेड पे की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है और एक नए वेतन मैट्रिक्स डिजायन किया है। आयोग ने कुल 56 भत्तों को समाप्त करने की सिफारिश की है। आवास भत्ते की एक्स, वाई और जेड श्रेणी के लिए मूल वेतन के क्रमश: 24 प्रतिशत, 16 प्रतिशत और आठ प्रतिशत की सिफारिश की गयी है। रिपोर्ट मिलने के बाद श्री जेटली ने कहा कि इसका अध्ययन करने तथा लागू करने के संबंध में व्यय सचिव अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इसके समस्त पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा और राज्यों के विचार भी मांगे जाएगें। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने पर पडने वाले कुल बोझ में 73 हजार 650 करोड रुपए का प्रावधान आम बजट में और 28 हजार 450 करोड रुपए का प्रावधान रेल बजट में किया जाएगा। प्रतिशत के संदर्भ में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में 23.55 प्रतिशत की वृद्धि होगी। ग्रेच्युटी की सीमा माैजूद 10 लाख रुपए से बढाकर 20 लाख रुपए की गयी है।

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