झारखंड : किसानों को राहत पहुँचाने के लिए कार्रवाई - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 20 नवंबर 2015

झारखंड : किसानों को राहत पहुँचाने के लिए कार्रवाई

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रांची, 20 नवम्बर, झारखंड के योजना-सह-वित्त विभाग के प्रधान सचिव अमित खरे ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छह नवम्बर को किसानों को राहत पहुँचाने के लिए घोषित किए गए उपायों पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को रोजगार, कृषि संसाधन, पेयजल आदि उपलब्ध हो सके। श्री खरे आज यहां राज्य में खरीफ-2015 के दौरान अल्पवृष्टि की समस्या से निपटने के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित करते हुए इस बात पर बल दिया कि तात्कालिक उपायों के अतिरिक्त जल संचयन एवं कृषि फसलों में बदलाव हेतु दीर्घकालीन उपाय भी किए जाने चाहिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि सभी संबंधित विभाग के द्वारा कराए जा रहे कार्यों की सूची, लाभान्वितों की सूची, कार्य स्थल की सूची, आदि की संपूर्ण विवरणी अपने-अपने विभागीय वेबसाईट पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। 

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग प्रधान सचिव, एन एन सिन्हा ने कहा कि प्रभावित पंचायतों में मनरेगा का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसकी सत्ता निगरानी भी की जा रही है। इसके अन्तर्गत उपलब्ध 950.00 करोड़ की राशि में से 700.00 करोड़ की राशि का व्यय भी हो चुका है। इसके अतिरिक्त लगभग 480.00 करोड़ की राशि परिक्रमी निधि के तहत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि विशेष रूप से प्रभावित 126 प्रखण्डों में, प्रत्येक ग्राम में एक कार्य अवश्य प्रारम्भ कराया जाए एवं इसका सतत् अनुश्रवण किया जाए। शेष प्रखण्डों के प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक कार्य निरंतर चालू रखा जाय। विशिष्ट अनुश्रवण हेतु शहरी पंचायतों को छोड़ा जाए। 

श्री सिन्हा ने कहा कि मनरेगा एवं जलछाजन कार्यक्रमों के अन्तर्गत निर्मित एवं पूर्ण 83,138 कूपों एवं 1,22,868 तालाबों की जिलावार संख्या उपलब्ध करायी गयी है एवं उनके लिए कृषि/कल्याण विभागों से पंपसेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। कृषि विभाग ने विशेष प्रभावित प्रखण्डों के लिए कूपों एवं तालाबों की संख्या प्रतिवेदित करने का अनुरोध किया, ताकि इन्हें उपलब्ध कराया जा सके। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि जिलों में बीज का आगमन प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि समिति ने निर्णय लिया है कि कृषि विभाग विशेष रूप से प्रभावित प्रखंडों में बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें। 

260 तालाबों को गहरा करने की योजना अविलम्ब प्रारंभ करके जनवरी, 2016 तक निश्चित रूप से पूर्ण कर लेने का निदेश दिया गया है। किसानों के बीच पम्पसेट का वितरण कार्य प्रगति पर है। अभी तक 6,300 पम्पसेट का वितरण किया जा चुका है। अवशेष 10,000 पम्प सेट का वितरण कार्य माह दिसम्बर तक पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि लगभग 773 चेक डेम विभाग द्वारा बनाए जाने हैं, जिसकी स्वीकृति मंत्रिपरिषद के द्वारा प्रदान की जा चुकी है। 

यह निर्णय लिया गया कि दिसम्बर तक अल्पकालीन निविदा प्रकाशित करते हुए सफल निविदाकर्ता को कार्य आवंटित कर दिया जाए, ताकि कार्य शीघ्र प्रारम्भ हो सके और ग्रामीणों को रोजगार एवं रबी की खेती की जा सके। साथ ही, उनके द्वारा सृजित परिसम्पति का उपयोग कृषि कार्य में किया जा सके। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख ने बताया कि राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों एवं पंचायत स्तर पर पूर्व से लगे हुए नलकूप की मरम्मत कार्य हेतु राशि उपलब्ध कराई गई है। इस कार्य को अभियान के रूप में चलाकर मरम्मत कार्य 15 दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने का निर्णय लिया गया, ताकि पेयजल की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में न हो। 
16 ग्रामीण जलापूर्ति तथा चार शहरी जलापूर्ति योजना कुल 20 जलापूर्ति योजनाओं का कार्य प्रारम्भ करने की बात बताई गई। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि 15 दिसंबर तक निविदा का कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक कार्य प्रारंभ हो सके। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 

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