पटना 11 नवम्बर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि 14 नवम्बर को 15 वीं विधानसभा के विघटन के बाद ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। श्री कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मिलकर उन्हें दीपावली की शुभकामनायें दी और बताया कि 14 नवम्बर को मंत्रिमंडल की बैठक होगी जिसमें 15 वीं विधानसभा के विघटन की सिफारिश की जायेगी । उसके बाद ही नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि 14 नवम्बर को ही 16 वीं विधानसभा के नवनिर्वाचित महागठबंधन के विधायक दल की बैठक होगी और उसमें विधायल दल के नेता का चयन होगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद आगे सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया जायेगा । उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण की तिथि और उसके लिए स्थल का निर्धारण इसके बाद हीं होगा।
श्री कुमार ने भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: के अंदर मची कलह पर कहा कि भाजपा ने बिहार चुनाव को हाई प्रोफाइल बना दिया था, ऐसी परिस्थिति में जब विपरीत परिणाम आये हैं तो उसके अंदर कलह मचना स्वाभाविक है । उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इसको सहज एवं सामान्य ढ़ंग से लेती तो भिन्न परिस्थिति होती लेकिन जिस प्रकार से उन्होंने चुनाव को लिया और बयान दिया उस पर अब वह टिप्पणी नहीं करेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब भाजपा अटल, आडवाणी और जोशी को अपना धरोहर मानती थी। लेकिन अब वे उन्हें कोल्ड स्टोर में डाल दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मसला है इसलिए वह इस पर कुछ और नहीं कहेंगे ।
श्री कुमार ने कहा कि जनता ने उन्हें विशाल जनादेश दिया है जिसे वह विनम्रता पूर्वक स्वीकार करते हैं । वे इस जीत पर बौराने वाले लोगों में नहीं हैं। जमीन से जुड़े हैं और जुड़ें रहेंगे। जीत की खुशी में बौराना और विरोधियों का मजाक उड़ाना उनका स्वभाव नहीं है । उन्होंने कहा कि वह विपक्ष का समान करेंगे और उनके सहयोग के आकांक्षी रहेंगे । बिहार के विकास में सबका सहयोग जरूरी है और मिल जुलकर काम करेंगे।

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