बिहार चुनाव : लालू के पुत्रों का बड़ा इम्तिहान , कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 7 नवंबर 2015

बिहार चुनाव : लालू के पुत्रों का बड़ा इम्तिहान , कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

bihar election
पटना 07 नवंबर, बिहार विधानसभा सभा परिणाम जानने की जितनी उत्सुकता बिहार समेत देश की जनता हैं , उससे अधिक उतावलापन उन राजनीतिक दिग्गजों , उनके पुत्रों , रिश्तेदारों को भी है जिनका पूरा राजनीतिक भविष्य इस चुनाव परिणाम पर टिका है। इस चुनाव में जिन दिग्गजों के परिणाम पर सबकी नजरें टिकी हुयी है , उनमें राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव प्रमुख रूप से शामिल है। राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव जबकि महुआ सीट से तेज प्रताप यादव चुनावी समर में उतरे हैं। अपने करिश्मे के दम पर बिहार की राजनीति और लोगों के दिलों में पिछले 25 वर्षों से विशेष जगह बनाकर रखने वाले राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पिछले दो चुनावों से अपने परिवार के सदस्यों को जीत दिलाने में नाकाम रहे हैं , इसलिए भी इन दोनों सीटों के परिणामो पर सबकी नजर रहेगी।  इसके अलावा नीतीश सरकार में परिवहन मंत्री रमई राम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह ,पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी,बिहार विधानसभा के प्रतिपक्ष के नेता नंद किशोर यादव, राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ,नीतीश सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले विजय कुमार चौधरी , नीतीश सरकार में वित्त एवं उर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव,खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक और पूर्व सांसद लवली आनंद शामिल है ।

मुजफ्फरपुर जिले की बोचहा सुरक्षित सीट से राज्य के परिवहन मंत्री रमई राम की प्रतिष्ठा दांव  पर लगी है । वर्ष 1972 में श्री राम ने इस क्षेत्र से पहली बार हिंदुस्तानी शोषित दल के टिकट पर  चुनाव जीता था । इसके बाद उन्होंने जनता पार्टी, लोक दल, जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल और  जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर वर्ष 1980,1985,1990,1995,2000,2005 फरवरी और अक्टूबर  2005 ,वर्ष 2000 में चुनाव जीता । हालांकि वर्ष 1977 के चुनाव में श्री राम को हार का सामना  करना पड़ा था ।  बिहार की ‘सिल्क नगरी’ के नाम से विख्यात भागलपुर जिले के कहलगांव  विधानसभा सीट से रिकार्ड आठ बार जीत का परचम लहराने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता और  विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सदानदं सिंह नौवीं बार जीत दर्ज कर अपने ही रिकार्ड को तोड़ने के इरादे  से एक बार फिर इस क्षेत्र से चुनावी समर है। इस सीट से वर्ष 1969 से अब तक आठ बार विधायक चुने गये श्री सिंह इस चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस से ही अपना भाग्य आजमाया है। गया जिले की सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इमामंगज सीट से विधानसभा अध्यक्ष एवं  कद्दावर दलित नेता उदय नारायण चौधरी जनता दल(यूनाइटेड).जदयू.से और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री  एवं हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा(हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी चुनाव लड़ रहे हैं जिनके बीच सीधा  मुकाबला है । जहानाबाद जिले के मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से भी श्री मांझी चुनाव लड़ रहे हैं । श्री मांझी ने गत चुनाव में जदयू के टिकट पर राजद के धर्मराज पासवान को 5805 मतों के अंतर से  पराजित किया था । श्री मांझी इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक हम के टिकट  पर चुनावी मैदान में उतरे हैं । पटना जिले की की पटना साहिब सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है और यहां से बिहार विधानसभा के प्रतिपक्षा के नेता नंदकिशोर यादव लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं। श्री यादव ने सबसे पहले चुनाव वर्ष 1995 में भाजपा के टिकट से लड़ा और तब वहां के विधायक एवं जनता दल के प्रत्याशी महताब लाल सिंह को परास्त कर अपनी जीत की नींव रखी। इसके बाद जो जीत का सिलसिला चला वह बदस्तूर वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव तक जारी रहा। इस बार भी पटना साहिब से भाजपा ने नंदकिशोर यादव पर ही भरोसा किया और उन्हें चुनावी समर में उतारा है।

अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी भी चुनावी  समर में हैं । अलीनगर से श्री सिद्दीकी लगातार पांच बार से विधायक हैं। अलीनगर में में इस बार  रोचक लड़ाई है। यहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के दो खास सिपहसालार अब्दुल बारी सिद्दीकी और  पूर्व विधान पार्षद मिश्रीलाल यादव आमने-सामने हैं। श्री मिश्री लाल यादव भाजपा के टिकट पर  चुनाव लड़ रहे हैं  खगड़िया जिले के अलौली (सुरक्षित) सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रदेश अध्यक्ष  एवं केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस की  प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुयी है अलौली विधानसभा क्षेत्र से नौ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं  लेकिन श्री पारस का मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल(राजद) प्रत्याशी चंदन कुमार से माना जा रहा  है ।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग ) के घटक लोजपा के पशुपति कुमार पारस अलौली  विधानसभा क्षेत्र का सात बार प्रतिनिधत्व कर चुके हैं । इस विधानसभा क्षेत्र से रामविलास पासवान  वर्ष 1969 में निर्वाचित हुये थे । श्री पारस ने 1977 में पहली बार इस सीट से चुनाव जीत कर  विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी । इसके बाद उन्होंने वर्ष 1985 , 1990, 1995,  2000, 2005 और वर्ष 2005 के अक्टूबर में हुये विधानसभा के चुनाव में इस सीट से जीत दर्ज  की थी, लेकिन वर्ष 2010 में हुये चुनाव में खुद को उप मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताने वाले  श्री पारस जनता दल यूनाइटेड:जद.यू.के रामचंद्र सदा से 17523 मतों के अंतर से हार का सामना  करना पड़ा था । समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र से राज्य के जल संसाधन मंत्री और नीतीश  सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले विजय कुमार चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुयी है । इस विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन में शामिल जनता दल यूनाईटेड :जदयू : के श्री चौधरी के  अलावा भारतीय जनता पार्टी के रंजीत निर्गुणी समेत 12 प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे हैं । सरायरंजन सीट नीतीश सरकार के लिये अग्निपरीक्षा की तरह है। इस सीट पर महागठबंधन और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई मानी जा रही है लेकिन कई छोटी-बड़ी पार्टियां के मैदान में आने से दोनों  के जीत हार में वोटों का अंतर कम रहने की संभावना जताई जा रही है।

सुपौल विधानसभा क्षेत्र से नीतीश सरकार में मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव चुनावी मैदान में हैं। विजेंद्र प्रसाद यादव वर्ष 1990 से छह बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2010 के  विधानसभा चुनाव में विजेंद्र प्रसाद ने राजद उम्मदीवार रविंद्र कुमार रमण को 15000 से अधिक वोटों से हराया था। भाजपा के टिकट पर पूर्व विधायक किशोर कुमार चुनावी मैदान में उतरे हैं । पटना जिले की फुलवारी सुरक्षित विधानसभा सीट भी इस बार की हॉट सीट में शुमार की जा  रही है । जदयू के वरिष्ठ नेता और नीतीश सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्याम रजक इस क्षेत्र  से छठी बार सदन में दस्तक देने का भरोसा हैं ।वर्ष 1995 में श्याम रजक ने जीत का पहला दस्तक  देकर अपनी विधायक जीवन की शुरुआत की ।  शिवहर जिले की एकमात्र सीट शिवहर विधानसभा सीट पर पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी  लवली आनंद चुनाव लड़ रही हैं। वह 'हम' के टिकट पर मैदान पर उतरी हैं। जदयू ने निवर्तमान  विधायक शर्फुद्दीन को एक बार फिर मैदान में उतारा है।शिवहर विधानसभा क्षेत्र में गत चुनाव में  शर्फुद्दीन ने बहुजन समाज पार्टी(बसपा)उम्मीदवार प्रतिमा देवी को कड़े मुकाबले में 1631 मतों के  अंतर से पराजित किया था । बसपा ने इस बार मो. इमामुद्दीन को अपना उम्मीदवार बनाया है।लवली  आनंद के यहां से चुनाव लड़ने से इस सीट के नतीजे को लेकर लोगों में उत्सुकता है । बिहार में इस बार सतारूढ़ जनता दल यूनाइटेड ,राजद और कांग्रेस महागठबंधन बनाकर  चुनाव मैदान में उतरी है । भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में लोक  जनशक्ति पार्टी , राष्ट्रीय लोक समता पार्टी  और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा  शामिल है । 

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